1 तिमोथियॉस 1 HCV – تيموثاوس الأولى 1 NAV

Hindi Contemporary Version

1 तिमोथियॉस 1:1-20

1परमेश्वर हमारे उद्धारकर्ता तथा हमारी आशा मसीह येशु की आज्ञा के अनुसार मसीह येशु के प्रेरित पौलॉस की ओर से,

2विश्वास में मेरे वास्तविक पुत्र तिमोथियॉस को:

पिता परमेश्वर तथा हमारे प्रभु मसीह येशु की ओर से अनुग्रह, कृपा और शांति.

झूठे शिक्षकों के दमन की आज्ञा

3मैंने मकेदोनिया प्रदेश जाते समय तुमसे विनती की थी कि, तुम इफ़ेसॉस नगर में ही रह जाओ और कुछ बताए हुए व्यक्तियों को चेतावनी दो कि वे न तो भरमानेवाली शिक्षा दें 4और न पुरानी कहानियों और अंतहीन वंशावलियों में लीन रहें. इनसे विश्वास पर आधारित परमेश्वर की योजना के उन्नत होने की बजाय मतभेद उत्पन्न होता है. 5हमारी आज्ञा का उद्देश्य है निर्मल हृदय से उत्पन्न प्रेम, शुद्ध अंतरात्मा तथा निष्कपट विश्वास. 6कुछ हैं, जो रास्ते से भटक कर व्यर्थ के वाद-विवाद में फंस गए हैं. 7वे व्यवस्था के शिक्षक बनने की अभिलाषा तो करते हैं परंतु वे जो कहते हैं और जिन विषयों का वे दृढ़ विश्वासपूर्वक दावा करते हैं, स्वयं ही उन्हें नहीं समझते.

8हमें यह मालूम है कि व्यवस्था भली है—यदि इसका प्रयोग उचित रीति से किया जाए. 9इस सच्चाई के प्रकाश में कि व्यवस्था का बनाया जाना धर्मियों के लिए नहीं परंतु अधर्मी, निरंकुश, दुराचारी, पापी, अपवित्र, ठग, माता-पिता के घात करनेवाले, हत्यारे, 10व्यभिचारी, समलैंगिक, अपहरण करनेवाले, झूठ बोलनेवाले, झूठे गवाह तथा शेष सब कुछ के लिए किया गया है, जो निर्मल उपदेश के विरोध में है, 11जो धन्य परमेश्वर के गौरवान्वित ईश्वरीय सुसमाचार के अनुसार है, जो मुझे सौंपी गई है.

पौलॉस की बुलावा का स्पष्टीकरण

12मैं हमारे प्रभु मसीह येशु के प्रति, जिन्होंने मुझे सामर्थ्य प्रदान किया है, धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे विश्वासयोग्य समझा और अपनी सेवा में चुना. 13हालांकि पहले मैं परमेश्वर की निंदा करनेवाला था, अत्याचारी तथा अधर्मी था किंतु मुझ पर कृपा की गई क्योंकि अपनी अज्ञानता में उनमें अविश्वास के कारण मैंने यह सब किया था. 14मसीह येशु में हमारे प्रभु का बहुत अधिक अनुग्रह विश्वास और प्रेम के साथ मुझ पर हुआ.

15यह बात सच है, जो हर प्रकार से मानने योग्य है: मसीह येशु पापियों के उद्धार के लिए संसार में आए. इनमें सबसे ज्यादा पापी मैं हूं. 16किंतु मुझ पर कृपा इसलिये हुई कि मुझ बड़े पापी में मसीह येशु आदर्श के रूप में अपनी पूरी सहनशीलता का प्रमाण उनके हित में प्रस्तुत करें, जो अनंत जीवन के लिए उनमें विश्वास करेंगे. 17सनातन राजा, अविनाशी, अनदेखे तथा एकमात्र परमेश्वर का आदर और महिमा सदा-सर्वदा होती रहे. आमेन.

तिमोथियॉस की ज़िम्मेदारी

18मेरे पुत्र, तिमोथियॉस, मैं तुम्हें यह आज्ञा तुम्हारे विषय में पहले से की गई भविष्यवाणियों के अनुसार सौंप रहा हूं कि उनकी प्रेरणा से तुम निरंतर संघर्ष कर सको, 19तथा विश्वास और अच्छे विवेक को थामे रखो, कुछ ने जिसकी उपेक्षा की और अपने विश्वास का सर्वनाश कर बैठे. 20ह्यूमैनेऑस तथा अलेक्सान्दरॉस इन्हीं में से हैं, जिन्हें मैंने शैतान को सौंप दिया है कि उन्हें परमेश्वर-निंदा न करने का पाठ सिखा दिया जाए.

Ketab El Hayat

تيموثاوس الأولى 1:1-20

1مِنْ بُولُسَ، رَسُولِ الْمَسِيحِ يَسُوعَ وَفْقاً لأَمْرِ اللهِ مُخَلِّصِنَا وَالْمَسِيحِ يَسُوعَ رَجَائِنَا، 2إِلَى تِيمُوثَاوُسَ وَلَدِي الْحَقِيقِيِّ فِي الإِيمَانِ. لِتَكُنْ لَكَ النِّعْمَةُ وَالرَّحْمَةُ وَالسَّلامُ مِنَ اللهِ أَبِينَا وَالْمَسِيحِ يَسُوعَ رَبِّنَا!

تحذير من المعلمين الكذبة

3كَمَا أَوْصَيْتُكَ لَمَّا كُنْتُ مُنْطَلِقاً إِلَى مُقَاطَعَةِ مَقِدُونِيَّةَ، (أَطْلُبُ إِلَيْكَ) أَنْ تَبْقَى فِي مَدِينَةِ أَفَسُسَ، لِكَيْ تَمْنَعَ بَعْضَ الْمُعَلِّمِينَ مِنْ نَشْرِ التَّعَالِيمِ الْمُخَالِفَةِ لِلتَّعْلِيمِ الصَّحِيحِ، 4وَتُوصِيَ الْمُؤْمِنِينَ أَلَّا يَنْشَغِلُوا بِالأَسَاطِيرِ وَسَلاسِلِ النَّسَبِ الْمُتَشَابِكَةِ. فَتِلْكَ الأُمُورُ تُثِيرُ الْمُجَادَلاتِ وَلا تَعْمَلُ عَلَى تَقَدُّمِ تَدْبِيرِ اللهِ الْقَائِمِ عَلَى الإِيمَانِ. 5أَمَّا الْغَايَةُ مِمَّا أَوْصَيْتُكَ بِهِ، فَهِيَ الْمَحَبَّةُ النَّابِعَةُ مِنْ قَلْبٍ طَاهِرٍ وَضَمِيرٍ صَالِحٍ وَإِيمَانٍ خَالٍ مِنَ الرِّيَاءِ. 6هَذِهِ الْفَضَائِلُ قَدْ زَاغَ عَنْهَا بَعْضُهُمْ، فَانْحَرَفُوا إِلَى الْمُجَادَلاتِ الْبَاطِلَةِ، 7رَاغِبِينَ فِي أَنْ يَكُونُوا أَسَاتِذَةً فِي الشَّرِيعَةِ، وَهُمْ لَا يَفْهَمُونَ مَا يَقُولُونَ وَلا مَا يُقَرِّرُونَ! 8إِنَّنَا نَعْلَمُ أَنَّ الشَّرِيعَةَ جَيِّدَةٌ فِي ذَاتِهَا، إِذَا اسْتُعْمِلَتِ اسْتِعْمَالاً شَرْعِيًّا. 9إِذْ نُدْرِكُ أَنَّ الشَّرِيعَةَ لَا تُوضَعُ لِمَنْ كَانَ بَارّاً، بَلْ لِلأَشْرَارِ وَالْمُتَمَرِّدِينَ، وَالْفَاجِرِينَ وَالْخَاطِئِينَ، وَالنَّجِسِينَ وَالدَّنِسِينَ، وَقَاتِلِي آبَائِهِمْ وَأُمَّهَاتِهِمْ، وَقَاتِلِي النَّاسِ، 10وَالزُّنَاةِ وَمُضَاجِعِي الذُّكُورِ، وَخَطَّافِي النَّاسِ وَالْكَذَّابِينَ وَشَاهِدِي الزُّورِ. وَذَوِي كُلِّ شَرٍّ آخَرَ يُخَالِفُ التَّعْلِيمَ الصَّحِيحَ 11الْمُوَافِقَ لإِنْجِيلِ مَجْدِ اللهِ الْمُبَارَكِ، ذَلِكَ الإِنْجِيلِ الَّذِي وُضِعَ أَمَانَةً بَيْنَ يَدَيَّ.

نعمة الرب لبولس

12وَكَمْ أَشْكُرُ الْمَسِيحَ يَسُوعَ رَبَّنَا الَّذِي أَعْطَانِي الْقُدْرَةَ وَعَيَّنَنِي خَادِماً لَهُ، إِذِ اعْتَبَرَنِي جَدِيراً بِثِقَتِهِ، 13مَعَ أَنِّي كُنْتُ فِي الْمَاضِي مُجَدِّفاً عَلَيْهِ، وَمُضْطَهِداً وَمُهِيناً لَهُ! وَلَكِنِّي عُومِلْتُ بِالرَّحْمَةِ، لأَنِّي عَمِلْتُ مَا عَمِلْتُهُ عَنْ جَهْلٍ وَفِي عَدَمِ إِيمَانٍ. 14إِلَّا أَنَّ نِعْمَةَ رَبِّنَا قَدْ فَاضَتْ عَلَيَّ فَوْقَ كُلِّ حَدٍّ، وَمَعَهَا الإِيمَانُ وَالْمَحَبَّةُ، وَذَلِكَ فِي الْمَسِيحِ يَسُوعَ. 15مَا أَصْدَقَ هَذَا الْقَوْلَ، وَمَا أَجْدَرَهُ بِالتَّصْدِيقِ الْكُلِّيِّ: إِنَّ الْمَسِيحَ يَسُوعَ قَدْ جَاءَ إِلَى الْعَالَمِ لِيُخَلِّصَ الْخَاطِئِينَ، وَأَنَا أَوَّلُهُمْ! 16وَلَكِنْ لِهَذَا السَّبَبِ عُومِلْتُ بِالرَّحْمَةِ، لِيَجْعَلَ يَسُوعُ الْمَسِيحُ مِنِّي، أَنَا أَوَّلاً، مِثَالاً يُظْهِرُ صَبْرَهُ الطَّوِيلَ، لِجَمِيعِ الَّذِينَ سَيُؤْمِنُونَ بِهِ لِنَوَالِ الْحَيَاةِ الأَبَدِيَّةِ. 17فَلِلْمَلِكِ الأَزَلِيِّ، اللهِ الْوَاحِدِ غَيْرِ الْمَنْظُورِ وَغَيْرِ الْفَانِي، الْكَرَامَةُ وَالْمَجْدُ إِلَى أَبَدِ الآبِدِينَ. آمِين!

مسؤولية تيموثاوس

18هذِهِ التَّوْصِيَاتُ، يَا تِيمُوثَاوُسُ وَلَدِي، أُسَلِّمُهَا لَكَ، بِمُقْتَضَى النُّبُوآتِ السَّابِقَةِ الْمُخْتَصَّةِ بِكَ، وَغَايَتِي أَنْ تُحْسِنَ الْجِهَادَ فِي حَرْبِكَ الرُّوحِيَّةِ، 19مُتَمَسِّكاً بِالإِيمَانِ، وَبِالضَّمِيرِ الصَّالِحِ، هَذَا الضَّمِيرِ الَّذِي تَخَلَّى عَنْهُ بَعْضُهُمْ، فَانْكَسَرَتْ بِهِمْ سَفِينَةُ الإِيمَانِ. 20وَمِنْ هؤُلاءِ هِمِنَايُوسُ وَإِسْكَنْدَرُ، وَقَدْ سَلَّمْتُهُمَا إِلَى الشَّيْطَانِ لِيتَعَلَّمَا بِالتَّأْدِيبِ أَلَّا يُجَدِّفَا.