Habrit Hakhadasha/Haderekh

אגרת פולוס השנייה אל-הקורנתים 9:1-15

1איני צריך לכתוב לכם על העזרה הכספית למאמינים ביהודה, 2כי אני יודע שאתם מוכנים לעזור, ואף התגאיתי בכם לפני המאמינים במקדוניה. ”המאמינים ביוון היו מוכנים לשלוח תרומה כבר לפני שנה“, אמרתי להם. התלהבותכם עוררה רבים מהם להשתתף בתרומה. 3עתה אני שולח אחים אלה רק כדי לוודא שאתם באמת מוכנים ושכבר אספתם את כל התרומות, כפי שאמרתי להם. איני רוצה לגלות שהפעם התגאיתי בכם לשווא.

4אם יבואו אתי האנשים ממקדוניה וייווכחו שאינכם מוכנים, הרי אתבייש מאוד וגם אתם תתביישו.

5על כן ביקשתי מהאחים לבוא אליכם לפני, כדי לוודא שהתרומה אשר הבטחתם אכן מוכנה. ברצוני שתתרמו מתוך נדיבות ולא מתוך קמצנות.

6זכרו, אם תתנו מעט תקבלו מעט. איכר שזורע זרעים מעטים יקצור יבול דל, אך אם יזרע זרעים רבים יקצור יבול רב. 7כל אחד ייתן כאשר ידרבנו לבו; אל תאלצו איש לתת מעל רצונו, כי אלוהים אוהב את הנותנים בשמחה. 8אלוהים יכול לתת לכם מעל מה שאתם צריכים, כך שתמיד יהיה לכם די והותר לעצמכם, ואף תוכלו לתת לנזקקים בנדיבות ובשמחה.

9ככתוב:9‏.9 ט 9 תהלים קיב 9 ”פזר נתן לאביונים, צדקתו עומדת לעד“.

10האלוהים שנותן לאיכר זרע לזרוע, ואחר כך יבול לאכול, ייתן לכם זרע בשפע ויברך את יבול מעשיכם הטובים.

11אכן, אלוהים ייתן לכם שפע כדי שתוכלו לתת לזולת בשפע, וכאשר נמסור את מתנותיכם לנזקקים הם יודו לאלוהים על עזרתכם הנדיבה. 12וכך שירותכם לא רק יספק את צרכי המאמינים, אלא גם יביאם לידי הודיה לה׳.

13הואיל ושירותכם זה עמד במבחן, יודו רבים לה׳ על עזרתכם הנדיבה, ועל שאתם מקיימים הלכה למעשה את בשורת המשיח שבה אתם מאמינים.

14יתרה מזאת, הם יתפללו בעדכם בחיבה רבה, בגלל החסד הנפלא שהעניק לכם אלוהים.

15הבה נודה לאלוהים על מתנתו העצומה מספר.

Hindi Contemporary Version

2 कोरिंथ 9:1-15

1वास्तव में यह आवश्यक ही नहीं कि मैं पवित्र लोगों में अपनी सेवकाई के विषय में तुम्हें कुछ लिखूं 2क्योंकि सहायता के लिए तुम्हारी तैयारी से मैं भली-भांति परिचित हूं. मकेदोनियावासियों के सामने मैं इसका गर्व भी करता रहा हूं कि आखाया प्रदेश की कलीसिया पिछले एक वर्ष से इसके लिए तैयार है और उनमें से अधिकांश को तुम्हारे उत्साह से प्रेरणा प्राप्त हुई. 3मैंने कुछ साथी विश्वासियों को तुम्हारे पास इसलिये भेजा है कि तुम्हारे विषय में मेरा गर्व करना खोखला न ठहरे, परंतु वे स्वयं तुम्हें सेवा के लिए तैयार पाएं—ठीक जैसा मैं उनसे कहता रहा हूं. 4ऐसा न हो कि जब कोई मकेदोनियावासी मेरे साथ आए और तुम्हें दान देने के लिए तैयार न पाए तो हमें तुम्हारे प्रति ऐसे आश्वस्त होने के कारण लज्जित होना पड़े—तुम्हारी अपनी लज्जा तो एक अलग विषय होगा. 5इसलिये मैंने यह आवश्यक समझा कि मैं साथी विश्वासियों से यह विनती करूं कि वे पहले ही तुम्हारे पास चले जाएं तथा उस प्रतिज्ञा की गई भेंट का प्रबंध कर लें, जो तुमने उदारता के भाव में दी है, न कि कंजूसी के भाव में.

उदार रोपण

6याद रहे: वह, जो थोड़ा बोता है, थोड़ा ही काटेगा तथा वह, जो बहुत बोता है, बहुत काटेगा. 7इसलिये जिसने अपने मन में जितना भी देने का निश्चय किया है, उतना ही दे—बिना इच्छा के या विवशता में नहीं क्योंकि परमेश्वर को प्रिय वह है, जो आनंद से देता है. 8परमेश्वर समर्थ हैं कि वह तुम्हें बहुत अधिक अनुग्रह प्रदान करें कि तुम्हें सब कुछ पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होता रहे और हर भले काम के लिए तुम्हारे पास अधिकता में हो, 9जैसा कि पवित्र शास्त्र का लेख है:

उन्होंने कंगालों को उदारतापूर्वक दिया;

उनकी कृपा युगानुयुग बनी रहती है.9:9 स्तोत्र 112:9

10वह परमेश्वर, जो किसान के लिए बीज का तथा भोजन के लिए आहार का इंतजाम करते हैं, वही बोने के लिए तुम्हारे लिए बीज का इंतजाम तथा विकास करेंगे तथा तुम्हारी धार्मिकता की उपज में उन्नति करेंगे. 11अपनी अपूर्व उदारता के लिए तुम हरेक पक्ष में धनी किए जाओगे. हमारे माध्यम से तुम्हारी यह उदारता परमेश्वर के प्रति धन्यवाद का विषय हो रही है.

12यह सेवकाई न केवल पवित्र लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने का ही साधन है परंतु परमेश्वर के प्रति उमड़ता हुआ धन्यवाद का भाव भी है. 13तुम्हारी इस सेवकाई को प्रमाण मानते हुए वे परमेश्वर की महिमा करेंगे क्योंकि तुमने मसीह के ईश्वरीय सुसमाचार को आज्ञा मानते हुए ग्रहण किया और तुम सभी के प्रति उदार मन के हो. 14तुम पर परमेश्वर के अत्यधिक अनुग्रह को देख वे तुम्हारे लिए बड़ी लगन से प्रार्थना करेंगे. 15परमेश्वर को उनके अवर्णनीय वरदान के लिए आभार!