Romeinen 15 – HTB & NCA

Het Boek

Romeinen 15:1-33

Gods genade voor alle volken

1Als wij sterk zijn in ons geloof, moeten wij rekening houden met de gevoeligheid van anderen die minder sterk zijn. Wij moeten niet aan onszelf denken. 2Wij moeten de anderen aanmoedigen zodat zij ook sterk worden. 3Want ook Christus heeft niet zijn eigen belang gezocht. Van Hem staat in de Boeken: ‘de beledigingen die op God gericht waren, kwamen op mij terecht.’ 4De Boeken zijn geschreven om ons te leren. Wij lezen daar hoe mensen die God onder alles trouw bleven, steeds weer bemoedigd werden. En dat geeft ons nieuwe moed en goede hoop. 5Het is mijn vurige verlangen dat God, die ons volharding en moed geeft, ervoor zal zorgen dat u één van hart en ziel Christus zult volgen. 6Dan kunt u, eensgezind en eenstemmig, de God en Vader van onze Here Jezus Christus loven en prijzen.

7Aanvaard elkaar dus net zoals Christus ons allen aanvaard heeft. Dat is tot eer van God. 8Christus is een Dienaar van de Joden geworden om te laten zien dat God de waarheid spreekt. Hij heeft bewezen dat het waar is wat God aan Abraham, Isaak en Jakob had beloofd. 9Een andere reden is dat ook de overige volken God zouden danken en eren voor zijn genade. ‘Daarom zal Ik uw naam prijzen onder andere volken,’ staat er in de Boeken, ‘en ik zal uw naam bejubelen.’

10Ergens anders staat geschreven: ‘Volken van de wereld, wees blij met het volk van God!’ 11En weer ergens anders: ‘Prijs de Here, alle volken! Laten alle mensen Hem loven!’ 12De profeet Jesaja zei: ‘Een nakomeling van Isaï zal opstaan om over de volken te regeren. Hun hoop zal op Hem gevestigd zijn.’ 13Het is mijn verlangen dat God, die ons hoop geeft, u door uw geloof vol zal maken van blijdschap en vrede. Dan zal uw hoop steeds sterker worden door de kracht van de Heilige Geest.

14Broeders en zusters, ik ben ervan overtuigd dat u vol goedheid bent en veel kennis bezit. U kunt elkaar ook heel goed terechtwijzen. 15Maar een van de redenen waarom ik zo vrij ben geweest u bepaalde dingen te schrijven, is dat ik het nodig vond uw geheugen op te frissen. Dat kon ik doen dankzij de genade die God mij heeft gegeven. 16Ik ben een dienaar van Christus Jezus, die de andere volken het goede nieuws van God moet brengen. Daardoor mag ik hen aan God voorstellen als een offer dat Hij kan aanvaarden, een offer dat voorbereid is door de Heilige Geest. 17Door Christus Jezus mag ik mij daarop beroemen bij God. 18Ik haal het niet in mijn hoofd over iets anders te spreken dan over wat Christus door mij tot stand heeft gebracht. Hij heeft, door mijn woorden en daden, mensen uit allerlei volken tot gehoorzaamheid aan God gebracht, 19door overtuigende bewijzen en wonderen, door de kracht van de Heilige Geest. Zo heb ik overal, van Jeruzalem tot aan Illyrië, het goede nieuws van Christus gebracht. 20Ik heb steeds mijn uiterste best gedaan om het goede nieuws bekend te maken op plaatsen waar men nog nooit van Christus had gehoord. Als iemand mij voor is geweest, wil ik niet op zijn werk verder bouwen. 21Ik houd mij aan wat in de Boeken staat: ‘De mensen die niets van Hem wisten, zullen Hem zien. Wie het niet hadden gehoord, zullen het begrijpen.’ 22Dat is de reden dat ik telkens weer verhinderd werd naar u toe te komen. 23Maar ik ben nu klaar met wat ik hier moest doen. 24Als ik ooit naar Spanje ga, kom ik bij u langs, want daar verlang ik al jaren naar. Ik hoop u op doorreis te ontmoeten en, na eerst een tijdje van uw gezelschap te hebben genoten, door u uitgeleide te worden gedaan. 25Voorlopig is het nog niet zover. Ik ben nu onderweg naar Jeruzalem om de gelovigen daar geld te brengen. 26Want het leek de Griekse gelovigen goed iets voor hun arme geloofsgenoten in Jeruzalem te doen.

27Hoewel zij het graag hebben gedaan, is het eigenlijk niet meer dan hun plicht. Zij hebben van de gelovigen in Jeruzalem iets geestelijks gekregen: het goede nieuws over Jezus Christus. Nu, dan moeten zij de gelovigen in Jeruzalem iets natuurlijks teruggeven: een bijdrage in hun levensonderhoud. 28Als ik dat geregeld heb, ga ik op weg naar Spanje en hoop bij u langs te komen. 29Ik weet dat ik bij u zal komen, met de overvloed van al het goede dat Christus heeft gedaan. 30Ter wille van onze Here Jezus Christus en ter wille van de liefde die de Heilige Geest ons heeft gegeven, doe ik een dringend beroep op u. Wilt u mij helpen door vurig voor mij te bidden? 31Vraag God mij te beschermen tegen de vijanden van Christus in Judea. Vraag Hem ook ervoor te zorgen dat de gelovigen in Jeruzalem het op prijs zullen stellen wat ik voor hen doe. 32Daarna kan ik vol blijdschap naar u toe komen en, als God het goed vindt, wat uitrusten. 33Ik bid dat de God van de vrede met u allen zal zijn. Amen.

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

रोमीमन 15:1-33

1हमन ला जऊन मन बिसवास म मजबूत हवन, ओमन के कमजोरी ला सहन करना चाही, जऊन मन बिसवास म कमजोर हवंय अऊ हमन ला अपन-आप ला खुस नइं करना चाही। 2हमन ले हर एक झन ला अपन पड़ोसी ला खुस करना चाही, ताकि ओकर भलई होवय अऊ ओह बिसवास म बढ़य। 3काबरकि मसीह ह अपन-आप ला खुस नइं करिस, पर जइसने कि परमेसर के बचन म लिखे हवय, “मनखेमन तोर जऊन बेजत्ती करिन, ओ बेजत्ती ह मोर ऊपर आ गीस।”15:3 भजन-संहिता 69:9 4परमेसर के बचन म जऊन बातमन पहिली ले लिखे गे हवंय, ओमन हमर सिकछा बर अंय, ताकि हमन धीरता अऊ बचन के उत्साह के जरिये मसीह यीसू के आसा म बने रहन।

5परमेसर जऊन ह हमन ला धीरज अऊ उत्साह देथे, तुमन ला अइसने आतमा देवय कि तुमन मसीह यीसू के हुकूम ला मानत एकता म बने रहव, 6ताकि एक संग तुमन एक स्वर म हमर परभू यीसू मसीह के ददा परमेसर के इस्तुति कर सकव।

7जइसने मसीह ह तुमन ला परमेसर के महिमा खातिर गरहन करिस, वइसने तुमन घलो एक-दूसर ला गरहन करव। 8काबरकि मेंह तुमन ला बतावत हंव कि मसीह ह परमेसर के सच्‍चई ला परगट करे बर यहूदीमन के सेवक बनिस, ताकि ओह परमेसर के दुवारा हमर पुरखामन ला दिये गय परतिगियां ला पूरा करय, 9अऊ आनजातमन के ऊपर परमेसर के दया होवय अऊ ओमन परमेसर के महिमा करंय, जइसने कि परमेसर के बचन म लिखे हवय:

“एकरसेति आनजातमन के बीच म,

मेंह तोर महिमा करहूं, अऊ तोर नांव के भजन गाहूं।”15:9 2समूएल 22:50; भजन-संहिता 18:49

10परमेसर के बचन म ए घलो कहे गे हवय,

“हे आनजातमन,

तुमन परमेसर के मनखेमन के संग आनंद मनावव।”15:10 ब्यवस्था 32:43

11परमेसर के बचन म ए घलो कहे गे हवय,

“हे आनजात के जम्मो मनखेमन,

परभू के इस्तुति करव; अऊ तुमन जम्मो झन ओकर परसंसा करव।”15:11 भजन-संहिता 117:1

12अऊ यसायाह अगमजानी ह कहे हवय,

“यिसै के बंस म ले एक झन आही;

ओह जम्मो जाति के मनखेमन ऊपर राज करे बर उठही

अऊ आनजातमन ओकर ऊपर अपन आसा रखहीं।”15:12 यसायाह 11:10

13परमेसर जऊन ह आसा देथे, तुम्‍हर बिसवास के कारन तुमन ला पूरा आनंद अऊ सांति ले भर देवय, ताकि पबितर आतमा के सामरथ के दुवारा मसीह म तुम्‍हर आसा अऊ बढ़ते रहय।

आनजातमन के सेवक – पौलुस

14हे मोर भाईमन हो! मोला पूरा बिसवास हवय कि तुमन म भलई के बात भरे हवय अऊ तुम्‍हर करा परमेसर के बारे म जम्मो गियान हवय अऊ तुमन एक-दूसर ला सिखोय के काबिल हवव। 15पर कुछू बातमन ला मेंह फेर सुरता कराय बर तुमन ला बड़े हिम्मत के साथ लिखे हवंव। परमेसर ह मोला अनुग्रह दीस, 16कि आनजातमन बर मेंह मसीह यीसू के सेवक बनंव अऊ एक पुरोहित के रूप म परमेसर के सुघर संदेस के परचार करंव, ताकि आनजातमन परमेसर ला गरहन योग्य अइसने बलिदान बन जावंय, जऊन ह पबितर आतमा के दुवारा सुध करे गे हवय।

17तब मेंह मसीह यीसू के संगति म रहिके परमेसर बर मोर जऊन सेवा हवय, ओकर ऊपर घमंड कर सकत हंव। 18जऊन काम ला मसीह मोर जरिये करे हवय, ओकर छोंड़ मेंह अऊ कोनो बिसय म गोठियाय के हिम्मत नइं करंव। मसीह ह आनजातमन ला परमेसर करा लाने बर मोर उपयोग करिस – ओह ए बुता ला मोर बचन अऊ काम के दुवारा करिस; 19मोर दुवारा पबितर आतमा के सामरथ म चिन्‍हां अऊ चमतकार होईस। ए किसम ले, मेंह यरूसलेम सहर ले लेके इल्लुरिकुम प्रदेस तक, मसीह के सुघर संदेस के पूरा परचार करे हवंव। 20एह हमेसा मोर ईछा अय कि मेंह सुघर संदेस के परचार उहां करंव, जिहां मनखेमन मसीह के बारे म नइं सुने हवंय। मेंह नइं चाहथंव कि जिहां सुघर संदेस के परचार हो गे हवय, उहां जाके मेंह कलीसिया के इस्‍थापना करंव। 21पर जइसने परमेसर के बचन म लिखे हवय,

“जऊन मन ला ओकर सुघर संदेस के परचार नइं करे गीस, ओमन ओकर दरसन करहीं,

अऊ जऊन मन सुघर संदेस नइं सुने हवंय, ओमन समझहीं।”15:21 यसायाह 52:15

22एकरे कारन कतको बार ले बाधा डाले गीस अऊ मेंह तुम्‍हर करा नइं आ सकंय।

रोम देस जाय बर पौलुस के योजना

23पर अब, ए इलाका म मोर काम करे बर अऊ कोनो जगह नइं बचे हवय। कतेक साल ले तुम्‍हर करा आय के मोर मन हवय, 24एकरसेति जब मेंह स्पेन देस जाहूं, त तुम्‍हर इहां ले होवत जाहूं। मोला आसा हवय कि तुम्‍हर संग कुछू समय बिताके मोला आनंद मिलही, अऊ तुमन आघू के मोर यातरा म मदद करहू। 25अभी तो मेंह संतमन के सेवा करे बर यरूसलेम सहर जावत हंव। 26काबरकि मकिदुनिया अऊ अखया के कलीसिया के मनखेमन ला ए बने लगिस कि यरूसलेम के गरीब संतमन बर कुछू दान पठोवंय। 27ओमन दान पठोके खुस हवंय अऊ वास्तव म, ओमन यरूसलेम के संतमन के करजदार अंय। काबरकि जब आनजातमन यहूदीमन के आतमिक आसिस म भागीदार होय हवंय, त आनजातमन बर ए उचित अय कि ओमन अपन संसारिक धन के दुवारा यहूदीमन के मदद करंय। 28ए बुता ला पूरा करके अऊ ए चंदा ला ओ गरीब संतमन ला देके, उहां ले स्पेन देस जाहूं, अऊ उहां जावत बेरा डहार म तुम्‍हर करा आहूं। 29मोला बिसवास हवय कि जब मेंह तुम्‍हर करा आहूं, त मसीह के जम्मो आसिस के संग आहूं।

30हे भाईमन हो! हमर परभू यीसू मसीह अऊ पबितर आतमा के मया के सुरता कराके, मेंह तुम्‍हर ले बिनती करत हंव कि मोर खातिर परमेसर ले पराथना करे म उत्साह के संग मोर साथ देवव। 31पराथना करव कि मोला यहूदिया प्रदेस म अबिसवासीमन ले कोनो हानि झन होवय, अऊ जऊन सेवा, मेंह यरूसलेम म करंव ओकर ले उहां के संतमन खुस होवंय। 32तब परमेसर के ईछा के मुताबिक, मेंह तुम्‍हर करा आ सकंव अऊ तुम्‍हर संगति पाके तरो-ताजा होवंव। 33सांति के देवइया परमेसर तुमन जम्मो झन संग रहय। आमीन।