Habrit Hakhadasha/Haderekh

הבשורה על-פי מרקוס 15:1-47

1השכם בבוקר נפגשו ראשי הכוהנים, הזקנים, הסופרים וכל חברי הסנהדרין כדי להתייעץ על הצעד הבא. הם החליטו לשלוח את ישוע בליווי משמר מזוין אל פילטוס, המושל הרומאי.

2”האם אתה מלך היהודים?“ שאל פילטוס.

”אתה אומר“, השיב ישוע.

3‏-4ראשי הכוהנים האשימו אותו בפשעים רבים. ”מדוע אינך מגן על עצמך?“ שאל פילטוס בתמיהה. ”מה יש לך לומר?“ 5להפתעתו של פילטוס לא ענה ישוע דבר.

6כל שנה בחג הפסח נהג פילטוס להוציא לחופשי אסיר יהודי אחד, לפי בחירת העם. 7באותו זמן היה בכלא אסיר יהודי בשם בר־אבא, אשר הואשם ברצח (יחד עם אחרים) בעת אחת המרידות.

8בינתיים החל ההמון לבקש מפילטוס שישחרר אסיר אחד כמנהגו.

9”האם אתם רוצים שאוציא לחופשי את מלך היהודים?“ שאל פילטוס. 10הוא הציע לשחרר את ישוע, כי הבין שראשי הכוהנים אסרו אותו מתוך קנאה.

11אולם ראשי הכוהנים הסיתו את ההמון לדרוש את שחרורו של בר־אבא במקום שחרורו של ישוע.

12”אם אשחרר את בר־אבא, מה אעשה עם איש שאתם קוראים לו מלך היהודים?“ שאל פילטוס.

13”צלוב אותו!“ צעקו.

14”אבל מדוע?“ לא הבין פילטוס. ”מה עשה?“ הם לא ענו, ורק הגבירו את צעקותיהם: ”צלוב אותו!“

15פילטוס רצה למנוע מהומות אז נכנע לדרישת ההמון. על כן שחרר את בר־אבא מבית־הסוהר וציווה להלקות את ישוע בשוטים.

16‏-17לאחר מכן לקחו החיילים הרומאים את ישוע לחצר הארמון. הם קראו לכל חיילי המשמר, הלבישו את ישוע בגלימת ארגמן, הכינו לו זר מקוצים ארוכים ודוקרניים והניחו את הזר על ראשו. 18הם החלו ללעוג ולצחוק לו: ”יחי מלך היהודים!“ 19הם הכו אותו באכזריות, חבטו על ראשו במקלות, ירקו עליו, כרעו ברך לפניו והשתחוו לו בלעג.

20לאחר שסיימו החיילים להתלוצץ ולצחוק עליו, הפשיטו מעליו את הארגמן והלבישו אותו בבגדיו, והוציאו אותו החוצה לצליבה.

21החיילים פגשו בדרך את שמעון הקוריני (אביהם של אלכסנדר ורופוס), שחזר מהשדה, ואילצוהו לשאת את הצלב של ישוע למקום הצליבה.

22ישוע הובא למקום הנקרא ”גלגלתא“, כלומר ”מקום הגולגולת“. 23הם הגישו לו יין מסומם, אך הוא סרב לשתות. 24לאחר מכן הם צלבו אותו וערכו הגרלה על בגדיו.

25בשעה תשע בבוקר צלבו את ישוע.

26מעל ראשו היה תלוי שלט שאשמתו כתובה עליו: ”מלך היהודים“.

27באותו בוקר נצלבו איתו שני פושעים: אחד לימינו ואחד לשמאלו, 28וכך התקיים הפסוק:15‏.28 טו 28 ישעיהו נג 12 ”ואת פושעים נמנה.“

29העוברים ושבים קללו אותו, לעגו לו וקראו: ”נו, אתה יכול להרוס את בית המקדש ולבנותו מחדש בשלושה ימים? 30אם אתה גיבור כזה, מדוע אינך מציל את עצמך ויורד מהצלב?“ 31גם ראשי הכוהנים והסופרים עמדו סביבו ולעגו לו. ”הוא יכול להושיע את כולם חוץ מאשר את עצמו!“ צחקו.

32”משיח שכמוהו!“ קראו. ”מלך ישראל, הבה נראה אותו יורד מהצלב, ואז נאמין למה שהוא אומר!“ גם שני הפושעים שנצלבו איתו קיללו אותו.

33בשעה שתים־עשרה בצהריים כיסה חושך את כל הארץ למשך שלוש שעות.

34בשעה שלוש אחר־הצהריים זעק ישוע זעקת שבר: ”אלי, אלי, למה שבקתני?“ (”אלי, אלי, למה עזבתני?“15‏.34 טו 34 תהלים כב 2) 35אחדים מהאנשים שעמדו שם חשבו שהוא קורא לאליהו הנביא. 36איש אחד רץ והביא ספוג טבול בחומץ, שם אותו בקצה מוט ארוך והגיש אותו לישוע. ”הבה נראה אם אליהו באמת יבוא להוריד אותו!“ קרא האיש.

37באותו רגע זעק ישוע זעקת שבר נוספת ונפח את נשמתו.

38בבית־המקדש, הפרוכת התלויה לפני קודש הקודשים נקרעה לשניים מלמעלה למטה.

39קצין רומאי אחד, שעמד בין הצופים וראה כיצד נפח ישוע את נשמתו, קרא: ”האיש הזה באמת היה בן־אלוהים!“

40גם נשים עמדו במרחק מה וחזו בצליבה; ביניהן היו מרים המגדלית, מרים (אמם של יעקב ויוסי) ושלומית. 41כל אלה האמינו בישוע ואף שרתו אותו בהיותו בגליל. היו שם עוד נשים רבות אשר הלכו אחריו לירושלים.

42‏-43כל זה התרחש ביום שישי. עם רדת הערב, יהודי נכבד בשם יוסף מן הרמתיים ניגש לפילטוס וביקש את גופתו של ישוע. יוסף היה חבר בסנהדרין והאמין בביאת המשיח באותה עת. 44פילטוס לא האמין שישוע כבר מת, ולכן ביקש מאחד מקציניו שיוודא את הדבר. 45הקצין בדק ואישר שאכן ישוע כבר מת, ורק אז הרשה פילטוס ליוסף לקחת את הגופה.

46יוסף קנה סדין גדול, הוריד את גופת ישוע מהצלב, עטף אותה בסדין וקבר את ישוע בקבר חצוב בסלע. הוא סתם את פתח הקבר באבן גדולה. 47מרים המגדלית ומרים אמו של יוסי ראו את המקום שבו נקבר ישוע.

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

मरकुस 15:1-47

यीसू ह राजपाल पीलातुस के आघू म

(मत्ती 27:1-2, 11-14; लूका 23:1-5; यूहन्ना 18:28-38)

1बड़े बिहनियां मुखिया पुरोहित, अगुवा, नियम के सिखोइया मन अऊ जम्मो महासभा मिलके फैसला करिन। ओमन यीसू ला बांधिन अऊ ओला ले जाके पीलातुस के हांथ म सऊंप दीन।

2पीलातुस ह यीसू ले पुछिस, “का तेंह यहूदीमन के राजा अस?”

यीसू ह कहिस, “हव जी, जइसने कि तेंह कहथस।”

3मुखिया पुरोहितमन ओकर ऊपर बहुंत अकन दोस लगाईन 4पीलातुस ह ओकर ले फेर पुछिस, “का तेंह कोनो जबाब नइं देवस? देख एमन तोर ऊपर कतेक दोस लगावत हवंय।”

5तभो ले यीसू ह कोनो जबाब नइं दीस। एला देखके पीलातुस ह अब्‍बड़ अचम्भो करिस।

यीसू ला मार डारे के हुकूम दिये जाथे

(मत्ती 27:15-26; लूका 23:13-25; यूहन्ना 18:39–19:16)

6ए रिवाज रिहिस कि फसह तिहार के समय म, पीलातुस ह कोनो एक झन कैदी, जऊन ला मनखेमन चाहंय, छोंड़ देवय। 7बरब्‍बा नांव के एक मनखे जेल म आने मन संग रिहिस, जऊन ह सरकार के बिरोध म बलवा करके हतिया करे रिहिस। 8मनखे के भीड़ ह ऊपर आके पीलातुस ले बिनती करिस, “जइसने तेंह हमर खातिर करत आय हवस, वइसने कर।”

9पीलातुस ह कहिस, “का तुमन चाहत हव कि मेंह तुम्‍हर खातिर यहूदीमन के राजा ला छोंड़ देवंव?” 10काबरकि ओह जानत रिहिस कि मुखिया पुरोहितमन यीसू ला जलन के कारन पकड़वाय रिहिन। 11पर मुखिया पुरोहितमन भीड़ ला भड़काईन कि पीलातुस ह यीसू के जगह म बरब्‍बा ला छोंड़ देवय।

12एला सुनके पीलातुस ह ओमन ले पुछिस, “त फेर मेंह ए मनखे के का करंव, जऊन ला तुमन यहूदीमन के राजा कहत हवव।”

13ओमन चिचियाके कहिन, “ओला कुरुस ऊपर चघाके मार डार।”

14पीलातुस ह ओमन ले पुछिस, “काबर? ओह का अपराध करे हवय?”

पर ओमन अऊ चिचियाके कहिन, “ओला कुरुस ऊपर चघाके मार डार।”

15तब भीड़ ला खुस करे बर पीलातुस ह बरब्‍बा ला छोंड़ दीस अऊ यीसू ला कोर्रा म पीटवाके कुरुस ऊपर चघाय बर सऊंप दीस।

सिपाहीमन यीसू के हंसी उड़ाथें

(मत्ती 27:27-31; यूहन्ना 19:2-3)

16सिपाहीमन यीसू ला किला के भीतर अंगना म ले गीन अऊ सिपाहीमन के जम्मो दल ला बलाईन। 17ओमन बैंजनी रंग के कपड़ा ओला पहिराईन अऊ कांटा के मुकुट गुंथके ओकर मुड़ ऊपर रखिन। 18अऊ ओमन ओकर हंसी उड़ाके कहिन, “हे यहूदीमन के राजा।” 19अऊ बार-बार ओमन ओकर मुड़ ला लउठी म मारंय, अऊ ओकर ऊपर थूकंय अऊ माड़ी ला टेकके ओला जोहार करंय। 20जब ओमन ओकर हंसी उड़ा चुकिन, त बैंजनी रंग के कपड़ा ला ओकर ऊपर ले उतारके ओला ओकरेच कपड़ा ला पहिराईन अऊ तब ओमन कुरुस ऊपर चघाय बर ओला बाहिर ले गीन।

यीसू ला कुरुस म चघाय जाथे

(मत्ती 27:32-44; लूका 23:26-43; यूहन्ना 19:17-27)

21सिकन्दर, अऊ रूफुस के ददा सिमोन नांव के कुरेन के रहइया एक मनखे गांव ले आवत रिहिस। ओह ओहीच डहार ले निकरिस। सिपाहीमन ओला जबरन यीसू के कुरुस ला उठाके ले जाय बर कहिन। 22ओमन यीसू ला गुलगुता नांव के ठऊर म लानिन, जेकर मतलब होथे “खोपड़ी के ठऊर”। 23तब ओमन ओला मुर्र म मिले अंगूर के मंद देवन लगिन, पर ओह ओला नइं लीस। 24तब ओमन ओला कुरुस ऊपर चघाईन। अऊ ओकर ओन्ढा बर चिट्ठी डालके फैसला करिन कि कोन ला का मिलही, अऊ ओकर हिसाब ले ओला बांट लीन।

25दिन के करीब 9 बजे के समय होही, जब ओमन यीसू ला कुरुस ऊपर चघाईन। 26अऊ ओकर ऊपर म ए दोस लिखके टांग दीन: “यहूदीमन के राजा”। 27ओमन ओकर संग दू झन डाकूमन ला घलो कुरुस ऊपर चघाईन; एक झन ला ओकर जेवनी कोति अऊ दूसर ला ओकर डेरी कोति। 28तब परमेसर के ओ बचन कि ओह पापीमन के संग गने जाही, पूरा होईस। 29अऊ रसता म अवइया-जवइयामन मुड़ी डोला-डोला के अऊ ठट्ठा करके ए कहंय, “तेंह कहत रहय कि मंदिर ला गिरावव अऊ मेंह तीन दिन म ओला बना दूहूं। 30कुरुस ले उतरके अपन-आप ला बंचा।”

31अइसनेच मुखिया पुरोहित अऊ कानून के गुरूमन घलो आपस म ठट्ठा करके कहंय, “एह आने मन ला बंचाईस अऊ अपन-आप ला नइं बंचाय सकत हवय। 32इसरायल के राजा, मसीह! अब कुरुस ले उतर आ कि हमन देखके बिसवास करन।” अऊ जऊन मन ओकर संग कुरुस ऊपर चघाय गे रिहिन, ओमन घलो ओकर ठट्ठा करत रहंय।

यीसू के मिरतू

(मत्ती 27:45-56; लूका 23:44-49; यूहन्ना 19:28-30)

33मंझनियां के बखत जम्मो देस म अंधियार छा गीस अऊ अंधियार ह तीन बजे तक छाय रिहिस। 34तब तीन बजे यीसू ह अब्‍बड़ नरियाके कहिस, “इलोई इलोई लमा सबकतनी?” जेकर मतलब होथे – “हे मोर परमेसर, हे मोर परमेसर, तेंह मोला काबर छोंड़ दे?”15:34 भजन-संहिता 22:1

35जब लकठा म ठाढ़े मनखेमन ले कतको झन एला सुनिन, त ओमन कहिन, “देखव, एह एलियाह अगमजानी ला बलावत हवय।”

36ओम के एक झन दऊड़के गीस अऊ स्‍पंज ला सिरका म बोरिस अऊ ओला एक ठन लउठी म रखके यीसू ला पीये बर दीस अऊ कहिस, “ठहर जावव, हमन देखबो कि एलियाह ह ओला उतारे बर आथे कि नइं।”

37तब यीसू ह अब्‍बड़ जोर से नरियाके अपन परान ला तियाग दीस।

38मंदिर के परदा ह ऊपर ले खाल्‍हे तक चीराके दू बांटा हो गीस15:38 मंदिर म पबितर जगह अऊ महा पबितर जगह के बीच म एक परदा रहय। ए बिसवास रिहिस कि महा पबितर जगह म परमेसर के उपस्थिति धरती म रिहिस। सिरिप महा पुरोहित ला अनुमती रिहिस कि साल म एक बार ओह महा पबितर जगह म परमेसर के मनखेमन के पाप खातिर बलिदान चघाय बर जावय। मंदिर के परदा ह चीरा गीस, एकर मतलब ए अय कि यीसू ह हमर पाप खातिर मर गीस, अऊ अब हर एक बिसवासी ह परमेसर करा सीधा जा सकथे (देखव – इबरानीमन 6:19-20; 9:1-16; 10:19-22)।39सिपाहीमन के अधिकारी ह यीसू के आघू म ठाढ़े रिहिस। जब ओह यीसू ला अइसने गोहार पारके परान तियागत देखिस, त कहिस, “सिरतोन म एह परमेसर के बेटा रिहिस।”

40उहां कुछू माईलोगन घलो दूरिहा ले देखत रहंय। ओम मरियम मगदलिनी, अऊ छोटे याकूब अऊ योसेस के दाई मरियम अऊ सलोमी रिहिन। 41जब यीसू ह गलील म रिहिस, त एमन ओकर पाछू हो ले रिहिन अऊ ओकर सेवा करत रिहिन। अऊ बहुंत माईलोगन रिहिन, जऊन मन ओकर संग यरूसलेम आय रिहिन।

यीसू ला कबर म रखे जाथे

(मत्ती 27:57-61; लूका 23:50-56; यूहन्ना 19:38-42)

42ओह तियारी के दिन रिहिस जऊन ह कि बिसराम दिन के एक दिन आघू आथे। जब संझा होईस, 43त अरमतिया के रहइया यूसुफ ह आईस, जऊन ह कि महासभा के नामी सदस्य रिहिस अऊ खुदे परमेसर के राज के बाट जोहत रिहिस। ओह हिम्मत करके पीलातुस करा गीस अऊ यीसू के लास ला मांगिस। 44पीलातुस ह ए सुनके अचम्भो करिस कि यीसू ह अतेक जल्दी मर गीस अऊ ओह सिपाहीमन के अधिकारी ला बलाके पुछिस, “का यीसू ह मर गीस?” 45जब ओह अधिकारी ले यीसू के मरे के खबर ला जान लीस, त ओकर लास यूसुफ ला देवा दीस। 46तब यूसुफ ह एक बने ओन्ढा बिसोईस अऊ यीसू के लास ला उतारके ओ ओन्ढा म लपेटिस अऊ एक कबर म जऊन ह पथरा म खोदे गे रहय, रखिस, अऊ कबर के मुहूं म एक ठन बड़े पथरा ला टेका दीस। 47मरियम मगदलिनी अऊ योसेस के दाई मरियम देखत रिहिन कि यीसू के लास ला कहां रखे गे हवय।