येरेमियाह 36 – HCV & CCB

Hindi Contemporary Version

येरेमियाह 36:1-32

येरेमियाह के चर्मपत्र का दहन

1योशियाह के पुत्र यहूदिया के राजा यहोइयाकिम के राज्य-काल के चौथे वर्ष में येरेमियाह को याहवेह का यह संदेश भेजा गया: 2“जिस दिन से मैंने तुमसे बात करना प्रारंभ किया है, उसके पहले दिन से ही योशियाह के दिनों से लेकर आज तक मैंने तुमसे इस्राएल, यहूदिया तथा सारे राष्ट्रों के संबंध में जो कुछ कहा है, उसे एक चर्मपत्र कुण्डली लेकर उस पर मेरे सारे संदेश लिख डालो. 3यह संभव है कि यहूदाह के वंशज सारे विपत्ति के विषय में सुनेंगे, जो मैं उन पर प्रभावी करने की योजना बना रहा हूं; कि हर एक व्यक्ति इसे सुन अपनी संकट नीति से विमुख हो जाए और मैं उनकी अधर्मिता तथा उनके पाप को क्षमा कर दूं.”

4फिर येरेमियाह ने नेरियाह के पुत्र बारूख को बुलवाया. याहवेह द्वारा प्रगट हर एक संदेश को जैसे जैसे येरेमियाह बोलते गए, वैसे वैसे बारूख एक चर्मपत्र कुण्डली पर लिखता गया. 5येरेमियाह ने बारूख को यह आदेश दिया, “मुझ पर प्रतिबन्ध लगाया गया है; इसलिये याहवेह के भवन में मेरा प्रवेश निषिद्ध है. 6इसलिये तुम्हें ही याहवेह के भवन में जाना होगा और उपवास के लिए निर्धारित दिवस पर तुम मेरे बोले हुए लेख द्वारा चर्मपत्र कुण्डली पर लिखे गए सारे वचन लोगों के समक्ष पढ़ देना. तुम्हें यही वचन उन लोगों के समक्ष भी पढ़ना होगा, जो यहूदिया के नगरों से वहां आएंगे. 7संभव है उनकी बिनती याहवेह के समक्ष प्रस्तुत की जाए, हर एक व्यक्ति अपने अधर्म से विमुख हो जाए, क्योंकि प्रचंड है याहवेह का क्रोध एवं प्रकोप, जिसकी वाणी इन लोगों के विरुद्ध की जा चुकी है.”

8नेरियाह के पुत्र बारूख ने येरेमियाह भविष्यद्वक्ता के आदेश का पूरी तरह पालन किया, उसने याहवेह के भवन में जाकर इस अभिलेख में से याहवेह के संदेश का वाचन किया. 9योशियाह के पुत्र यहूदिया के राजा यहोइयाकिम के राज्य-काल के पांचवें वर्ष के नवें माह में येरूशलेम के सभी निवासियों ने तथा यहूदिया के नगरों से वहां आए सभी निवासियों ने याहवेह के समक्ष उपवास रखे जाने की घोषणा की. 10तत्पश्चात बारूख ने याहवेह के भवन में लिपिक शापान के पुत्र गेमारियाह के कक्ष में, जो ऊपरी आंगन में था, याहवेह के भवन के नये प्रवेश द्वार के प्रवेश में खड़े होकर उपस्थित सारे जनसमूह के समक्ष येरेमियाह के अभिलेख के संदेश को पढ़ा.

11जब शापान के पौत्र गेमारियाह के पुत्र मीकायाह ने इस अभिलेख से याहवेह का संदेश सुना, 12वह महलों में लिपिकों के कक्ष में चला गया. वहां उसने देखा कि वहां सारे अधिकारी बैठे हुए थे. लिपिक एलीशामा, शेमायाह का पुत्र देलाइयाह, अखबोर को पुत्र एल-नाथान, शापान का पुत्र गेमारियाह, हननियाह का पुत्र सीदकियाहू तथा अन्य सभी अधिकारी भी. 13मीकायाह ने उनके समक्ष उस अभिलेख से बारूख द्वारा लोगों के समक्ष पढ़ी गई संपूर्ण विषय-वस्तु दोहरा दी, जो वह स्वयं सुनकर आया था, 14इस पर सारे अधिकारियों ने कूशी के परपोते, शेलेमियाह के पोते, नेथनियाह के पुत्र, येहूदी को बारूख के लिए इस संदेश के साथ भेजा, “तुमने जिस चर्मपत्र कुण्डली से लोगों के समक्ष पढ़ा है, उसे लेकर यहां आ जाओ.” इसलिये नेरियाह का पुत्र बारूख उस चर्मपत्र कुण्डली को लेकर उनकी उपस्थिति में पहुंच गया. 15उन्होंने उससे आग्रह किया, “कृपया बैठ जाओ और इसे हमें पढ़कर सुनाओ.”

तब बारूख ने उसे उनके समक्ष पढ़ दिया. 16जब उन्होंने संपूर्ण विषय-वस्तु सुन ली, तब वे भयभीत होकर एक दूसरे की ओर देखने लगे और उन्होंने बारूख से कहा, “निश्चयतः हम यह सब राजा को सूचित कर देंगे.” 17उन्होंने बारूख से यह भी पूछा, “हमें कृपा कर यह भी बताओ, यह सब तुमने लिखा कैसे? क्या यह येरेमियाह द्वारा बोली हुई बातों का लेख है?”

18तब बारूख ने उन्हें उत्तर दिया, “उन्होंने ही मुझे यह सारे वचन कहे हैं, जिन्हें मैंने स्याही से सूची में लिख दिया है.”

19तब अधिकारियों ने बारूख को आदेश दिया, “तुम और येरेमियाह जाकर कहीं छिप जाओ और किसी को भी यह ज्ञात न होने पाए कि तुम कहां हो.”

20अधिकारियों ने जाकर चर्मपत्र कुण्डली को लिपिक एलीशामा के कक्ष में सुरक्षित रख दिया और फिर राज्यसभा में जाकर राजा को चर्मपत्र कुण्डली में लिखित संपूर्ण विषय-वस्तु की सूचना दे दी. 21राजा ने येहूदी को यह चर्मपत्र कुण्डली लाने का आदेश दिया, उसने जाकर इसे लिपिक एलीशामा के कक्ष से बाहर निकाल लिया. तब येहूदी ने राजा एवं राजा की उपस्थिति में खड़े सारे अधिकारियों के समक्ष चर्मपत्र कुण्डली अभिलेख पढ़ दिया. 22यह नवें माह का अवसर था और राजा अपने शीतकालीन आवास में विराजमान था; उसके समक्ष अंगीठी में अग्नि प्रज्वलित थी. 23जब येहूदी तीन अथवा चार अंश पढ़ लेता था, राजा उतने चर्मपत्र को लिपिक के चाकू से काटकर अंगीठी की अग्नि में डाल देता था, इस प्रकार होते-होते संपूर्ण चर्मपत्र कुण्डली अंगीठी की अग्नि में भस्म हो गई. 24इतना सब होने पर भी राजा तथा उसके सारे सेवकों पर कोई प्रभाव न पड़ा, न वे भयभीत हुए और न उनमें से किसी ने शोक में अपने वस्त्र ही फाड़े. 25यहां तक कि एल-नाथान, देलाइयाह तथा गेमारियाह, राजा से चर्मपत्र कुण्डली को दहन न करने का आग्रह करते रहे, राजा ने उनकी एक न सुनी. 26राजा ने राजपुत्र येराहमील को, आज़रियल के पुत्र सेराइयाह तथा अबदील के पुत्र शेलेमियाह को आदेश दिया, कि वे लिपिक बारूख को तथा भविष्यद्वक्ता येरेमियाह को पकड़ लें, किंतु इस समय वे याहवेह द्वारा छिपा दिए गए थे.

27येरेमियाह के बोले हुए लेख जो बारूख द्वारा लिखित चर्मपत्र कुण्डली में था, जिसका दहन जब राजा यहोइयाकिम ने कर चुका, तब येरेमियाह को याहवेह का यह संदेश प्राप्‍त हुआ: 28“अब एक नयी चर्मपत्र कुण्डली लो और उस पर वे ही संदेश लिपिबद्ध कर दो, जो उस चर्मपत्र कुण्डली पर लिखे गए थे, जिसको यहूदिया के राजा यहोइयाकिम द्वारा दहन कर दिया गया है. 29यहूदिया के राजा यहोइयाकिम के विषय में तुम्हें यह कहना होगा, ‘यह याहवेह का संदेश है: तुमने तो यह कहते हुए चर्मपत्र कुण्डली का दहन कर दिया है, “तुमने इसमें ऐसा क्यों लिख दिया, कि बाबेल का राजा निश्चयतः आएगा तथा इस देश को ध्वस्त कर देगा तथा उस देश से मनुष्यों एवं पशुओं का अस्तित्व ही समाप्‍त हो जाएगा?” 30इसलिये यहूदिया के राजा यहोइयाकिम के विषय में याहवेह की पूर्ववाणी यह है: दावीद के सिंहासन पर विराजमान होने के लिए उसका कोई भी वंशज नहीं रह जाएगा तथा उसका शव दिन की उष्णता तथा रात्रि के पाले में पड़ा रह जाएगा. 31मैं उसे, उसके वंशजों तथा उसके सेवकों को उनके अधर्म के लिए दंड भी दूंगा; मैं उन पर, येरूशलेम वासियों पर तथा यहूदिया की प्रजा पर वे सभी विपत्तियां प्रभावी कर दूंगा, जिनकी वाणी मैं कर चुका हूं, क्योंकि उन्होंने मेरी चेतावनियों की अवहेलना की है.’ ”

32तब येरेमियाह ने नेरियाह के पुत्र लिपिक बारूख को एक अन्य चर्मपत्र कुण्डली दी, जिस पर उसने येरेमियाह के बोले हुए वचन लिखे, इसमें उसने वे सभी संदेश पुनः लिख दिए, जो उस चर्मपत्र कुण्डली में लिखे थे, जिसे यहूदिया के राजा यहोइयाकिम ने अग्नि में दहन कर दिया था. इसके सिवा इसमें इसी प्रकार के अन्य संदेश भी सम्मिलित कर दिए गए.

Chinese Contemporary Bible 2022 (Simplified)

耶利米书 36:1-32

耶利米的书卷被焚毁

1约西亚的儿子犹大约雅敬执政第四年,耶和华对耶利米说: 2“你拿一个卷轴来,把从约西亚执政时期直到现在我告诉你有关以色列犹大和各国的事都写在上面。 3或许犹大人听了我打算要降给他们的灾祸,便各自改邪归正,我就赦免他们的过犯和罪恶。” 4耶利米就叫来尼利亚的儿子巴录巴录耶利米的口述把耶和华吩咐他的话都写在卷轴上, 5耶利米对他说:“我被囚禁,不能进入耶和华的殿, 6所以你要在禁食的日子,去耶和华的殿向百姓宣读我口授你记录在卷轴上的耶和华的话。你要向犹大各城来的人宣读。 7或许他们会恳求耶和华施怜悯,并各自改邪归正,因为耶和华宣布要向他们大发怒气和烈怒。” 8尼利亚的儿子巴录耶利米先知的吩咐,在耶和华的殿中宣读卷轴上耶和华的话。

9约西亚的儿子犹大约雅敬执政第五年九月,耶路撒冷犹大各城的人都在耶和华面前宣告禁食。 10巴录来到耶和华殿新门入口处的上院,在沙番的儿子书记基玛利雅的房间,向众人宣读卷轴上耶利米的话。 11沙番的孙子、基玛利雅的儿子米该亚听了卷轴上耶和华的话, 12就下到王宫,进入书记的房间。房间内坐着所有官长,即书记以利沙玛示玛雅的儿子第莱雅亚革波的儿子以利拿单沙番的儿子基玛利雅哈拿尼雅的儿子西底迦及其他官长。 13米该亚巴录向众人宣读的话都告诉了他们。 14众官长就派古示的曾孙、示利米雅的孙子、尼探雅的儿子犹底去请巴录把当众宣读的卷轴拿来。尼利亚的儿子巴录拿着卷轴到他们那里, 15他们请他坐下,把卷轴读给他们听。巴录就读给他们听。 16他们听后吓得面面相觑,对巴录说:“我们必须把这些话禀告王!” 17他们问巴录:“请告诉我们,你是怎么写下这些话的?是耶利米口授的吗?” 18巴录说:“都是耶利米口授、我用笔墨记录在卷轴上的。” 19他们说:“你和耶利米都要藏起来,不可让人知道你们在哪里。”

20他们把卷轴存放在书记以利沙玛的房间,然后进宫把整件事禀告王。 21王就派犹底去把卷轴取来,犹底便从书记以利沙玛的房间取来卷轴,读给王和侍立在王周围的官长听。 22那时正是九月,王坐在冬宫,面前摆着一盆炭火。 23-24王和臣仆听了这些话,既不惧怕,也没有撕裂衣服。犹底每读三四段,王就用书记的小刀把那几段割下来扔进火盆里,直到全卷被烧毁。 25虽然以利拿单第莱雅基玛利雅恳求王不要把卷轴烧掉,王却不听, 26还命令自己的儿子耶拉篾亚斯列的儿子西莱雅亚伯德的儿子示利米雅,去拘捕书记巴录耶利米先知。但耶和华把他们藏了起来。

27王把耶利米口述、巴录记录的卷轴烧掉后,耶和华对耶利米说: 28“你再拿一卷轴,把犹大约雅敬先前烧毁的卷轴上的话写下来。 29你要告诉犹大约雅敬,‘耶和华说:你把卷轴烧掉,还说为什么上面写着巴比伦王必来毁灭这地方和其中的人畜。 30所以关于犹大约雅敬,耶和华说:他的子孙没有一人能登大卫的宝座,他必曝尸荒野,遭受烈日的暴晒和夜霜的侵袭。 31我要因他、他后裔和他臣仆的罪恶而惩罚他们。因为他们不听我的警告,我要给他们以及耶路撒冷犹大的居民降下我说过的灾祸。’”

32于是,耶利米又拿了一个卷轴,交给尼利亚的儿子书记巴录,他按耶利米的口述,把犹大约雅敬烧毁的那卷轴上的话都记下来,还增添了许多类似的话。