New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

दरसन 12:1-18

माईलोगन अऊ सांप सहीं पसु

1अकास म एक महान अऊ अद्भूत चिन्‍हां परगट होईस; एक झन माईलोगन ह सूरज ला पहिरे रहय। ओकर गोड़ के खाल्‍हे म चंदा रहय अऊ ओकर मुड़ी म बारह ठन तारामन के मुकुट रहय। 2ओह पेट म रिहिस, अऊ लइका जनमे के पीरा ले कलपत रिहिस। 3तब एक अऊ चिन्‍हां अकास म परगट होईस; एक बड़े लाल रंग के सांप सहीं पसु रहय। ओकर सात ठन मुड़ी अऊ दस ठन सिंग रहय अऊ सातों मुड़ी म सात ठन मुकुट रहय। 4ओकर पुंछी ह अकास के एक तिहाई तारामन ला खींचके धरती ऊपर फटिक दीस। सांप सहीं पसु ह ओ माईलोगन के आघू म ठाढ़ हो गीस, जेकर लइका होवइया रहय, ताकि ओह लइका के जनमतेच ही ओ लइका ला लील सकय। 5ओ माईलोगन ह एक बेटा ला जनमिस, जऊन ह लोहा के राजदंड ले जम्मो देस ऊपर राज करही। अऊ ओ लइका ला झपटके परमेसर अऊ ओकर सिंघासन करा लाने गीस। 6तब ओ माईलोगन ह सुनसान जगह ला भाग गीस; उहां परमेसर ह ओकर बर एक जगह तियार करे रिहिस, जिहां एक हजार दू सौ साठ दिन तक ओकर देख-भाल करे जा सकय।

7तब स्‍वरग म लड़ई होय लगिस। मीकाएल अऊ ओकर दूतमन सांप सहीं पसु के संग लड़िन, अऊ सांप सहीं पसु अऊ ओकर दूतमन एमन के संग लड़िन12:7 “मीकाएल” ह परमेसर के एक मुखिया स्‍वरगदूत अय।8पर सांप सहीं पसु ह हार गीस, अऊ ओला अऊ ओकर दूतमन ला स्‍वरग म अपन जगह ला छोड़ना पड़िस। 9ओ सांप सहीं पसु ला फटिक दिये गीस। ए सांप सहीं पसु ह ओ पुराना सांप ए, जऊन ला इबलीस या सैतान कहे जाथे अऊ जऊन ह संसार के जम्मो मनखेमन ला धोखा देथे। ओला अऊ ओकर दूतमन ला धरती म फटिक दिये गीस।

10तब मेंह स्‍वरग ले एक ऊंचहा अवाज आवत सुनेंव, जऊन ह ए कहत रहय:

“अब हमर परमेसर ले उद्धार ह आ गे हवय!

परमेसर ह राजा के रूप म अपन सामरथ ला देखाय हवय,

अऊ ओकर मसीह ह अपन अधिकार ला देखाय हवय।

काबरकि हमर भाईमन ऊपर दोस लगइया ला स्‍वरग ले फटिक दे गे हवय,

जऊन ह दिन रात हमर परमेसर के आघू म ओमन ऊपर दोस लगावत रिहिस।

11हमर भाईमन मेढ़ा-पीला के लहू

अऊ अपन गवाही के बचन के दुवारा ओ सैतान ऊपर जय पाईन;

ओमन अपन जिनगी ला देके मरे बर तियार रिहिन।

12एकरसेति, हे स्‍वरग अऊ ओम रहइयामन,

आनंद मनावव! पर हे धरती अऊ समुंदर तुमन ला धिक्‍कार ए,

काबरकि सैतान ह उतरके तुम्‍हर करा आय हवय!

ओह कोरोध ले भरे हवय, काबरकि ओह जानथे

कि ओकर करा अऊ थोरकन समय बचे हवय।”

13जब ओ सांप सहीं पसु ह देखिस कि ओला धरती ऊपर फटिक दिये गे हवय, त ओह ओ माईलोगन के पाछू पड़ गीस, जऊन ह एक बेटा ला जनमे रिहिस। 14ओ माईलोगन ला एक बड़े गिधवा के दू ठन डेना दिये गीस, ताकि ओह सुनसान जगह म ओ ठऊर ला उड़ के जा सकय, जिहां सांप के पहुंच ले बाहिर, ओकर साढ़े तीन साल तक देख-भाल करे जावय। 15तब सांप ह अपन मुहूं ले ओ माईलोगन कोति नदिया सहीं पानी के धार छोंड़िस, ताकि माईलोगन ह पानी के धार म बोहा जावय। 16पर धरती ह ओ माईलोगन के मदद करिस। धरती ह अपन मुहूं ला खोलके ओ पानी ला पी गीस, जऊन ह ओ सांप सहीं पसु के मुहूं ले निकरत रिहिस। 17तब ओ सांप सहीं पसु ह ओ माईलोगन ऊपर गुस्सा करिस अऊ ओह माईलोगन के बांचे संतानमन ले लड़ई करे बर निकरिस – याने कि ओ मनखेमन ले, जऊन मन परमेसर के हुकूम ला मानथें अऊ यीसू के ऊपर बिसवास म अटल रहिथें। 18अऊ ओ सांप सहीं पसु ह समुंदर तीर म ठाढ़ हो गीस।

Knijga O Kristu

Otkrivenje 12:1-17

Žena i Zmaj

1Na nebu se pokaže veliko znamenje. Ugledam ženu obučenu u sunce, s Mesecom pod nogama i vijencem od dvanaest zvijezda na glavi. 2Trudna je vikala u porođajnim bolima.

3Odjednom se pojavi velik crveni zmaj sa sedam glava i deset rogova. Na glavama je imao sedam kruna. 4Repom sruši na zemlju trećinu zvijezda. Stajao je pred ženom koja je rađala da joj proždre Dijete čim se rodi.

5Ona rodi muško dijete koje će vladati svim narodima željeznom palicom te je uzeto k Bogu i njegovu prijestolju. 6A žena pobjegne u pustinju, gdje joj je Bog pripravio sklonište da bude zbrinuta tisuću dvjesto šezdeset dana.

7U nebu nastane rat: Mihael i anđeli pod njegovim vodstvom zarate sa Zmajem i njegovim anđelima 8te ih nadvladaju i istjeraju iz neba. 9Veliki Zmaj, stara Zmija koju nazivaju Đavlom, Sotonom i zavodnikom svega svijeta, zbačen je na zemlju, a s njime i njegovi anđeli.

10Začujem zatim s neba silan glas:

“Evo spasenja i snage i kraljevstva našega Boga,

i vlasti njegova Pomazanika!

Jer zbačen je na zemlju tužitelj naše braće

koji ih je danonoćno optuživao pred Bogom.

11Pobijedili su ga s pomoću krvi Jaganjčeve

i riječi svojega svjedočanstva.

Nisu se bojali umrijeti.

12Radujte se, nebesa i svi vi koji u njima obitavate!

Teško vama, zemljo i more!

Jer đavao je sišao k vama silno gnjevan

znajući da mu je preostalo malo vremena!”

13Kad je Zmaj vidio da je zbačen na zemlju, počne progoniti ženu koja je rodila muško dijete. 14Ali ona dobije dva velika orlovska krila te odleti u sklonište pripremljeno za nju u pustinji, gdje će, zaštićena od Zmije, biti zbrinuta jedno vrijeme, dva vremena i polovicu vremena.

15Zmaj ispusti za ženom iz usta mlaz vode poput rijeke da je rijeka odnese. 16Ali zemlja pomogne ženi: otvori usta i proguta rijeku što je šikljala iz Zmajevih usta. 17Zmaj se nato rasrdi na ženu pa zarati s ostatkom njezina potomstva—sa svima koji čuvaju Božje zapovijedi i svjedoče da pripadaju Isusu Kristu.