2 थेस्सलोनिकेयुस 1 HCV – 2 Фессалоникийцам 1 NRT

Hindi Contemporary Version

2 थेस्सलोनिकेयुस 1:1-12

1थेस्सलोनिकेयुस नगर की कलीसिया को,

जो पिता परमेश्वर तथा प्रभु मसीह येशु में है, पौलॉस, सिलवानॉस तथा तिमोथियॉस की ओर से:

2तुममें पिता परमेश्वर तथा प्रभु मसीह येशु का अनुग्रह तथा शांति बनी रहे.

उत्पीड़न के दौरान प्रोत्साहन

3प्रियजन, तुम्हारे बढ़ते हुए विश्वास तथा हर एक में आपसी प्रेम के दिन-प्रतिदिन बढ़ते जाने के लिए परमेश्वर को हमारा लगातार धन्यवाद सही ही है. 4इसलिये, परमेश्वर की कलीसियाओं में हम तुम्हारे द्वारा सहे जा रहे उत्पीड़नों और यातनाओं की स्थिति में भी तुम्हारे द्वारा की जा रही लगातार कोशिशों तथा विश्वास का वर्णन अत्यंत गर्व के साथ करते हैं.

5यह सब परमेश्वर के सच्चे न्याय के निर्णय का एक स्पष्ट प्रमाण है, जिसके परिणामस्वरूप तुम परमेश्वर के राज्य के योग्य समझे जाओगे—वस्तुत: तुम यातनाएं इसी के लिए सह रहे हो. 6इसलिये परमेश्वर के लिए यही सही है कि वह उन्हें भी क्लेश ही दें, जिन्होंने तुम्हें क्लेश दिया है 7तथा प्रभु येशु के स्वर्ग से ज्वालामय आग में अपने सामर्थ्यी स्वर्गदूतों के साथ प्रकट होने के अवसर पर तुम्हारी और हमारी भी, जो दूर हैं, पीड़ा मिटे. 8उस अवसर पर वह उन सबसे बदला लेंगे, जो परमेश्वर को जानते नहीं है तथा उनसे भी, जो हमारे प्रभु मसीह येशु के ईश्वरीय सुसमाचार को नहीं मानते हैं. 9अनंत विनाश उनका दंड होगा. इसमें वे प्रभु की उपस्थिति तथा उनके सामर्थ्य के पराक्रम से दूर कर दिए जाएंगे. 10उस समय वह अपने पवित्र लोगों के बीच गौरवान्वित होंगे तथा वे सभी, जिन्होंने उनमें विश्वास किया है, उन्हें चकित हो निहारेंगे. तुम भी उनमें शामिल हो क्योंकि तुमने हमारे संदेश में विश्वास किया है.

11इस बात के प्रकाश में हम तुम्हारे लिए हमेशा प्रार्थना करते हैं कि तुम हमारे परमेश्वर के मत में अपनी बुलावा के अनुरूप पाए जाओ तथा तुम उत्तम उद्देश्य की हर एक अभिलाषा तथा विश्वास के हर एक काम को सामर्थ्य से पूरा करते जाओ, 12कि हमारे परमेश्वर तथा प्रभु मसीह येशु की कृपा के अनुसार तुममें हमारे प्रभु मसीह येशु की तथा उनमें तुम्हारी महिमा हो.

New Russian Translation

2 Фессалоникийцам 1:1-12

1От Павла, Силуана1:1 Силуан – по всей вероятности, Силуан и Сила (см. Деян. 15:22) – одно и то же лицо. и Тимофея – церкви фессалоникийцев в Боге, нашем Отце, и Господе Иисусе Христе.

2Благодать и мир вам от Бога Отца и от Господа Иисуса Христа!

В ожидании дня возвращения Господа

3Мы всегда должны благодарить Бога за вас, братья, и это правильно, потому что ваша вера растет все больше и больше, увеличивается и любовь каждого из вас друг к другу. 4Мы с гордостью говорим в Божьих церквах о вашей стойкости и о вере, которую вы проявили во всех преследованиях и несчастьях, переносимых вами.

5Все это – свидетельство тому, что Бог судит справедливо и что в конце концов вы будете признаны достойными Божьего Царства, за которое вы и страдаете. 6Бог справедлив, и Он отплатит несчастьями тем, кто причиняет несчастья вам, 7а нам с вами, перенесшим такие несчастья, Он даст покой. Это произойдет тогда, когда Господь Иисус придет с небес с могущественными ангелами 8в пламени огня, чтобы наказать всех тех, кто не познал Бога1:8 См. Пс. 78:6; Ис. 66:15; Иер. 10:25. и остался непослушным Радостной Вести нашего Господа Иисуса Христа. 9Они будут наказаны вечной гибелью: будут навсегда отделены от Господа и от славы Его могущества. 10Это произойдет в тот День, когда Он придет, чтобы быть прославленным среди Своего святого народа и вызвать восхищение у всех верующих. И вы тоже будете среди них, потому что вы поверили нашему свидетельству.

11Поэтому мы постоянно молимся о вас, чтобы Бог наш счел вас достойными вашего призвания, и просим, чтобы Своей силой Он исполнил каждое ваше доброе начинание и дело веры. 12Мы молимся о том, чтобы по благодати нашего Бога и Господа Иисуса Христа было прославлено благодаря вам имя нашего Господа Иисуса, и чтобы вы были прославлены вместе с Ним.