New Amharic Standard Version

ሐዋርያት ሥራ 3:1-26

ጴጥሮስ ሽባውን ለማኝ ፈወሰ

1አንድ ቀን ጴጥሮስና ዮሐንስ በጸሎት ጊዜ ይኸውም ከቀኑ በዘጠኝ ሰዓት፣ ወደ ቤተ መቅደስ ይወጡ ነበር። 2ወደ ቤተ መቅደስ ከሚገቡት ሰዎች ምጽዋት እንዲለምን፣ ሰዎች በየዕለቱ ተሸክመው ‘ውብ’ በተባለው የቤተ መቅደስ መግቢያ በር ላይ የሚያስቀምጡት አንድ ከተወለደ ጀምሮ ሽባ የሆነ ሰው ነበረ፤ 3እርሱም ጴጥሮስና ዮሐንስ ወደ ቤተ መቅደስ ሲገቡ አይቶ ምጽዋት ለመናቸው። 4ጴጥሮስም ከዮሐንስ ጋር ወደ እርሱ ትኵር ብሎ አየውና፣ “እስቲ ወደ እኛ ተመልከት” አለው። 5ሰውየውም፣ ከእነርሱ አንድ ነገር ለማግኘት አስቦ በትኵረት ተመለከታቸው።

6ጴጥሮስ ግን፣ “እኔ ብርና ወርቅ የለኝም፤ ነገር ግን ያለኝን እሰጥሃለሁ፤ በናዝሬቱ በኢየሱስ ክርስቶስ ስም ተነሥተህ በእግርህ ተመላለስ” አለው፤ 7ቀኝ እጁንም ይዞ አስነሣው፤ ወዲያውም እግሩና ቊርጭምጭሚቱ በረታ፤ 8ዘሎም ቀጥ ብሎ ቆመ፤ መራመድም ጀመረ፤ ወዲህ ወዲያ እየሄደና እየዘለለም እግዚአብሔርንም እያመሰገነ ከእነርሱ ጋር ወደ ቤተ መቅደሱ አደባባይ ገባ። 9ሕዝቡም ሁሉ እየተራመደና እግዚአብሔርን እያመሰገነ ሲመላለስ ባዩት ጊዜ፣ 10ይህ ሰው ቀደም ሲል ‘ውብ’ በተባለው የቤተ መቅደስ መግቢያ በር ላይ ተቀምጦ ምጽዋት ይለምን የነበረው እርሱ መሆኑን ዐወቁ፤ በእርሱ ላይ ከተፈጸመውም ነገር የተነሣ በመደነቅና በመገረም ተሞሉ።

ጴጥሮስ ለማኙ ሲፈወስ ላየው ሕዝብ ንግግር አደረገ

11የተፈወሰውም ለማኝ ከጴጥሮስና ዮሐንስ ጋር ጥብቅ ብሎ አብሮአቸው ሳለ፣ ሕዝቡ ሁሉ በመገረም እነርሱ ወደነበሩበት ‘የሰሎሞን መመላለሻ’ ወደተባለው ስፍራ እየሮጡ መጡ። 12ጴጥሮስም ይህን ባየ ጊዜ እንዲህ አላቸው፤ “የእስራኤል ሕዝብ ሆይ፤ በዚህ ለምን ትደነቃላችሁ? ደግሞም በእኛ ኀይል ወይም በእኛ ጽድቅ ይህ ሰው ድኖ እንዲመላለስ እንዳደረግነው በመቊጠር፣ ለምን ወደ እኛ አትኵራችሁ ትመለከታላችሁ? 13የአባቶቻችን አምላክ፣ የአብርሃም፣ የይስሐቅና የያዕቆብ አምላክ ብላቴናውን ኢየሱስን አከበረው፤ እናንተ ግን እንዲሞት አሳልፋችሁ ሰጣችሁት፤ ጲላጦስ ሊፈታው ቢፈልግም እናንተ በእርሱ ፊት ካዳችሁት፤ 14ቅዱሱንና ጻድቁን ክዳችሁ ነፍሰ ገዳዩ እንዲፈታላችሁ ለመናችሁ፤ 15የሕይወት መገኛ የሆነውን ገደላችሁት፤ እግዚአብሔር ግን ከሙታን አስነሣው፤ እኛም ለዚህ ምስክሮች ነን። 16ይህ የምታዩትና የምታውቁት ሰው የበረታው በኢየሱስ ስም በማመን ነው፤ ሁላችሁም እንደምታዩት ፍጹም ፈውስ እንዲያገኝ ያደረገው የኢየሱስ ስምና በእርሱ አማካይነት የሚገኘው እምነት ነው።

17“አሁንም ወንድሞች ሆይ፤ እናንተ ይህን ያደረጋችሁት እንደ አለቆቻችሁ ሁሉ ባለማወቅ እንደሆነ ዐውቃለሁ። 18እግዚአብሔር ግን የእርሱ የሆነው ክርስቶስ3፥18 ወይም መሲሕ፤ እንዲሁም በቍ 20 መከራን እንዲቀበል አስቀድሞ በነቢያቱ ሁሉ አፍ የተናገረውን ፈጽሞአል። 19እንግዲህ ኀጢአታችሁ እንዲደመሰስ ንስሓ ግቡ፤ ከመንገዳችሁም ተመለሱ፤ ከጌታም ዘንድ የመታደስ ዘመን ይመጣላችኋል፤ 20ደግሞም አስቀድሞ ለእናንተ የተመደበውን ክርስቶስን እርሱም ኢየሱስን ይልክላችኋል። 21እግዚአብሔር አስቀድሞ በቅዱሳን ነቢያቱ አፍ እንደ ተናገረ፣ ሁሉን ነገር እስከሚያድስበት ዘመን ድረስ እርሱ በሰማይ ይቈይ ዘንድ ይገባል። 22ሙሴም እንዲህ ብሎአል፤ ‘ጌታ አምላካችሁ ከእናንተው መካከል እንደ እኔ ያለ ነቢይ ያስነሣላችኋል፤ እርሱ የሚነግራችሁን ሁሉ ስሙት፤ 23ይህን ነቢይ የማትሰማ ነፍስ ሁሉ ከሕዝቡ መካከል ተለይታ ትጥፋ።’

24“በርግጥም ከሳሙኤል ጀምሮ የተነሱት ነቢያት ሁሉ ስለ እነዚህ ጊዜያት ተናግረዋል። 25እናንተም የነቢያት ልጆች ናችሁ፤ ደግሞም እግዚአብሔር ለአብርሃም፣ ‘በዘርህ የምድር ወገኖች ሁሉ ይባረካሉ” ብሎ የገባው ኪዳን ወራሾች ናችሁ። 26እግዚአብሔር ብላቴናውን ባስነሣ ጊዜ፣ እያንዳንዳችሁን ከክፋታችሁ መልሶ ይባርካችሁ ዘንድ አስቀድሞ ወደ እናንተ ላከው።”

Hindi Contemporary Version

प्रेरित 3:1-26

पेतरॉस द्वारा अपंग को चंगाई

1एक दिन नवें घंटे पर, जो प्रार्थना का निर्धारित समय था, पेतरॉस और योहन मंदिर जा रहे थे. 2उसी समय जन्म से अपंग एक व्यक्ति को भी वहां ले जाया जा रहा था, जिसे प्रतिदिन मंदिर के ओरियन अर्थात सुंदर नामक द्वार पर छोड़ दिया जाता था कि वह वहां प्रवेश करते व्यक्तियों से भिक्षा विनती कर सके. 3पेतरॉस और योहन को प्रवेश करते देख उसने उनसे भीख मांगी. 4पेतरॉस तथा योहन ने उसकी ओर सीधे, एकटक देखते हुए कहा, “हमारी ओर देखो.” 5उनसे कुछ पाने की आशा में वह उन्हें ताकने लगा.

6पेतरॉस ने उससे कहा, “चांदी और सोना तो मेरे पास है नहीं किंतु मैं तुम्हें वह देता हूं, जो मेरे पास है: नाज़रेथ के मसीह येशु के नाम में स्वस्थ हो जाओ और चलने लगो.” 7यह कहते हुए उन्होंने उसका दायां हाथ पकड़कर उसे उठाया. उसी क्षण उसके पांवों तथा टखनों में बल-संचार हुआ, 8वह उछलकर खड़ा हो गया और चलने लगा. उसने उनके साथ चलते, उछलते-कूदते, परमेश्वर का गुणगान करते हुए मंदिर में प्रवेश किया. 9वहां सभी ने उसे चलते फिरते और परमेश्वर का गुणगान करते हुए देखा. 10यह जानकर कि यह वही भिक्षुक है, जो मंदिर के सुंदर नामक द्वार पर बैठा करता था, वे उसमें यह परिवर्तन देख अचंभित और चकित रह गए.

भीड़ को पेतरॉस का भाषण

11वह पेतरॉस और योहन का साथ छोड़ ही नहीं रहा था. वहां उपस्थित चकित भीड़ दौड़ती हुई उनके पास आकर शलोमोन के ओसारे में इकट्ठी होने लगी. 12यह देख पेतरॉस, उन्हें संबोधित कर कहने लगे: “इस्राएली बंधुओं, आप इस व्यक्ति या हम पर इतने चकित क्यों हैं? हमें ऐसे क्यों देख रहे हैं मानो हमने ही इसे अपने सामर्थ्य और भक्ति के द्वारा चलने योग्य बनाया है? 13अब्राहाम, यित्सहाक और याकोब के परमेश्वर, हमारे पूर्वजों के परमेश्वर ने अपने सेवक मसीह येशु को गौरवान्वित किया, जिन्हें आप लोगों ने अस्वीकार करते हुए पिलातॉस के हाथों में सौंप दिया—जबकि पिलातॉस ने उन्हें छोड़ देने का निश्चय कर लिया था. 14आप लोगों ने एक पवित्र और धर्मी व्यक्ति को अस्वीकार कर एक हत्यारे को छुड़ा देने की विनती की. 15तथा आपने जीवन के रचनेवाले को मार डाला, जिन्हें परमेश्वर ने मरे हुओं में से जीवित कर दिया. हम इसके प्रत्यक्ष साक्षी हैं. 16मसीह येशु के नाम में विश्वास के कारण इस व्यक्ति में, जिसे आप जानते हैं, जिसे आप इस समय देख रहे हैं, बल-संचार हुआ है. यह व्यक्ति मसीह येशु के नाम में सशक्त किया गया और मसीह येशु में विश्वास के द्वारा पूरे रूप से स्वस्थ हुआ है, जैसा कि आप स्वयं देख सकते हैं.

17“प्रियजन, मैं यह जानता हूं कि आपने मसीह येशु के विरुद्ध यह सब अज्ञानतावश किया है, ठीक जैसा आपके शासकों ने भी किया था. 18किंतु परमेश्वर ने सभी भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा यह पहले से ही घोषणा कर दी थी कि उनके मसीह के लिए यह यातना निर्धारित है. यह उसी की पूर्ति है. 19इसलिये पश्चाताप कीजिए, परमेश्वर की ओर मन फिराइए कि आपके पाप मिटा दिए जाएं, 20जिसके फलस्वरुप प्रभु की ओर से आपके लिए विश्राम और शांति का समय आ जाए और वह मसीह येशु को, जो आपके लिए पहले से ठहराए गए मसीह हैं, भेज दें, 21जिनका स्वर्ग के द्वारा स्वीकार किया जाना निश्चित है, उनका उस समय तक स्वर्ग में ठहरे रहना आवश्यक है, जब तक परमेश्वर द्वारा हर एक वस्तु की पुनस्थापना का समय न आ जाए, जिसकी प्रतिज्ञा परमेश्वर ने प्राचीन काल में अपने भविष्यद्वक्ताओं के माध्यम से की थी. 22मोशेह ने यह घोषणा की थी: याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर तुम्हारे बीच में, तुम्हारे ही देशवासियों में से तुम्हारे लिए मेरे समान एक भविष्यवक्ता को उठाएंगे. तुम उसी के आदेशों का पालन करोगे. 23तथा हर एक, जो उसके आदेशों को अनसुना करे, तुम्हारे बीच से पूरी तरह नाश कर दिया जाए.3:23 निर्ग 18:15, 18, 19

24“शमुएल भविष्यवक्ता से लेकर उनके बादवाले सभी भविष्यद्वक्ताओं द्वारा भी इन्हीं दिनों के विषय में घोषणा की गई है. 25तुम सब उन भविष्यद्वक्ताओं तथा उस वाचा की संतान हो, जिसकी स्थापना परमेश्वर ने हमारे पूर्वजों के साथ अब्राहाम से यह कहते हुए की थी.3:25 उत्प 22:18; 26:4 26परमेश्वर ने अपने सेवक को मरे हुओं में से उठाकर सबसे पहले तुम्हारे पास भेज दिया कि वह तुममें से हरेक को तुम्हारी बुराइयों से फेरकर आशीष प्रदान करें.”