New Amharic Standard Version

ዮሐንስ 12:1-50

ኢየሱስ በቢታንያ ሽቱ መቀባቱ

12፥1-8 ተጓ ምብ – ማቴ 26፥6-13፤ ማር 14፥3-9፤ ሉቃ 7፥37-39

1የፋሲካ በዓል ስድስት ቀን ሲቀረው ኢየሱስ፣ ከሞት ያስነሣው አልዓዛር ወደሚኖርበት፣ ወደ ቢታንያ መጣ። 2በዚያም ለኢየሱስ ሲባል ራት ተዘጋጀ። ማርታ ስታገለግል፣ አልዓዛር ከእርሱ ጋር በማእድ ከተቀመጡት አንዱ ነበር። 3ማርያምም ዋጋው ውድ የሆነ፣ ግማሽ ሊትር12፥3 በግሪኩ ሊትራ ይላል ንጹሕ የናርዶስ ሽቱ አምጥታ በኢየሱስ እግር ላይ አፈሰሰች፤ እግሩንም በጠጒሯ አበሰች፤ ቤቱንም የሽቱው መዓዛ ሞላው።

4ከደቀ መዛሙርቱ አንዱ፣ ኋላ አሳልፎ የሰጠው የአስቆሮቱ ይሁዳ ግን በመቃወም እንዲህ አለ፤ 5“ይህ ሽቱ በሦስት መቶ ዲናር ተሽጦ ገንዘቡ ለድኾች ለምን አልተሰጠም?” 6ይህን የተናገረው የገንዘብ ከረጢት ያዥ በመሆኑ፣ ከሚቀመጠው ለራሱ የሚጠቀም ሌባ ስለ ነበር እንጂ ለድኾች ተቈርቊሮ አልነበረም።

7ኢየሱስም እንዲህ አለ፤ “ይህ ሽቱ ለቀብሬ ቀን የታሰበ ስለ ሆነ እንድታቈየው ተዋት፤ 8ድኾች ምንጊዜም ከእናንተ ጋር ናቸው፤ እኔን ግን ሁል ጊዜ አታገኙኝም።”

9በዚህ ጊዜ ብዙ አይሁድ ኢየሱስ በዚያ መኖሩን ዐውቀው መጡ፤ የመጡትም ኢየሱስን ብለው ብቻ ሳይሆን፣ እርሱ ከሙታን ያስነሣውን አልዓዛርንም ለማየት ነበር። 10ስለዚህ የካህናት አለቆች አልዓዛርን ጭምር ለመግደል ተማከሩ፤ 11ይህም በእርሱ ምክንያት ብዙ አይሁድ ወደ ኢየሱስ እየሄዱ ያምኑበት ስለ ነበር ነው።

ኢየሱስ በክብር ወደ ኢየሩሳሌም መግባቱ

12፥12-15 ተጓ ምብ – ማቴ 21፥4-9፤ ማር 11፥7-10፤ ሉቃ 19፥35-38

12በማግሥቱም ለበዓሉ የመጣው ብዙ ሕዝብ ኢየሱስ ወደ ኢየሩሳሌም እየመጣ መሆኑን ሰሙ፤ 13የዘንባባም ዝንጣፊ ይዘው ሊቀበሉት ወጡ፤ ድምፃቸውንም ከፍ አድርገው እንዲህ አሉ፤

“ሆሣዕና!”12፥13 በዕብራይስጡ አድን! ማለት ሲሆን የምስጋና ድምፅ ነው

“በጌታ ስም የሚመጣ ቡሩክ ነው!”

“የእስራኤል ንጉሥ የተባረከ ነው!”

14ኢየሱስም የአህያ ውርንጭላ አግኝቶ ተቀመጠበት፤ እንዲህ ተብሎ እንደ ተጻፈ፤

15“የጽዮን ልጅ ሆይ፤ አትፍሪ፤

እነሆ፤ ንጉሥሽ በአህያ ግልገል

ተቀምጦ ይመጣል።”

16ደቀ መዛሙርቱ ይህን ሁሉ በመጀመሪያ አላስተዋሉም፤ ስለ እርሱ የተጻፉትንና ለእርሱም የተደረጉትን ልብ ያሉት ኢየሱስ ከከበረ በኋላ ነበር።

17አልዓዛርን ከመቃብር ጠርቶ ከሙታን ባስነሣበት ጊዜ፣ ከእርሱ ጋር የነበሩ ሰዎች መነሣቱን ይመሰክሩ ነበር። 18ብዙ ሰዎችም ይህን ታምራዊ ምልክት ማድረጉን ስለ ሰሙ ሊቀበሉት ወጡ። 19ስለዚህም ፈሪሳውያን እርስ በርሳቸው፣ “እንግዲህ ምን ማድረግ ይቻላል? አያችሁ ዓለሙ ሁሉ ግልብጥ ብሎ ተከትሎታል” ተባባሉ።

ኢየሱስ ስለ ሞቱ አስቀድሞ ተናገረ

20ለአምልኮ ወደ በዓሉ ከወጡት መካከል የግሪክ ሰዎችም ነበሩ። 21እነርሱም በገሊላ ከምትገኘው ከቤተ ሳይዳ ወደ ሆነው ሰው፣ ወደ ፊልጶስ መጥተው፣ “ጌታው፤ እባክህን፣ ኢየሱስን ለማየት እንፈልጋለን” አሉት። 22ፊልጶስም፤ ለእንድርያስ ሊነግረው ሄደ፤ እንድርያስና ፊልጶስም ለኢየሱስ ነገሩት።

23ኢየሱስም እንዲህ ሲል መለሰላቸው፤ “የሰው ልጅ የሚከብርበት ሰዓቱ ደርሶአል፤ 24እውነት እላችኋለሁ፤ የስንዴ ቅንጣት መሬት ላይ ወድቃ ካልሞተች ብቻዋን ትቀራለች፤ ብትሞት ግን ብዙ ፍሬ ታፈራለች። 25ሕይወቱን የሚወድ ያጣታል፤ በዚህ ዓለም ሕይወቱን የሚጠላ ግን ለዘላለም ሕይወት ይጠብቃታል። 26የሚያገለግለኝ ቢኖር ይከተለኝ፤ እኔም ባለሁበት አገልጋዬም በዚያ ይሆናል፤ የሚያገለግለኝንም አባቴ ያከብረዋል።

27“አሁንስ ነፍሴ ተጨነቀች፤ ምን ልበል? አባት ሆይ፤ ከዚች ሰዓት ታድነኝ? የለም፤ ይሁን የመጣሁት ለዚህች ሰዓት ነውና። 28አባት ሆይ፤ ስምህን አክብረው።”

ከዚያም፣ “አክብሬዋለሁ፤ ደግሞም አከብረዋለሁ” የሚል ድምፅ ከሰማይ መጣ። 29በዚያ የነበሩት፣ ድምፁን የሰሙት አያሌ ሰዎች፣ “ነጐድጓድ ነው” አሉ፤ ሌሎች ደግሞ፣ “መልአክ ተናገረው” አሉ።

30ኢየሱስም እንዲህ አለ፤ “ይህ ድምፅ የመጣው ስለ እኔ ሳይሆን ስለ እናንተ ነው፤ 31ይህ ዓለም የሚፈረድበት ጊዜ አሁን ነው፤ የዚህም ዓለም ገዥ አሁን ወደ ውጭ ይጣላል። 32እኔ ግን ከምድር ከፍ ከፍ ባልሁ ጊዜ ሰውን ሁሉ ወደ ራሴ እስባለሁ።” 33ይህን የተናገረው በምን ዐይነት ሞት እንደሚሞት ለማመልከት ነበር።

34ሕዝቡም፣ “እኛስ ክርስቶስ12፥34 ወይም መሲሕ ለዘላለም እንደሚኖር ከሕግ ሰምተናል፤ ታዲያ፣ ‘የሰው ልጅ ከፍ ከፍ ማለት አለበት’ እንዴት ትላለህ? ይህስ ‘የሰው ልጅ’ ማን ነው?” አሉት።

35ኢየሱስም እንዲህ ሲል ተናገራቸው፤ “ከእንግዲህ ለጥቂት ጊዜ ብርሃን አለላችሁ፤ ጨለማ ሳይመጣባችሁ፣ ብርሃን ሳለላችሁ ተመላለሱ፤ በጨለማ የሚመላለስ ወዴት እንደሚሄድ አያውቅም። 36የብርሃን ልጆች እንድትሆኑ ብርሃን ሳለላችሁ በዚህ ብርሃን እመኑ።” ኢየሱስ ይህን ተናግሮ እንደ ጨረሰ ተለያቸው፤ ተሰወረባቸውም።

አይሁድ ባለማመን መጽናታቸው

37ኢየሱስ እነዚህን ታምራዊ ምልክቶች ሁሉ በፊታቸው ቢያደርግም እንኳ፣ አሁንም አላመኑበትም፤ 38ይኸውም ነቢዩ ኢሳይያስ፣

“ጌታ ሆይ፤ ምስክርነታችንን ማን አመነ?

የጌታ ክንድስ ለማን ተገለጠ?” ያለው ቃል እንዲፈጸም ነው።

39ስለዚህ ማመን አልቻሉም፤ ይህም ኢሳይያስ በሌላ ቦታ እንዲህ ሲል እንደ ተናገረው ነው፤

40“ዐይናቸውን አሳውሮአል፤

ልባቸውንም አደንድኖአል፤

ስለዚህ በዐይናቸው አያዩም፤

በልባቸውም አያስተውሉም፤

እንዳልፈውሳቸውም አይመለሱም።”

41ኢሳይያስ ይህን ያለው የኢየሱስን ክብር ስላየ ነው፤ ስለ እርሱም ተናገረ።

42ይህም ቢሆን፣ ከአለቆች መካከል እንኳ ሳይቀር ብዙዎች በእርሱ አመኑ፤ ይሁን እንጂ ፈሪሳውያን ከምኵራብ እንዳያስወጧቸው ስለ ፈሩ ማመናቸውን አይገልጡም ነበር። 43ይህም የሆነው በእግዚአብሔር ከመመስገን ይልቅ በሰው መመስገንን ስለ ወደዱ ነው።

44ከዚያም ኢየሱስ ድምፁን ከፍ አድርጎ እንዲህ አለ፤ “ማንም በእኔ ቢያምን በእኔ ብቻ ሳይሆን በላከኝም ማመኑ ነው፤ 45እኔንም የሚያይ የላከኝን ያያል። 46በእኔ የሚያምን በጨለማ እንዳይኖር ብርሃን ሆኜ ወደ ዓለም መጥቻለሁ።

47“ቃሌን ሰምቶ በማይፈጽመው ላይ የምፈርደው እኔ አይደለሁም፤ ዓለምን ላድን እንጂ በዓለም ላይ ልፈርድ አልመጣሁምና። 48በማይቀበለኝና ቃሌን በሚያቃልል ላይ የሚፈርድበት አለ፤ የተናገርሁት ቃል ራሱ በመጨረሻው ቀን ይፈርድበታል፤ ምክንያቱም 49እኔ ከራሴ አልተናገርሁም፤ ነገር ግን የላከኝ አብ ምን እንደምናገርና እንዴት እንደምናገር አዘዘኝ። 50የእርሱ ትእዛዝ ወደ ዘላለም ሕይወት እንደሚያደርስ ዐውቃለሁ፤ ስለዚህም የምለው ሁሉ አብ እንድናገረው የነገረኝን ብቻ ነው።”

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

यूहन्ना 12:1-50

बैतनियाह गांव म यीसू के अभिसेक करे जाथे

(मत्ती 26:6-13; मरकुस 14:3-9)

1फसह तिहार के छै दिन पहिली यीसू ह बैतनियाह गांव म आईस, जिहां लाजर ह रहत रहय, जऊन ला यीसू ह मरे म ले जीयाय रिहिस। 2उहां यीसू के आदर म एक भोज तियार करे गीस। मारथा ह सेवा करत रहय, अऊ लाजर ह ओमन ले एक झन रहय, जऊन ह यीसू के संग खावत रहय। 3तब मरियम ह सुध जटामासी (गुलमेंहदी) के करीब आधा लीटर बहुंत मंहगा इतर तेल लीस अऊ यीसू के गोड़मन ऊपर ढारिस, अऊ ओह ओकर गोड़मन ला अपन बाल ले पोंछिस। ओ घर ह इतर के महक ले भर गीस।

4पर यहूदा इस्करियोती नांव के यीसू के एक चेला ह (जऊन ह पाछू ओला दगा देवइया रहय) कहिस, 5“ए इतर तेल ला बेंचके, पईसा ला गरीबमन ला काबर नइं बांटे गीस? एह तीन सौ दीनार के होय रहितिस12:5 तीन सौ दीनार ह करीब एक साल के बनी के बरोबर रिहिस।।” 6ओह ए बात एकरसेति नइं कहिस कि ओह गरीबमन के फिकर करय, पर ओह एकरसेति कहिस, काबरकि ओह चोर रिहिस। ओकर करा पईसा के थैली रहय, अऊ जऊन कुछू ओम डाले जावय, ओम ले ओह निकार लेवत रिहिस।

7यीसू ह कहिस, “ओला छोंड़ देवव। ओह मोर गाड़े जाय के दिन बर इतर तेल ला लगाय हवय। 8गरीबमन तो हमेसा तुम्‍हर संग रहिहीं, पर मेंह हमेसा तुम्‍हर संग नइं रहंव।”

9इही बीच म, यहूदीमन के एक बड़े भीड़ ला पता चलिस कि यीसू ह बैतनियाह गांव म हवय, त ओमन सिरिप ओकर खातिर ही नइं, पर लाजर ला देखे बर घलो आईन, जऊन ला यीसू ह मरे म ले जीयाय रिहिस। 10तब मुखिया पुरोहितमन लाजर ला घलो मार डारे के उपाय करन लगिन। 11काबरकि ओकर खातिर कतको यहूदीमन ओमन ला छोंड़के यीसू करा जावत रिहिन अऊ यीसू ऊपर बिसवास करत रिहिन।

यरूसलेम म यीसू के जवई

(मत्ती 21:1-11; मरकुस 11:1-11; लूका 19:28-40)

12ओकर दूसर दिन, एक बड़े भीड़ जऊन ह तिहार मनाय बर आय रिहिस, ए सुनिस कि यीसू ह यरूसलेम आवत हवय। 13त ओमन खजूर के डालीमन ला लेके ओकर ले भेंट करे बर गीन अऊ पुकार-पुकारके ए कहिन,

“परमेसर के जय हो!

धइन ए ओ, जऊन ह परभू के नांव म आथे। धइन ए, इसरायल के राजा।12:13 भजन-संहिता 118:25-26

14यीसू ला एक ठन गदही के बछरू मिलिस अऊ ओह ओकर ऊपर बईठ गीस, जइसने कि परमेसर के बचन म लिखे हवय:

15“हे सियोन के बेटी,

झन डर; देख,

तोर राजा ह गदही के बछरू ऊपर बईठके आवत हवय12:15 “सियोन के बेटी” – एह एक मुहावरा अय, जेकर उपयोग “यरूसलेम के मनखेमन” या “इसरायली मनखेमन” बर होथे (जकरयाह 9:9)।।”

16ओकर चेलामन पहिली ए बात ला नइं समझिन। पर जब यीसू के महिमा होईस, त ओमन सुरता करिन कि ए बातमन यीसू के बारे म लिखे गे रिहिस अऊ मनखेमन ओकर संग अइसनेच करिन।

17अऊ मनखेमन के ओ भीड़ जऊन ह यीसू के संग ओ बखत रिहिस, जब यीसू ह लाजर ला कबर म ले बलाईस अऊ ओला मरे म ले जियाईस, ओमन ए बात के गवाही देवत रिहिन। 18ए खातिर, बहुंते मनखेमन यीसू ले भेंट करे बर गीन, काबरकि ओमन सुने रहंय कि ओह ए चमतकार के काम करे हवय। 19तब फरीसीमन एक-दूसर ले कहिन, “हमन कुछू नइं कर सकथन। देखव, जम्मो संसार ह ओकर पाछू हो गे हवय।”

यीसू ह अपन मिरतू के अगमबानी करथे

20जऊन मन तिहार के समय म अराधना करे बर गे रिहिन, ओमन म कुछू यूनानी मनखे रिहिन। 21ओमन फिलिप्पुस करा आईन, जऊन ह गलील प्रदेस के बैतसैदा सहर के रिहिस, अऊ ओकर ले बिनती करिन, “हे महाराज, हमन यीसू ला देखे बर चाहथन।” 22फिलिप्पुस ह जाके अन्द्रियास ला कहिस, तब अन्द्रियास अऊ फिलिप्पुस जाके यीसू ला कहिन।

23यीसू ह कहिस, “ओ समय ह आ गे हवय, जब मनखे के बेटा के महिमा होवय। 24मेंह तुमन ला सच-सच कहथंव कि जब तक गहूं के बीजा ह भुइयां म गिरके मर नइं जावय, तब तक ओ बीजा ह सिरिप अकेला रहिथे, पर जब एह मर जाथे, त बहुंत फर देथे। 25जऊन ह अपन परान ले मया करथे, ओह ओला गंवाही, पर जऊन ह ए संसार म अपन परान ला जादा महत्‍व नइं देवय, ओह ओला परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी बर बंचाके रखही। 26यदि कोनो मोर सेवा करथे, त ओह मोर पाछू जरूर हो लेवय; जिहां मेंह हवंव, उहां मोर सेवक ह घलो होही। यदि कोनो मोर सेवा करथे, त मोर ददा ह ओकर आदर करही।

27अब मोर परान ह बहुंते बियाकुल होवथे अऊ मेंह का कहंव? हे ददा, मोला ए घरी ले बंचा। पर एहीच कारन बर तो मेंह ए घरी म पहुंचे हवंव। 28हे ददा, अपन नांव के महिमा कर।”

तब स्‍वरग ले ए अवाज आईस, “मेंह एकर महिमा करे हवंव अऊ एकर महिमा फेर करहूं।” 29मनखेमन के जऊन भीड़ उहां ठाढ़े रिहिस, जब ओमन एला सुनिन, त कहिन कि एह बादर के गरजन रिहिस, अऊ आने मन कहिन, “एक स्‍वरगदूत ह ओकर ले गोठियाईस।”

30यीसू ह कहिस, “ए अवाज ह मोर बर नइं, पर तुम्‍हर भलई बर होईस। 31अब ए संसार के नियाय के समय ए; अब ए संसार के राजकुमार (सैतान) ला निकार दिये जाही। 32पर जब मेंह धरती ले ऊपर उठाय जाहूं, त जम्मो झन ला मेंह अपन तरफ खींच लूहूं।” 33यीसू ह ए कहे के दुवारा इसारा करिस कि ओह कोन किसम ले मरइया रिहिस। 34भीड़ के मनखेमन कहिन, “हमन मूसा के कानून ले ए बात सुने हवन कि मसीह ह सदाकाल तक रहिही। तब तेंह कइसने कहथस कि मनखे के बेटा के ऊपर उठाय जाना जरूरी ए। ए मनखे के बेटा कोन ए?”

35तब यीसू ह ओमन ला कहिस, “अंजोर ह थोरकन समय तक तुम्‍हर संग म रहिही। जब तक तुम्‍हर करा अंजोर हवय, रेंगत रहव, नइं तो अंधियार ह तुमन ला घेर लिही। जऊन ह अंधियार म रेंगथे, ओह नइं जानय कि ओह कहां जावथे। 36जब तक तुम्‍हर करा अंजोर हवय, ओम अपन बिसवास रखव, ताकि तुमन अंजोर के संतान बन जावव।” ए कहे के बाद, यीसू ह उहां ले चल दीस अऊ अपन-आप ला ओमन ले छुपाय रखिस12:36 मत्ती 5:14; इफिसीमन 5:8-9; 1थिस्सलुनीकीमन 5:5 म यीसू ह अपन चेलामन ला संसार के अंजोर कहिथे।

यहूदीमन के अबिसवास

37हालाकि यीसू ह बहुंते चमतकार के काम ओमन के (यहूदीमन के) आघू म करे रिहिस, तभो ले ओमन ओकर ऊपर बिसवास नइं करिन। 38जेकर ले यसायाह अगमजानी के ए बचन ह पूरा होईस:

“हे परभू, हमर संदेस ऊपर कोन ह बिसवास करिस,

अऊ परभू के भुजबल ह काकर ऊपर परगट होईस?”12:38 यसायाह 53:1

39एकर कारन ओमन बिसवास नइं कर सकिन, काबरकि यसायाह ए घलो कहे हवय:

40“ओह (परमेसर) ओमन के आंखीमन ला अंधरा कर दे हवय,

अऊ ओमन के मन ला कठोर कर दे हवय, ताकि ओमन न तो अपन आंखी ले देख सकंय,

अऊ न तो अपन मन ले समझ सकंय,

अऊ ओमन मोर तरफ नइं फिरंय कि मेंह ओमन ला चंगा करंव।”12:40 यसायाह 6:10

41यसायाह ए बात एकरसेति कहिस काबरकि ओह यीसू के महिमा ला देखिस अऊ ओह ओकर बारे म गोठियाईस।

42तभो ले यहूदी अगुवा म ले बहुंते झन यीसू ऊपर बिसवास करिन। पर फरीसीमन के कारन ओमन अपन बिसवास ला खुले आम नइं मानिन। ओमन डरत रहंय कि ओमन ला यहूदीमन के सभा घर ले निकार दिये जाही। 43ओमन ला परमेसर के परसंसा करई ले मनखे के परसंसा करई जादा बने लगिस।

44तब यीसू ह चिचियाके कहिस, “जऊन ह मोर ऊपर बिसवास करथे, ओह न सिरिप मोर ऊपर बिसवास करथे, पर ओह ओकर ऊपर घलो बिसवास करथे, जऊन ह मोला पठोय हवय। 45अऊ जब ओह मोला देखथे, त ओह ओला देखथे जऊन ह मोला पठोय हवय। 46मेंह संसार म अंजोर के रूप म आय हवंव, ताकि जऊन कोनो मोर ऊपर बिसवास करय, ओह अंधियार म झन रहय।

47यदि कोनो मोर बचन ला सुनथे, अऊ ओकर मुताबिक नइं चलय, त मेंह ओकर नियाय नइं करंव। काबरकि मेंह संसार के नियाय करे बर नइं, पर संसार के उद्धार करे बर आय हवंव। 48जऊन ह मोर तिरस्‍कार करथे अऊ मोर बचन ला गरहन नइं करय, ओकर एक नियाय करइया हवय। जऊन बचन मेंह कहे हवंव, ओहीच बचन ह आखिरी दिन म ओला दोसी ठहराही। 49काबरकि मेंह अपन कोति ले कुछू नइं कहेंव, पर ददा जऊन ह मोला पठोय हवय, ओह खुद मोला हुकूम दे हवय कि मेंह का कहंव अऊ कइसने कहंव। 50अऊ मेंह जानथंव कि ओकर हुकूम ह सदाकाल के जिनगी करा ले जाथे, एकरसेति जऊन कुछू मेंह कहिथंव, ओला वइसनेच कहिथंव, जइसने ददा ह मोला कहे हवय।”