Књига пророка Јоила 3 NSP – योएल 3 HCV

Књига пророка Јоила
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Књига пророка Јоила 3:1-21

Суд народима

1Јер, гле, у тим данима и у то време

када вратим изгнанике Јуде и Јерусалима,

2окупићу све народе.

Спустићу их у долину Јосафатову3,2 Игра речи на изворном језику, јер име Јосафат значи: Господ је судио.

да се тамо судим с њима,

због мог народа Израиља, наследства мога,

које су расули међу народе

и моју земљу разделили.

3За мој су народ бацали жреб,

дечаке за блудницу мењали,

девојчице продавали за вино, па се опијали.

4И шта сад са мном ви имате, Тире и Сидоне и сви крајеви филистејски? Да ли бисте да ми узвратите? Ако ли ми узвраћате, брзо ћу вам дела ваша олупати о главу! 5Јер сте узели моје злато и моје благо, моја сте добра унели у храмове своје. 6Јудин народ и народ Јерусалима сте продали Грцима, да бисте их одвели далеко од њихове међе.

7Ево, подижем их са места где сте их продали и дела ћу вам ваша олупати о главу вашу. 8Продаћу ваше синове и ћерке ваше у руке Јудејаца, а они ће их продати Савејцима, далеком народу“ – јер тако каже Господ.

9Објавите ово међу народима:

„За рат се спремите!

Људе снажне позовите!

Нек приступе и нека крену ратници.

10Раонике своје у мачеве прекујте

и српове у копља.

Нека нејаки човек каже:

’Снажан сам!’

11Пожурите одасвуд и дођите, о, народи сви!

Окупите се тамо.“

О, Господе, доведи доле своје јунаке!

12„Нек се дигну народи,

нека изађу у долину Јосафатову,

јер ћу тамо сести

да судим свим народима унаоколо.

13Латите се српа

јер је жетва зрела.

Дођите, муљајте,

муљаре су пуне

и каце се преливају

јер је велика њихова злоба.“

14Мноштва су, мноштва су

у долини одлуке

јер је близу дан Господњи

у долини одлуке.

15Помрачују се сунце и месец,

а звезде гасну сјајем својим.

16Рикнуће Господ са Сиона и из Јерусалима;

повикаће гласом својим

и потрешће се и небо и земља.

Али Господ је уточиште народу своме

и заштита деци Израиљевој.

Благослови за Божији народ

17„Схватићете да сам ја Господ, ваш Бог

који пребива на Сиону, на мојој светој гори.

И Јерусалим ће бити свето место

и туђинци више неће њиме пролазити.

18И тога ће дана капати планине слатким вином,

а брдима ће тећи млеко.

Сви Јудини брзаци ће брујати водом,

тећи ће извор од Дома Господњег

и натапати долину ситимску.

19У пустош ће се Египат претворити

и Едом у пустару дивљу,

због насиља над народом Јуде

у чијој су земљи крв невину пролили.

20Почиваће довека Јуда

и Јерусалим од нараштаја до нараштаја.

21Крв њихову још неосвећену

неосвећеном нећу оставити.“

Господ на Сиону пребива!

Hindi Contemporary Version

योएल 3:1-21

जाति-जाति के लोगों का न्याय किया जाना

1“उन दिनों में और उस समय पर,

जब मैं यहूदिया और येरूशलेम के लोगों को बंधुआई से लौटा लाऊंगा,

2तब मैं सब जाति के लोगों को इकट्ठा करूंगा

और उन्हें नीचे यहोशाफ़ात3:2 अर्थ: परमेश्वर न्याय करता है की घाटी में ले आऊंगा.

वहां मैं उनकी परीक्षा करूंगा

उन्होंने मेरे निज भाग अर्थात मेरे लोग इस्राएलियों के साथ जो कुछ किया, उसके लिये.

क्योंकि उन्होंने मेरे लोगों को जात-जाति के लोगों के बीच तितर-बितर कर दिया है

और उन्होंने मेरे देश को बांट दिया है.

3वे मेरे लोगों के लिये पांसा फेंकते हैं

और उन्होंने वेश्याओं के बदले में लड़कों को दे दिया है;

उन्होंने दाखमधु पीने के लिये लड़कियों को बेच दिया है.

4“हे सोर और सीदोन और फिलिस्तिया के सारे क्षेत्र के लोगों, अब तुम्हारे पास मेरे विरुद्ध में क्या है? क्या तुम उस बात का बदला चुका रहे हो, जो मैंने किया है? यदि तुम मुझे वापस बदला चुका रहे हो, तो मैं शीघ्र ही, तेजी से, तुम्हारे द्वारा किए गए कामों को वापस तुम्हारे ही सिर पर डाल दूंगा. 5क्योंकि तुम मेरा चांदी और मेरा सोना ले लिये और मेरे बहुमूल्य खजानों को अपने मंदिरों में रख लिये हो. 6तुमने यहूदिया और येरूशलेम के लोगों को यूनानियों के हाथ बेच दिया, ताकि तुम उन्हें उनके देश से दूर कर सको.

7“देखो, मैं उन्हें उन स्थानों से लौटाकर लानेवाला हूं, जहां तुमने उन्हें बेच दिया था, और तुम्हारे किए गये कामों को वापस तुम्हारे ही सिर पर डाल दूंगा. 8मैं तुम्हारे बेटे और बेटियों को यहूदिया के लोगों के हाथ बेच दूंगा, और वे उन्हें बहुत दूर रहनेवाली एक जाति शबाईयों के हाथ बेच देंगे.” याहवेह ने कहा है.

9जाति-जाति के लोगों के बीच यह घोषणा करो:

युद्ध की तैयारी करो!

योद्धाओं का आव्हान करो!

लड़ने वाले सब लोग निकट आये और आक्रमण करें.

10अपने हल की फालों को पीटकर उनकी तलवारें बना लो

और अपने हंसियों को पीटकर उनके बर्छी बना लो.

जो दुर्बल है वह कहे,

“मैं बलवान हूं!”

11चारों तरफ के जाति-जाति के सब लोगों, जल्दी करके आओ,

और वहां तुम इकट्ठे हो जाओ.

हे याहवेह, अपने योद्धाओं को नीचे ले आइए!

12“जाति-जाति के लोग उत्तेजित हों;

और वे यहोशाफ़ात की घाटी में जाएं,

क्योंकि वहां मैं चारों तरफ के जाति-जाति के

सब लोगों का न्याय करने बैठूंगा.

13हंसिया चलाना शुरू करो,

क्योंकि फसल पक गया है.

आओ, अंगूर को रौंदो,

क्योंकि अंगूर-रस का कुंड भर गया है

और हौज छलक रहे हैं—

उनकी दुष्टता बहुत ज्यादा है!”

14निर्णय की घाटी में

लोगों का भीड़ ही भीड़ है!

क्योंकि निर्णय की घाटी में

याहवेह का दिन निकट है.

15सूर्य और चंद्रमा पर अंधकार छा गया है,

और तारे चमकना बंद कर देंगे.

16याहवेह ज़ियोन से गरजेंगे

और येरूशलेम से गर्जन सुनाई देगा;

आकाश और पृथ्वी कांप उठेंगे.

पर याहवेह अपने लोगों के लिए एक शरण स्थान,

और इस्राएल के लोगों के लिए एक सुरक्षा गढ़ होंगे.

परमेश्वर के लोगों के लिये आशीष

17“तब तुम जानोगे कि मैं, याहवेह ही तुम्हारा परमेश्वर हूं,

जो अपने पवित्र पर्वत, ज़ियोन पर निवास करता हूं.

येरूशलेम एक पवित्र स्थान होगा;

परदेशी फिर कभी उस पर आक्रमण न कर पाएंगे.

18“उस दिन पहाड़ों नई अंगूर की दाखमधु टपकेगी,

और पहाड़ियों से दूध बहेगा;

यहूदिया के सब दर्रों में पानी बहेगा.

याहवेह के भवन से पानी का एक सोता फूट निकलेगा

और शित्तीम घाटी की सिंचाई करेगा.

19पर मिस्र देश उजाड़ हो जाएगा,

और एदोम एक बेकार निर्जन देश,

क्योंकि इन्होंने यहूदिया के लोगों पर अत्याचार किया था,

और इन्होंने उनके देश में निर्दोष लोगों का खून बहाया था.

20यहूदिया में लोग सदा-सर्वदा निवास करते रहेंगे

और येरूशलेम में लोग पीढ़ी-पीढ़ी तक रहेंगे.

21क्या मैं उन निर्दोष लोगों के खून का बदला लिये बिना छोड़ दूंगा?

नहीं, बिलकुल नहीं.”

याहवेह ज़ियोन में निवास करते हैं!