New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

मत्ती 7:1-29

आने ऊपर दोस लगई

(लूका 6:37-38, 41-42)

1“आने ऊपर दोस झन लगावव, ताकि तुम्‍हर ऊपर घलो दोस झन लगाय जावय। 2काबरकि जऊन किसम ले तुमन आने ऊपर दोस लगाथव, ओही किसम ले तुम्‍हर ऊपर घलो दोस लगाय जाही, अऊ जऊन नाप ले तुमन नापथव, ओही नाप ले तुम्‍हर बर नापे जाही।

3तुमन काबर अपन भाई के आंखी के छोटे कचरा ला देखथव, जबकि अपन खुद के आंखी म पड़े लकड़ी के लट्ठा ला धियान नइं देवव? 4जब तुम्‍हर खुद के आंखी म लकड़ी के लट्ठा हवय, त तुमन अपन भाई ला कइसने कह सकथव, ‘लान मेंह तोर आंखी के छोटे कचरा ला निकार दंव?’ 5हे ढोंगीमन हो, पहिली अपन खुद के आंखी के लट्ठा ला निकारव, तभे तुमन अपन भाई के आंखी के छोटे कचरा ला साफ-साफ देखहू अऊ ओला निकार सकहू।

6पबितर चीज कुकुरमन ला झन देवव, अऊ अपन मोती ला सुरामन के आघू म झन डालव, नइं तो ओमन ओला अपन गोड़ तरी कुचरहीं अऊ तब लहुंटके तुम्‍हर ऊपर चढ़ बईठहीं।”

मांगव, खोजव, खटखटावव

(लूका 11:9-13)

7“मांगव, त तुमन ला दिये जाही; खोजव त तुमन ह पाहू; खटखटावव त तुम्‍हर बर कपाट ह खोले जाही। 8काबरकि जऊन ह मांगथे, ओला मिलथे; जऊन ह खोजथे, ओह पाथे; अऊ जऊन ह खटखटाथे, ओकर खातिर कपाट ला खोले जाथे।

9तुमन म अइसने कोन मनखे अय कि यदि ओकर बेटा ह ओकर ले रोटी मांगथे, त ओह ओला पथरा देथे? 10या यदि ओह मछरी मांगथे, त ओला सांप देथे? 11खराप मनखे होके घलो, जब तुमन अपन लइकामन ला बने चीज देय बर जानथव, त स्‍वरग म रहइया तुम्‍हर ददा ह ओमन ला अऊ बने चीज काबर नइं दिही, जऊन मन ओकर ले मांगथें। 12आने मन संग वइसने बरताव करव, जइसने तुमन चाहथव कि ओमन तुम्‍हर संग करंय, काबरकि मूसा के कानून अऊ अगमजानीमन के एहीच सिकछा अय।”

संकरा दुवार अऊ चाकर दुवार

(लूका 13:24)

13“छोटे कपाट ले घुसरव। काबरकि चाकर हवय ओ कपाट अऊ सरल हवय ओ रसता, जऊन ह बिनास कोति ले जाथे अऊ बहुंते झन ओम ले होके जाथें। 14पर छोटे हवय ओ कपाट अऊ कठिन हवय ओ रसता, जऊन ह जिनगी कोति ले जाथे, अऊ सिरिप थोरकन झन एला पाथें।”

रूख अऊ ओकर फर

(लूका 6:43-44, 46; 13:25-27)

15“लबरा अगमजानीमन ले सचेत रहव। ओमन भेड़ के भेस म तुम्‍हर करा आथें, पर भीतर ले ओमन ह भयंकर भेड़िया अंय। 16ओमन के काम के दुवारा ओमन ला तुमन चिन डारहू। का मनखेमन कंटिली झाड़ी ले अंगूर या ऊंटकटारा झाड़ी ले अंजीर के फर टोरथें? 17ओही किसम ले बने रूख ह बने फर देथे, अऊ खराप रूख ह खराप फर देथे। 18बने रूख ह खराप फर नइं दे सकय अऊ न ही खराप रूख बने फर दे सकथे। 19हर ओ रूख जऊन ह बने फर नइं देवय, काटे अऊ आगी म झोंके जाथे। 20ए किसम ले, ओमन के फर के दुवारा, तुमन ओमन ला चिन डारहू।

21जऊन मन मोला, ‘हे परभू! हे परभू!’ कहिथें, ओमन म ले जम्मो झन स्‍वरग के राज म नइं जा सकंय, पर जऊन ह स्‍वरग म रहइया मोर ददा के ईछा ला पूरा करथे, सिरिप ओहीच ह स्‍वरग के राज म जाही। 22नियाय के दिन म कतको मनखेमन मोला कहिहीं, ‘हे परभू! हे परभू! का हमन ह तोर नांव म अगमबानी नइं करेन? का हमन तोर नांव म परेत आतमामन ला नइं निकारेन? अऊ तोर नांव म कतको अचरज के काम नइं करेन?’ 23तब मेंह ओमन ला साफ-साफ बता दूहूं, ‘मेंह तुमन ला कभू नइं जानेंव। हे कुकरमीमन हो, मोर ले दूरिहा हटव।’ ”

घर बनवइया दू झन मनखे: बुद्धिमान अऊ मुरुख

(लूका 6:47-49)

24“एकरसेति, जऊन ह मोर ए गोठमन ला सुनथे अऊ ओकर पालन करथे, ओह ओ बुद्धिमान मनखे सहीं अय, जऊन ह चट्टान ऊपर अपन घर बनाईस। 25पानी बरसिस, नदीमन म पूरा आईस, गरेर चलिस, अऊ ओ घर ले टकराईस, तभो ले ओ घर ह नइं गिरिस, काबरकि ओकर नींव ह चट्टान ऊपर डारे गे रिहिस। 26पर जऊन ह मोर ए गोठमन ला सुनथे अऊ ओकर पालन नइं करय, ओह ओ मुरुख मनखे सहीं अय, जऊन ह बालू ऊपर अपन घर बनाईस। 27पानी बरसिस, नदीमन म पूरा आईस, गरेर चलिस अऊ ओ घर ले टकराईस अऊ ओ घर ह भरभरा के गिर गीस।”

28जब यीसू ह ए बातमन ला कह चुकिस, त मनखेमन के भीड़ ह ओकर उपदेस ला सुनके चकित हो गीस। 29काबरकि यीसू ह ओमन के कानून के गुरूमन सहीं नइं, पर अधिकार के संग ओमन ला उपदेस देवत रिहिस।

Thai New Contemporary Bible

มัทธิว 7:1-29

ตัดสินผู้อื่น

(ลก.6:41,42)

1“อย่าตัดสิน มิฉะนั้นท่านเองจะถูกตัดสินด้วย 2เพราะท่านตัดสินผู้อื่นอย่างไร ท่านจะถูกตัดสินอย่างนั้น ท่านตวงให้ไปด้วยทะนานอันใด ท่านก็จะได้รับเท่ากับทะนานอันนั้น

3“เหตุใดท่านมองดูผงขี้เลื่อยในตาของพี่น้อง แต่ไม่ใส่ใจกับไม้ทั้งท่อนในตาของท่านเอง? 4ท่านพูดกับพี่น้องได้อย่างไรว่า ‘ให้เราเขี่ยผงออกจากตาของท่านเถิด’ ในเมื่อตลอดเวลานั้นท่านเองมีไม้ทั้งท่อนอยู่ในตา? 5เจ้าคนหน้าซื่อใจคด จงชักไม้ทั้งท่อนออกจากตาเจ้าเองก่อน แล้วเจ้าจะเห็นชัดเพื่อจะเขี่ยผงออกจากตาของพี่น้องได้

6“อย่าให้ของบริสุทธิ์ศักดิ์สิทธิ์แก่สุนัข อย่าโยนไข่มุกให้สุกร มิฉะนั้นมันจะเหยียบย่ำไว้ใต้เท้า แล้วหันมาฉีกท่านเป็นชิ้นๆ

จงขอ จงหา จงเคาะ

(ลก.11:9-13)

7“จงขอแล้วท่านจะได้รับ จงหาแล้วท่านจะพบ จงเคาะแล้วประตูจะเปิดให้แก่ท่าน 8เพราะทุกคนที่ขอก็ได้รับ คนที่แสวงหาก็พบ และคนที่เคาะ ประตูก็จะเปิดให้แก่เขา

9“ใครบ้างในพวกท่านถ้าบุตรขอขนมปังจะให้ก้อนหิน? 10หรือถ้าบุตรขอปลาจะให้งูแก่เขา? 11ถ้าแม้ท่านเองซึ่งเป็นคนชั่วยังรู้จักให้สิ่งดีๆ แก่บุตรของท่าน พระบิดาของท่านในสวรรค์จะประทานสิ่งดีแก่บรรดาผู้ที่ทูลขอต่อพระองค์ยิ่งกว่านั้นสักเพียงใด! 12ฉะนั้นในทุกสิ่งจงทำต่อผู้อื่นอย่างที่ท่านอยากให้เขาทำต่อท่าน เพราะนี่สรุปสาระของหนังสือบทบัญญัติและหนังสือผู้เผยพระวจนะ

ประตูแคบและประตูกว้าง

13“จงเข้าไปทางประตูแคบ เพราะประตูใหญ่และทางกว้างนำไปสู่ความพินาศและคนเป็นอันมากเข้าไปทางนั้น 14ส่วนประตูเล็กและทางแคบนำไปสู่ชีวิตและมีเพียงไม่กี่คนที่ค้นพบ

ต้นไม้และผลของมัน

15“จงระวังผู้เผยพระวจนะเท็จ เขามาหาพวกท่านในคราบแกะ แต่ภายในคือสุนัขป่าดุร้าย 16ท่านจะรู้จักเขาโดยผลของเขา กอหนามจะออกผลเป็นองุ่นและพุ่มหนามจะออกผลเป็นมะเดื่อได้หรือ? 17ในทำนองเดียวกัน ต้นไม้ที่ดีทุกต้นย่อมให้ผลที่ดี ส่วนต้นไม้เลวย่อมให้ผลที่เลว 18ต้นไม้ดีไม่อาจให้ผลเลวและต้นไม้เลวไม่อาจให้ผลดี 19ต้นไม้ทุกต้นที่ไม่ให้ผลดีก็ถูกโค่นและโยนลงในไฟ 20ฉะนั้นท่านจะรู้จักเขาได้จากผลของเขา

21“ไม่ใช่ทุกคนที่เรียกเราว่า ‘พระองค์เจ้าข้า พระองค์เจ้าข้า’ จะได้เข้าอาณาจักรสวรรค์ แต่คนที่ทำตามพระประสงค์ของพระบิดาของเราผู้สถิตในสวรรค์เท่านั้นที่จะได้เข้า 22หลายคนจะพูดกับเราในวันนั้นว่า ‘พระองค์เจ้าข้า พระองค์เจ้าข้า พวกข้าพระองค์เผยพระวจนะในพระนามของพระองค์ ขับผีในพระนามของพระองค์ และทำการอัศจรรย์มากมายมิใช่หรือ?’ 23เมื่อนั้นเราจะบอกเขาอย่างตรงไปตรงมาว่า ‘เราไม่รู้จักเจ้าเลย เจ้าคนทำชั่ว จงไปให้พ้น!’

คนโง่และคนฉลาด

(ลก.6:47-49)

24“ฉะนั้นทุกคนที่ได้ยินคำเหล่านี้ของเราและนำไปปฏิบัติก็เป็นเหมือนคนฉลาดที่สร้างบ้านของตนบนศิลา 25ถึงฝนตก กระแสน้ำท่วมท้นขึ้นมา และลมพัดกระหน่ำบ้านนั้นแต่บ้านก็ไม่ได้พังลงเพราะมีฐานรากอยู่บนศิลา 26ส่วนผู้ที่ได้ยินคำเหล่านี้ของเราแต่ไม่ได้นำไปปฏิบัติก็เป็นเหมือนคนโง่ที่สร้างบ้านของตนบนทราย 27เมื่อฝนตก กระแสน้ำท่วมท้นขึ้นมา และลมพัดกระหน่ำบ้านนั้นบ้านก็พังทลายลง”

28เมื่อพระเยซูตรัสสิ่งเหล่านี้จบแล้ว ฝูงชนก็พากันเลื่อมใสในคำสอนของพระองค์ 29เพราะพระองค์ทรงสอนพวกเขาอย่างผู้มีสิทธิอำนาจต่างจากพวกธรรมาจารย์ของพวกเขา