मीकाह 2 – HCV & NRT

Hindi Contemporary Version

मीकाह 2:1-13

मनुष्य की योजना और परमेश्वर की योजना

1धिक्कार है उन पर जो बुरे कार्यों की योजना बनाते रहते हैं,

जो अपने बिछौने पर पड़े हुए षड़्‍यंत्र रचते हैं!

पौ फटते ही अपनी युक्ति को पूरा करते हैं

क्योंकि सत्ता उनके हाथ होती है.

2वे दूसरों के खेत का लोभ करके उसे हड़प भी लेते हैं,

वे दूसरों के घर भी छीन लेते हैं.

वे लोगों के घरों को छल करके ले लेते हैं,

और उनके पुरखों की संपत्ति को लूट लेते हैं.

3इसलिये याहवेह का यह कहना है:

“मैं इन लोगों के विरुद्ध विपत्ति लाने की योजना बना रहा हूं,

जिससे तुम अपने आपको नहीं बचा सकते.

तुम गर्व से सिर उठाकर फिर कभी न चल सकोगे,

क्योंकि यह विपत्ति का समय होगा.

4उस दिन लोग तुम्हारा हंसी उड़ाएंगे;

वे इस शोक गीत के साथ तुम्हें ताना मारेंगे:

‘हम पूर्णतः नाश हो गये हैं;

मेरे लोगों की संपत्ति बांट दी गई है.

परमेश्वर इसे मुझसे ले लेते हैं!

वे हमारे खेत विश्‍वासघातियों को दे देते हैं.’ ”

5इसलिये याहवेह के सभा में भूमि को लाटरी के द्वारा बांटने के लिए

तुम्हारे पास कोई न होगा.

झूठे भविष्यवक्ता

6उनके भविष्यवक्ता कहते हैं, “भविष्यवाणी मत करो;

इन बातों के बारे में भविष्यवाणी मत करो;

हमारे ऊपर कलंक नहीं लगेगा.”

7हे याकोब के वंशजों, क्या यह कहा जाना चाहिये,

“क्या याहवेह धीरज नहीं धरते?

क्या वे ऐसा कार्य करते हैं?”

“क्या मेरे वचन से उसकी भलाई नहीं होती

जो न्याय के रास्ते पर चलता है?

8हाल ही में मेरे लोग

एक शत्रु के समान उठ खड़े हुए हैं.

तुम उन व्यक्तियों के मंहगे कपड़े छीन लेते हो

जो बेफिक्र होकर जाते रहते हैं,

मानो वे युद्ध से लौट रहे हों.

9तुम मेरे लोगों के महिलाओं को

उनके खुशहाल घरों से निकाल देते हो.

तुम उनकी संतान से मेरी आशीष को

हमेशा के लिये छीन लेते हो.

10चलो उठो, यहां से चले जाओ!

यह तुम्हारे आराम की जगह नहीं है,

क्योंकि यह अशुद्ध हो गई है,

यह नाश हो गई है, और इसका कोई उपचार नहीं है.

11यदि कोई झूठा और धोखा देनेवाला व्यक्ति आकर यह कहता है,

‘मैं तुम्हारे पास बहुत ही अंगूर की दाखमधु और जौ की दाखमधु होने की भविष्यवाणी करूंगा,’

तो ऐसा व्यक्ति इन लोगों के लिए उपयुक्त भविष्यवक्ता होगा!

छुटकारे की प्रतिज्ञा

12“हे याकोब, निश्चित रूप से मैं तुम सबको एकत्र करूंगा;

मैं निश्चित रूप से इस्राएल के बचे लोगों को इकट्ठा करूंगा.

जैसे भेड़ें भेड़शाला में एकत्र की जाती हैं,

जैसे चरागाह में झुंड एकत्रित किया जाता है, वैसे ही मैं उन्हें इकट्ठा करूंगा;

उस जगह में लोगों की भीड़ लग जाएगी.

13वह, जो बाड़े को तोड़कर रास्ता खोलता है, वह उनके आगे-आगे जाएगा;

वे द्वार को तोड़कर बाहर चले जाएंगे.

उनका राजा उनके आगे-आगे जाएगा,

स्वयं याहवेह उनका अगुआ होंगे.”

New Russian Translation

Михей 2:1-13

Горе притеснителям

1Горе замышляющим преступление

и придумывающим на ложах2:1 Возможный текст; букв.: «и творящим на ложах» злые дела!

Забрезжит рассвет – они их исполнят,

потому что это в их силах.

2Захотят чужие поля – захватят,

захотят дома – отберут;

обманом выживут владельца из дома

и наследие отнимут.

3Поэтому так говорит Господь:

– Я помышляю навести на людей беду,

от которой вам не спастись.

Не ходить вам больше гордо,

так как настает время бедствий.

4В тот день вас будут высмеивать,

передразнивать словами плачевной песни:

«Мы совершенно разорены;

Господь2:4 Букв.: «Он». отобрал надел моего народа.

Как Он отнял его у меня!

Он поля наши делит среди завоевателей»2:4 Или: «мятежников»..

5Поэтому, когда будут вновь делить землю,

в собрании Господнем не будет никого,

кто отмерил бы ваш надел, бросив жребий.

Против лжепророков

6– Не пророчествуйте, – так говорят лжепророки, –

об этом нельзя пророчествовать;

нас не постигнет бесчестие.

7Разве можно так говорить, дом Иакова?

Разве терпение Господа истощилось?

Разве Он сделал бы такое?

– Разве слова Мои не во благо тому,

чей путь безупречен?

8Уже давно Мой народ восстал, как враг;

вы срываете одежду с мирных людей,

с тех, кто спокойно проходит мимо,

о вражде не помышляя2:8 Букв. «возвращаясь с войны»..

9Женщин Моего народа вы выгоняете

из их уютных домов,

а детей их вы лишаете

Моей славы навеки.

10Вставайте и уходите –

это больше не место покоя.

Из-за нечистоты оно будет разрушено,

и разрушение будет ужасным.

11Если лжец и мошенник придет и скажет:

«Я буду тебе пророчествовать о вине, о хмельном питье»,

то он и будет достойным проповедником этому народу!

Пророчество об избавлении

12– Я непременно соберу всего тебя, Иаков;

соберу воедино уцелевших у Израиля;

соберу их вместе, словно овец в загоне,

как отару на пастбище.

Земля наполнится шумом от множества людей.

13Перед ними пойдет пробивающий путь;

они прорвутся через ворота и выйдут.

Их царь пойдет перед ними,

Господь будет во главе их.