New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

मत्ती 26:1-75

यीसू के बिरोध म साजिस

(मरकुस 14:1-2; लूका 22:1-2; यूहन्ना 11:45-53)

1ए जम्मो बात ला कहे के बाद, यीसू ह चेलामन ला कहिस, 2“जइसने तुमन जानथव कि दू दिन के बाद फसह के तिहार मनाय जाही। तब कुरुस ऊपर चघाय बर मनखे के बेटा ह पकड़वाय जाही।”

3तब काइफा नांव के महा पुरोहित के महल म मुखिया पुरोहित अऊ मनखेमन के अगुवामन जुरिन। 4अऊ ओमन ए बिचार करिन कि कइसने ओमन छल कपट करके यीसू ला पकड़ेंय अऊ ओला मार डारेंय। 5ओमन कहिन, “तिहार के समय नइं। कहूं अइसने झन होवय कि मनखेमन म दंगा हो जावय।”

बैतनियाह गांव म यीसू के अभिसेक

(मरकुस 14:3-9; यूहन्ना 12:1-8)

6जब यीसू ह बैतनियाह गांव म सिमोन कोढ़ी के घर म रिहिस, 7त एक झन माईलोगन संगमरमर के बरतन म बहुंत मंहगा इतर तेल लेके आईस, अऊ जब यीसू ह खाना खावत रहय, त ओ माईलोगन ह यीसू के मुड़ी ऊपर इतर ला उंड़ेर दीस। 8एला देखके चेलामन नाराज होईन अऊ कहिन, “एला काबर बरबाद करिस? 9ए इतर ला बने दाम म बेंचके, ओ रूपिया ला गरीबमन म बांटे जा सकत रिहिस।” 10एला जानके यीसू ह ओमन ला कहिस, “तुमन ए माईलोगन ला काबर परेसान करत हवव? ओह मोर बर सुघर काम करे हवय। 11गरीब मनखेमन तुम्‍हर संग हमेसा रहिहीं, पर मेंह तुम्‍हर संग हमेसा नइं रहंव। 12ओह मोर देहें ऊपर जऊन इतर उंड़ेरिस, त ओह एला मोर गड़ियाय जाय के तियारी म करिस।26:12 मरकुस 16:1 13मेंह तुमन ला सच कहथंव कि जम्मो संसार म जिहां कहूं ए सुघर संदेस के परचार करे जाही, उहां ए माईलोगन के ए काम ला घलो ओकर सुरता म बताय जाही।”

यहूदा ह यीसू के संग बिस‍वासघात करथे

(मरकुस 14:10-11; लूका 22:3-6)

14तब यहूदा इस्करियोती जऊन ह बारह चेलामन ले एक झन रिहिस, मुखिया पुरोहितमन करा गीस, 15अऊ ओमन ला कहिस, “यदि मेंह यीसू ला तुम्‍हर हांथ म पकड़वा दूहूं, त तुमन मोला का दूहू?” अऊ ओमन यहूदा ला चांदी के तीस ठन सिक्‍का दीन। 16ओ समय ले यहूदा ह यीसू ला पकड़वाय बर मऊका खोजे लगिस।

परभू भोज या फसह तिहार के भोज

(मरकुस 14:12-21; लूका 22:7-13, 21-23; यूहन्ना 13:21-30)

17बिन खमीर रोटी के तिहार के पहिली दिन चेलामन यीसू करा आईन अऊ पुछिन, “तेंह फसह तिहार के भोज कहां खाय चाहथस? हमन उहां तियारी करबो।”

18यीसू ह कहिस, “सहर म ओ मनखे करा जावव अऊ ओला कहव, ‘गुरू ह कहिथे: मोर समय ह लकठा आ गे हवय। मेंह फसह के तिहार ला अपन चेलामन संग तोर घर म मनाय चाहथंव।’ ” 19जइसने यीसू ह हुकूम दे रिहिस, चेलामन वइसनेच करिन अऊ ओमन फसह तिहार के भोज तियार करिन। 20जब सांझ होईस, त यीसू अपन बारह चेलामन संग खाना खाय बर बईठिस। 21अऊ जब ओमन खावत रिहिन, त यीसू ह कहिस, “मेंह तुमन ला सच कहथंव तुमन म ले एक झन मोर संग बिस‍वासघात करही।”

22एला सुनके चेलामन बहुंत उदास होईन अऊ एक-एक करके ओकर ले पुछन लगिन, “का ओह में अंव, परभू?”

23यीसू ह जबाब दीस, “जऊन ह मोर संग कटोरा म अपन हांथ ला डारे हवय, ओहीच ह मोर संग बिस‍वासघात करही। 24मनखे के बेटा ह मरही, जइसने ओकर बारे म परमेसर के बचन म लिखे हवय। पर धिक्‍कार ए, ओ मनखे ऊपर, जऊन ह मनखे के बेटा के संग बिस‍वासघात करत हवय। ओ मनखे बर बने होतिस, यदि ओकर जनम ही नइं होय रहितिस।”

25तब यहूदा जऊन ह यीसू के संग बिस‍वासघात करइया रिहिस, यीसू ले कहिस, “हे गुरू! का ओ मनखे मेंह अंव?”

यीसू ह ओला कहिस, “हव, ओ मनखे तेंह अस।”

26जब ओमन खावत रिहिन, त यीसू ह रोटी ला लीस अऊ परमेसर ले आसिस मांग के ओला टोरिस अऊ अपन चेलामन ला देके कहिस, “लेवव अऊ खावव; एह मोर देहें अय।”

27तब ओह कटोरा ला लीस अऊ परमेसर ला धनबाद दीस अऊ चेलामन ला ए कहिके कटोरा ला दीस, “एम ले तुमन जम्मो झन पीयव। 28काबरकि एह करार के मोर लहू अय, जऊन ह एकरसेति ढारे जावत हे कि बहुंते मनखेमन ला पाप के छेमा मिलय। 29मेंह तुमन ला कहथंव कि मेंह ए अंगूर के रस ला ओ दिन तक नइं पीयंव, जब तक कि मेंह तुम्‍हर संग मोर ददा के राज म नवां अंगूर के रस ला नइं पी लंव।”

30अऊ जब यीसू अऊ ओकर चेलामन एक ठन भजन गा लीन, त ओमन जैतून पहाड़ ऊपर चल दीन।

पतरस ह यीसू के इनकार करथे

(मरकुस 14:27-31; लूका 22:31-34; यूहन्ना 13:36-38)

31तब यीसू ह चेलामन ला कहिस, “आज रात के तुमन जम्मो झन मोला छोंड़के भाग जाहू, काबरकि परमेसर के बचन म ए लिखे हवय, ‘मेंह चरवाहा ला मारहूं। अऊ झुंड के भेड़मन तितिर-बितिर हो जाहीं।’26:31 जकरयाह 13:7

32फेर मेंह जी उठे के बाद तुम्‍हर ले पहिली गलील प्रदेस जाहूं।”

33तब पतरस ह यीसू ला कहिस, “चाहे जम्मो झन तोला छोंड़के भाग जावंय त भाग जावंय, पर मेंह तोला कभू नइं छोड़ंव।”

34यीसू ह ओला जबाब दीस, “मेंह तोला सच कहथंव, आजेच रात के, कुकरा के बासे के पहिली तेंह मोर तीन बार इनकार करबे।”

35पर पतरस ह कहिस, “चाहे मोला तोर संग मरना घलो पड़य, तभो ले मेंह तोर कभू इनकार नइं करंव।” अऊ आने जम्मो चेलामन घलो अइसनेच कहिन।

गतसमनी म यीसू पराथना करथे

(मरकुस 14:32-42; लूका 22:39-46)

36तब यीसू ह अपन चेलामन संग गतसमनी नांव के एक ठऊर म गीस अऊ ओह ओमन ला कहिस, “तुमन इहां बईठव, जब तक कि मेंह उहां जाके पराथना करथंव।” 37ओह पतरस अऊ जबदी के दू झन बेटा ला अपन संग म लीस, अऊ यीसू के मन ह दुःखी अऊ बियाकुल होय लगिस। 38तब ओह ओमन ला कहिस, “मोर परान ह अब्‍बड़ बियाकुल होवत हवय, अइसने लगथे कि मोर परान निकर जाही। तुमन इहां ठहिरव अऊ मोर संग जागत रहव।”

39थोरकन आघू जाके, यीसू ह मुहूं के भार भुइयां म गिरिस अऊ ए पराथना करिस, “हे मोर ददा! कहूं हो सकय, त दुःख के ए कटोरा ला मोर म ले टार दे। तभो ले मोर नइं, फेर तोर ईछा पूरा होवय।”

40तब ओह अपन चेलामन करा आईस अऊ ओमन ला सुतत देखिस, त ओह पतरस ला कहिस, “का तुमन मोर संग घंटा भर घलो नइं जाग सकव? 41जागत रहव अऊ पराथना करव, ताकि तुमन परिछा म झन पड़व। आतमा त तियार हवय, फेर देहें ह दुरबल अय।”

42यीसू ह दूसर बार गीस अऊ ए पराथना करिस, “हे मोर ददा! कहूं दुःख के ए कटोरा ह मोर पीये बिगर नइं टर सकय, त फेर तोर ईछा पूरा होवय।”

43जब यीसू ह वापिस आईस, त ओह अपन चेलामन ला फेर सुतत पाईस, काबरकि ओमन के आंखीमन नींद ले भारी हो गे रहंय। 44एकरसेति ओह ओमन ला छोंड़के फेर एक बार गीस अऊ ओहीच बात ला कहिके, तीसरा बार पराथना करिस।

45तब ओह चेलामन करा आईस अऊ ओमन ला कहिस, “का तुमन अभी तक ले सुतत हव अऊ सुसतावत हव? देखव, ओ घरी ह लकठा आ गे हवय, अऊ मनखे के बेटा ह पापीमन के हांथ म पकड़वाय जवइया हे। 46उठव, हमन चली! देखव, मोर संग बिस‍वासघात करइया ह आवत हवय।”

यीसू ह पकड़वाय जाथे

(मरकुस 14:43-50; लूका 22:47-53; यूहन्ना 18:3-12)

47जब यीसू ह ए बात ला कहितेच रिहिस, त यहूदा जऊन ह बारह चेलामन ले एक झन रहय, आईस। ओकर संग म मनखेमन के एक बड़े भीड़ रहय अऊ मनखेमन तलवार अऊ लउठी धरे रहंय। एमन ला मुखिया पुरोहित अऊ मनखेमन के अगुवामन पठोय रिहिन। 48बिस‍वासघात करइया ह ओमन ला पहिली ले ए चिन्‍हां बता दे रिहिस, “जऊन ला मेंह चूमहूं, ओहीच मनखे अय; ओला पकड़ लूहू।” 49यहूदा ह तुरते यीसू करा आईस अऊ कहिस, “हे गुरू, जोहार!” अऊ ओह यीसू ला चूमिस।

50यीसू ह ओला कहिस, “संगवारी! जऊन काम बर तेंह आय हवस, ओला कर।” तब मनखेमन आघू म आईन अऊ यीसू ला पकड़के गिरफतार कर लीन। 51तब यीसू के संगवारीमन ले एक झन तलवार ला खींचके निकारिस अऊ महा पुरोहित के सेवक ऊपर चलाके ओकर कान ला काट दीस।

52यीसू ह ओला कहिस, “अपन तलवार ला मियान म रख, काबरकि जऊन मन तलवार चलाथें, ओमन तलवार ले मारे जाहीं। 53का तेंह नइं जानस कि मेंह अपन ददा ले बिनती कर सकथंव अऊ ओह मोर बर तुरते स्वरगदूतमन के बारह ठन बड़े-बड़े सैनिक दल ले घलो जादा पठो दिही। 54पर तब परमेसर के ओ बचन ह पूरा नइं होवय, जऊन ह ए कहिथे कि ए बात ला ए किसम ले होना जरूरी अय।”26:54 यसायाह 53:12

55ओतकीच बेरा यीसू ह मनखे के भीड़ ला कहिस, “का तुमन मोला डाकू समझथव कि तलवार अऊ लउठी धरके मोला पकड़े बर आय हवव? हर दिन मेंह मंदिर म बईठके उपदेस देवत रहेंव अऊ तुमन मोला नइं पकड़ेव। 56पर ए जम्मो बात एकरसेति होईस कि अगमजानीमन के लिखे बचन ह पूरा होवय।” तब जम्मो चेलामन यीसू ला छोंड़के भाग गीन।

यीसू ह धरम महासभा के आघू म

(मरकुस 14:53-65; लूका 22:54-55, 63-71; यूहन्ना 18:13-14, 19-24)

57जऊन मन यीसू ला गिरफतार करे रिहिन, ओमन ओला महा पुरोहित काइफा करा ले गीन, जिहां कानून के गुरू अऊ अगुवामन जुरे रहंय। 58पर पतरस ह दूरिहा ले यीसू के पाछू-पाछू गीस। ओह महा पुरोहित के घर के अंगना तक गीस अऊ ए देखे बर कि का होवइया ह – ओह भीतर जाके पहरेदारमन संग बईठ गीस।

59मुखिया पुरोहितमन अऊ धरम महासभा के जम्मो मनखेमन यीसू के बिरोध म लबरा गवाही खोजत रहंय ताकि ओमन ओला मार डारंय। 60पर ओमन ला कुछू नइं मिलिस, हालाकि कतको लबरा गवाहमन आईन। 61आखिर म दू झन गवाह आईन अऊ कहिन, “ए मनखे ह कहे हवय, ‘मेंह परमेसर के मंदिर ला गिरा सकथंव अऊ तीन दिन म ओला फेर बना सकथंव।’26:61 यूहन्ना 2:19-22

62तब महा पुरोहित ह ठाढ़ होईस अऊ यीसू ला कहिस, “ए मनखेमन तोर बिरोध म जऊन गवाही देवत हवंय, का तेंह ओकर जबाब नइं देवस?” 63पर यीसू ह चुपेचाप रिहिस।

महा पुरोहित ह यीसू ला कहिस, “मेंह तोला जीयत परमेसर के कसम देवत हंव: कहूं तेंह परमेसर के बेटा मसीह अस, त हमन ला बता।”

64यीसू ह ओला कहिस, “हव जी। जइसने कि तेंह कहय। पर मेंह तुमन जम्मो झन ला कहत हंव कि एकर बाद तुमन मनखे के बेटा ला सर्वसक्तिमान परमेसर के जेवनी हांथ कोति बईठे अऊ अकास के बादर ऊपर आवत देखहू।”26:64 दानिएल 7:13-14

65तब महा पुरोहित ह अपन कपड़ा ला चीरिस अऊ कहिस, “एह परमेसर के निन्दा करे हवय। हमन ला अऊ कोनो गवाह के जरूरत नइं ए। देखव! तुमन अभीच परमेसर के निन्दा सुने हवव। 66तुम्‍हर का बिचार हवय?”

ओमन जबाब दीन, “एह मिरतू दंड के लइक अय।”

67तब ओमन यीसू के मुहूं ऊपर थूकिन अऊ ओला घूंसा मारिन। आने मनखेमन ओला थपरा मारके कहिन, 68“हे मसीह, अगमबानी करके हमन ला बता कि तोला कोन मारिस?”

पतरस ह यीसू के इनकार करथे

(मरकुस 14:66-72; लूका 22:56-62; यूहन्ना 18:15-18, 25-27)

69ओ बखत पतरस ह बाहिर अंगना म बईठे रिहिस, तब एक नौकरानी टूरी ओकर करा आईस अऊ कहिस, “तेंह घलो गलील के रहइया यीसू के संग रहय।”

70पर ओह ओ जम्मो झन के आघू म इनकार करिस अऊ कहिस, “मेंह नइं जानंव कि तेंह का कहत हवस?”

71तब पतरस ह बाहिर दुवारी करा गीस, उहां एक आने नौकरानी टूरी ओला देखिस अऊ उहां मनखेमन ला कहिस, “ए मनखे ह नासरत के यीसू संग रिहिस।”

72पतरस ह कसम खाके फेर इनकार करिस अऊ कहिस, “मेंह ओ मनखे ला नइं जानंव।”

73एकर थोरकन देर बाद, जऊन मन उहां ठाढ़े रहंय, ओमन पतरस करा आईन अऊ कहिन, “सही म तेंह घलो ओ मनखेमन ले एक झन अस, काबरकि तोर बोली ले, ए बात के पता चलथे।”

74तब पतरस ह अपन-आप ला कोसन लगिस अऊ कसम खाके कहिस, “मेंह ओ मनखे ला नइं जानंव।”

अऊ तुरते कुकरा ह बासिस। 75तब पतरस ला यीसू के कहे ए बात सुरता आईस: “कुकरा बासे के पहिली, तेंह तीन बार मोर इनकार करबे।” अऊ ओह बाहिर जाके फूट-फूट के रोईस।

Chinese Contemporary Bible (Simplified)

马太福音 26:1-75

谋害耶稣

1耶稣讲完了这番话后,对门徒说: 2“你们知道,两天后就是逾越节,到时人子会被出卖,被钉在十字架上。” 3那时,祭司长和民间的长老正聚集在大祭司该亚法的府里, 4策划逮捕、杀害耶稣。 5但他们认为在节日期间不宜下手,因为可能会在百姓中引起骚乱。

耶稣受膏

6当耶稣在伯大尼患过麻风病的西门家里时, 7有个女子趁着祂坐席的时候,把一瓶珍贵的香膏倒在祂头上。

8门徒看见后,生气地说:“真浪费, 9这瓶香膏值不少钱,用来周济穷人多好!”

10耶稣看出他们的心思,便说:“何必为难这女子?她在我身上做的是一件美事。 11因为你们身边总会有穷人,可是你们身边不会总有我。 12她把香膏浇在我身上是为我的安葬做准备。 13我实在告诉你们,无论福音传到世界哪个角落,人们都会传扬这女人的事迹,纪念她。”

犹大出卖耶稣

14后来,十二门徒中的加略犹大去见祭司长,说: 15“如果我把耶稣交给你们,你们肯出多少钱?”他们就给了他三十块银子。 16从那时起,犹大就寻找机会出卖耶稣。

最后的晚餐

17除酵节的第一天,门徒来问耶稣说:“我们该在什么地方为你准备逾越节的晚餐呢?”

18耶稣说:“你们进城去,到某人那里对他说,‘老师说祂的时候到了,祂要与门徒在你家中过逾越节。’” 19门徒照耶稣的吩咐准备了逾越节的晚餐。

20傍晚,耶稣和十二个门徒吃晚餐。 21席间,耶稣说:“我实在告诉你们,你们中间有一个人要出卖我。”

22他们都非常忧愁,相继追问耶稣,说:“主啊,肯定不是我吧?”

23祂说:“那和我一同在盘子里蘸饼吃的就是要出卖我的人。 24人子一定会受害,正如圣经上有关祂的记载,但出卖人子的人有祸了,他还不如不生在这世上!”

25出卖耶稣的犹大问祂:“老师,是我吗?”

耶稣说:“你自己说了。”

26他们吃的时候,耶稣拿起饼来,祝谢后掰开分给门徒,说:“拿去吃吧,这是我的身体。”

27接着又拿起杯来,祝谢后递给门徒,说:“你们都喝吧, 28这是我为万人所流的立约之血,为了使罪得到赦免。 29我告诉你们,从今天起,一直到我在我父的国与你们共饮新酒的那一天之前,我不会再喝这葡萄酒。” 30他们唱完诗歌,就出门去了橄榄山。

预言彼得不认主

31耶稣对门徒说:“今天晚上,你们都要离弃我。因为圣经上说,‘我要击打牧人,羊群将四散。’ 32但我复活后,要先你们一步去加利利。”

33彼得说:“即使所有的人都离弃你,我也永远不会离弃你!”

34耶稣说:“我实在告诉你,今夜鸡叫以前,你会三次不认我。”

35彼得说:“就算要我跟你一起死,我也不会不认你!”其余的门徒也都这样说。

在客西马尼祷告

36耶稣和门徒到了一个叫客西马尼的地方,祂对门徒说:“你们坐在这里,我到那边去祷告。” 37祂带了彼得西庇太的两个儿子一起去。祂心里非常忧伤痛苦, 38就对他们说:“我心里非常忧伤,几乎要死,你们留在这里跟我一起警醒。”

39祂稍往前走,俯伏在地上祷告:“我父啊!如果可以,求你撤去此杯。然而,愿你的旨意成就,而非我的意愿。”

40耶稣回到三个门徒那里,见他们都睡着了,就对彼得说:“难道你们不能跟我一同警醒一时吗? 41你们要警醒祷告,免得陷入诱惑。你们的心灵虽然愿意,肉体却很软弱。”

42祂第二次去祷告说:“我父啊!如果我非喝此杯不可,愿你的旨意成就。” 43祂回来时见他们又睡着了,因为他们困得眼皮发沉。 44耶稣再次离开他们,第三次去祷告,说的是同样的话。

45然后,祂回到门徒那里,对他们说:“你们还在睡觉,还在休息吗?看啊!时候到了,人子要被出卖,交在罪人手里了。 46起来,我们走吧。看,出卖我的人已经来了!”

耶稣被捕

47耶稣还在说话的时候,十二门徒中的犹大来了,随行的还有祭司长和民间长老派来的一大群拿着刀棍的人。 48出卖耶稣的犹大预先和他们定了暗号,说:“我亲吻谁,谁就是耶稣,你们把祂抓起来。” 49犹大随即走到耶稣跟前,说:“老师,你好。”然后亲吻耶稣。

50耶稣对他说:“朋友,你要做的事,快动手吧。”于是那些人上前,下手捉拿耶稣。 51耶稣的跟随者中有人伸手拔出佩刀朝大祭司的奴仆砍去,削掉了他一只耳朵。

52耶稣对他说:“收刀入鞘吧!因为动刀的必死在刀下。 53难道你不知道,我可以请求我父马上派十二营以上的天使来保护我吗? 54我若这样做,圣经上有关这事必如此发生的话又怎能应验呢?”

55那时,耶稣对众人说:“你们像对付强盗一样拿着刀棍来抓我吗?我天天在圣殿里教导人,你们并没有来抓我。 56不过这一切事的发生,是要应验先知书上的话。”那时,门徒都丢下祂逃走了。

大祭司审问耶稣

57捉拿耶稣的人把祂押到大祭司该亚法那里。律法教师和长老已聚集在那里。 58彼得远远地跟着耶稣,一直跟到大祭司的院子里。他坐在卫兵当中,想知道事情的结果。

59祭司长和全公会的人正在寻找假证据来控告耶稣,好定祂死罪。 60虽然有很多假证人诬告祂,但都找不到真凭实据。最后有两个人上前高声说:

61“这个人曾经说过,‘我能拆毁圣殿,三天内把它重建起来。’”

62大祭司站起来质问耶稣:“你不回答吗?这些人作证控告你的是什么呢?” 63耶稣还是沉默不语。

大祭司又对祂说:“我奉永活上帝的名命令你起誓告诉我们,你是不是上帝的儿子基督?”

64耶稣说:“如你所言。但我告诉你们,将来你们要看见人子坐在大能者的右边,驾着天上的云降临。”

65大祭司撕裂衣服,说:“祂亵渎了上帝!我们还需要什么证人呢?你们现在亲耳听见了祂说亵渎的话, 66你们看怎么办?”

他们回应说:“祂该死!”

67他们就吐唾沫在祂脸上,挥拳打祂。还有人一边打祂耳光,一边说: 68“基督啊!给我们说预言吧,是谁在打你?”

彼得三次不认主

69当时,彼得还坐在外面的院子里,有一个婢女走过来对他说:“你也是跟那个加利利人耶稣一伙的。”

70彼得却当众否认:“我不知道你在说什么。”

71正当他走到门口要离开时,另一个婢女看见他,就对旁边的人说:“这个人是跟拿撒勒人耶稣一伙的!”

72彼得再次否认,并发誓说:“我不认识那个人。” 73过了一会儿,旁边站着的人过来对彼得说:“你肯定也是他们一伙的,听你的口音就知道了。”

74彼得又赌咒又发誓,说:“我不认识那个人!”就在这时候,鸡叫了。 75彼得想起耶稣说的话:“在鸡叫以前,你会三次不认我。”他就跑出去,失声痛哭。