Nova Versão Internacional

Mateus 1:1-25

A Genealogia de Jesus

(Lc 3.23-38)

1Registro da genealogia de Jesus Cristo, filho de Davi, filho de Abraão:

2Abraão gerou Isaque;

Isaque gerou Jacó;

Jacó gerou Judá e seus irmãos;

3Judá gerou Perez e Zerá, cuja mãe foi Tamar;

Perez gerou Esrom;

Esrom gerou Arão;

4Arão gerou Aminadabe;

Aminadabe gerou Naassom;

Naassom gerou Salmom;

5Salmom gerou Boaz, cuja mãe foi Raabe;

Boaz gerou Obede, cuja mãe foi Rute;

Obede gerou Jessé;

6e Jessé gerou o rei Davi.

Davi gerou Salomão, cuja mãe tinha sido mulher de Urias;

7Salomão gerou Roboão;

Roboão gerou Abias;

Abias gerou Asa;

8Asa gerou Josafá;

Josafá gerou Jorão;

Jorão gerou Uzias;

9Uzias gerou Jotão;

Jotão gerou Acaz;

Acaz gerou Ezequias;

10Ezequias gerou Manassés;

Manassés gerou Amom;

Amom gerou Josias;

11e Josias gerou Jeconias1.11 Isto é, Joaquim; também no versículo 12. e seus irmãos no tempo do exílio na Babilônia.

12Depois do exílio na Babilônia:

Jeconias gerou Salatiel;

Salatiel gerou Zorobabel;

13Zorobabel gerou Abiúde;

Abiúde gerou Eliaquim;

Eliaquim gerou Azor;

14Azor gerou Sadoque;

Sadoque gerou Aquim;

Aquim gerou Eliúde;

15Eliúde gerou Eleazar;

Eleazar gerou Matã;

Matã gerou Jacó;

16e Jacó gerou José, marido de Maria, da qual nasceu Jesus, que é chamado Cristo.

17Assim, ao todo houve catorze gerações de Abraão a Davi, catorze de Davi até o exílio na Babilônia, e catorze do exílio até o Cristo1.17 Ou Messias. Tanto Cristo (grego) como Messias (hebraico) significam Ungido; também em todo o livro de Mateus..

O Nascimento de Jesus Cristo

(Lc 2.1-7)

18Foi assim o nascimento de Jesus Cristo: Maria, sua mãe, estava prometida em casamento a José, mas, antes que se unissem, achou-se grávida pelo Espírito Santo. 19Por ser José, seu marido, um homem justo, e não querendo expô-la à desonra pública, pretendia anular o casamento secretamente. 20Mas, depois de ter pensado nisso, apareceu-lhe um anjo do Senhor em sonho e disse: “José, filho de Davi, não tema receber Maria como sua esposa, pois o que nela foi gerado procede do Espírito Santo. 21Ela dará à luz um filho, e você deverá dar-lhe o nome de Jesus1.21 Jesus é a forma grega de Josué, que significa o Senhor salva., porque ele salvará o seu povo dos seus pecados”.

22Tudo isso aconteceu para que se cumprisse o que o Senhor dissera pelo profeta: 23“A virgem ficará grávida e dará à luz um filho, e o chamarão Emanuel”1.23 Is 7.14, que significa “Deus conosco”.

24Ao acordar, José fez o que o anjo do Senhor lhe tinha ordenado e recebeu Maria como sua esposa. 25Mas não teve relações com ela enquanto ela não deu à luz um filho. E ele lhe pôs o nome de Jesus.

Hindi Contemporary Version

मत्तियाह 1:1-25

येशु की वंशावली

1अब्राहाम की संतान, दावीद के वंशज येशु मसीह की वंशावली:

2अब्राहाम से यित्सहाक,

यित्सहाक से याकोब,

याकोब से यहूदाह तथा उनके भाई उत्पन्न हुए,

3तामार द्वारा यहूदाह से फ़ारेस तथा ज़ारा उत्पन्न हुए,

फ़ारेस से हेज़रोन,

हेज़रोन से हाराम,

4हाराम से अम्मीनादाब,

अम्मीनादाब से नाहश्शोन,

नाहश्शोन से सलमोन,

5सलमोन और राहाब से बोअज़,

बोअज़ और रूथ से ओबेद,

ओबेद से यिशै तथा

6यिशै से राजा दावीद उत्पन्न हुए.

दावीद और उरियाह की निवर्तमान पत्नी से शलोमोन उत्पन्न हुए,

7शलोमोन से रोबोआम,

रोबोआम से हबीया,

हबीया से आसफ,

8आसफ से यहोशाफ़ात,

यहोशाफ़ात से योराम,

योराम से उज्जियाह,

9उज्जियाह से योथाम,

योथाम से आख़ाज़,

आख़ाज़ से हेज़ेकिया,

10हेज़ेकिया से मनश्शेह,

मनश्शेह से अमोन,

अमोन से योशियाह,

11योशियाह से बाबेल पहुंचने के समय यख़ोनिया तथा उसके भाई उत्पन्न हुए.

12बाबेल पहुंचने के बाद:

यख़ोनिया से सलाथिएल उत्पन्न हुए,

सलाथिएल से ज़ेरोबाबेल,

13ज़ेरोबाबेल से अबिहूद,

अबिहूद से एलियाकिम,

एलियाकिम से आज़ोर,

14आज़ोर से सादोक,

सादोक से आख़िम,

आख़िम से एलिहूद,

15एलिहूद से एलियाज़र,

एलियाज़र से मत्थान,

मत्थान से याकोब,

16और याकोब से योसेफ़ उत्पन्न हुए, जिन्होंने मरियम से विवाह किया, जिनके द्वारा येशु, जिन्हें मसीह कहा जाता है उत्पन्न हुए.

17अब्राहाम से लेकर दावीद तक कुल चौदह पीढ़ियां, दावीद से बाबेल पहुंचने तक चौदह तथा बाबेल पहुंचने से मसीह1:17 यूनानी रूप ख्रिस्त तथा इब्री रूप मसीह का अर्थ होता है “अभिषिक्त”. तक चौदह पीढ़ियां हुईं.

मसीह येशु का जन्म

18मसीह येशु का जन्म इस प्रकार हुआ: उनकी माता मरियम का विवाह योसेफ़ से तय हो चुका था किंतु इससे पहले कि उनमें सहवास होता, यह मालूम हुआ कि मरियम गर्भवती हैं—यह गर्भ पवित्र आत्मा द्वारा था. 19उनके पति योसेफ़ एक धर्मी पुरुष थे. वे नहीं चाहते थे कि मरियम को किसी प्रकार से लज्जित होना पड़े. इसलिये उन्होंने किसी पर प्रकट किए बिना मरियम को त्याग देने का निर्णय किया.

20किंतु जब उन्होंने यह निश्चय कर लिया, प्रभु के एक स्वर्गदूत ने स्वप्न में प्रकट हो उनसे कहा, “योसेफ़, दावीद के वंशज! मरियम को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकारने में डरो मत; क्योंकि, जो उनके गर्भ में हैं, वह पवित्रात्मा से हैं. 21वह एक पुत्र को जन्म देंगी. तुम उनका नाम येशु रखना क्योंकि वह अपने लोगों को उनके पापों से उद्धार देंगे.”1:21 इब्री स्वरूप योशुआ का यूनानी रूप येशु है जिसका अर्थ है “याहवेह उद्धार प्रदाता हैं.”

22यह सब इसलिये घटित हुआ कि भविष्यवक्ता के माध्यम से कहा गया प्रभु का यह वचन पूरा हो जाए: 23“एक कुंवारी कन्या गर्भधारण करेगी, पुत्र को जन्म देगी और उसे इम्मानुएल नाम से पुकारेगी.” इम्मानुएल का अर्थ है परमेश्वर हमारे साथ.1:23 यशा 7:14

24जागने पर योसेफ़ ने वैसा ही किया जैसा स्वर्गदूत ने उन्हें आज्ञा दी थी—उन्होंने मरियम को पत्नी के रूप में स्वीकार किया, 25किंतु पुत्र-जन्म तक उनका कौमार्य1:25 कौमार्य: कुंवारी होने की अवस्था सुरक्षित रखा और उन्होंने पुत्र का नाम येशु रखा.