Maliro 2 – CCL & HCV

Mawu a Mulungu mu Chichewa Chalero

Maliro 2:1-22

1Haa, Ambuye waphimba mwana wamkazi wa Ziyoni

ndi mtambo wa mkwiyo wake!

Iye wataya pansi ulemerero wa Israeli

kuchoka kumwamba.

Pa tsiku la mkwiyo wake Iye sanakumbukirenso

popondapo mapazi ake.

2Ambuye anawononga midzi yonse ya Yakobo mopanda chifundo;

mu mkwiyo wake anagwetsa

malinga a mwana wamkazi wa Yuda.

Anagwetsa pansi mochititsa manyazi

maufumu ndi akalonga ake.

3Atakwiya kwambiri, Ambuye anathyola

nyanga iliyonse ya Israeli.

Anabweza dzanja lake lamanja

pamene mdani anamuyandikira.

Ambuye anatentha fuko la Yakobo ngati moto wonyeketsa

umene umawononga zinthu zonse zomwe zili pafupi.

4Wakokera uta wake pa ife ngati ndife adani;

wayimiritsa dzanja lake pa ife ngati ndife adani,

ndipo anapha onse amene tinkawayangʼana monyadira.

Ukali wake ukuyaka ngati moto

pa tenti ya mwana wamkazi wa Ziyoni.

5Ambuye ali ngati mdani;

wawonongeratu Israeli;

wawonongeratu nyumba zake zonse zaufumu

ndipo wawononga malinga ake.

Iye wachulukitsa kubuma ndi kulira

kwa mwana wamkazi wa Yuda.

6Wagwetsa malo ake okhalamo ngati khumbi la mʼmunda;

wawononga malo ake a msonkhano.

Yehova wayiwalitsa Ziyoni

maphwando ake oyikika ndi masabata ake.

Mokwiya kwambiri, Iye ananyoza

mfumu ndi wansembe.

7Ambuye wakana guwa lake la nsembe

ndipo wasiya malo ake opatulika.

Iye wapereka makoma a nyumba zake zaufumu

kwa mdani wake;

adaniwo anafuwula mʼnyumba ya Yehova

ngati kuti ndi pa tsiku la chikondwerero.

8Yehova anatsimikiza kugwetsa

makoma a mwana wamkazi wa Ziyoni.

Anawayesa ndi chingwe

ndipo sanafune kuleka kuwagwetsa.

Analiritsa malinga ndi makoma;

onse anawonongeka pamodzi.

9Zipata za Yerusalemu zalowa pansi;

wathyola ndi kuwononga mipiringidzo yake.

Mfumu ndi akalonga ake agwidwa ukapolo pakati pa mitundu ya anthu,

palibenso lamulo,

ndipo aneneri ake sakupeza

masomphenya kuchokera kwa Yehova.

10Akuluakulu a mwana wamkazi wa Ziyoni

akhala chete pansi;

awaza fumbi pa mitu yawo

ndipo avala ziguduli.

Anamwali a Yerusalemu

aweramitsa mitu yawo pansi.

11Maso anga atopa ndi kulira,

ndazunzika mʼmoyo mwanga,

mtima wanga wadzaza ndi chisoni

chifukwa anthu anga akuwonongeka,

chifukwa ana ndi makanda akukomoka

mʼmisewu ya mu mzinda.

12Anawo akufunsa amayi awo kuti,

“Kodi tirigu ndi vinyo zili kuti?”

pamene akukomoka ngati anthu olasidwa

mʼmisewu ya mʼmizinda,

pamene miyoyo yawo ikufowoka

mʼmanja mwa amayi awo.

13Ndinganene chiyani za iwe?

Ndingakufanizire ndi chiyani,

iwe mwana wamkazi wa Yerusalemu?

Kodi ndingakufanizire ndi yani

kuti ndikutonthoze,

iwe namwali wa Ziyoni?

Chilonda chako ndi chozama ngati nyanja,

kodi ndani angakuchiritse?

14Masomphenya a aneneri ako

anali abodza ndi achabechabe.

Iwo sanakupulumutse kuti usapite ku ukapolo

poyika poyera mphulupulu zako.

Mauthenga amene anakupatsa

anali achabechabe ndi osocheretsa.

15Onse oyenda mʼnjira yako

akukuwombera mʼmanja;

akugwedeza mitu yawo ndi kukunyodola

iwe mwana wamkazi wa Yerusalemu:

“Kodi mzinda uja ndi uwu umene unkatchedwa

wokongola kotheratu,

chimwemwe cha dziko lonse lapansi?”

16Adani ako onse akutsekulira pakamwa ndi kukunyoza;

iwo akunyogodola ndi kukukuta mano awo,

ndipo akuti, “Tamumeza.

Tsiku ili ndi lomwe timayembekezera;

tili ndi moyo kuti tilione.”

17Yehova wachita chimene anakonzeratu;

wakwaniritsa mawu ake,

amene anatsimikiza kale lomwe.

Wakuwononga mopanda chifundo,

walola mdani kuti akondwere chifukwa cha kugwa kwako,

wakweza mphamvu za adani ako.

18Mitima ya anthu

ikufuwulira Ambuye.

Iwe khoma la mwana wamkazi wa Ziyoni,

misozi yako itsike ngati mtsinje

usana ndi usiku;

usadzipatse wekha mpumulo,

maso ako asaleke kukhetsa misozi.

19Dzuka, fuwula usiku,

pamene alonda ayamba kulondera;

khuthula mtima wako ngati madzi

pamaso pa Ambuye.

Kweza manja ako kwa Iye

chifukwa cha miyoyo ya ana ako,

amene akukomoka ndi njala

mʼmisewu yonse ya mu mzinda.

20Inu Yehova, onani, ndipo ganizirani:

kodi ndani amene mwamuchitirapo zinthu ngati izi?

Kodi amayi adye ana awo,

amene amawasamalira?

Kodi ansembe ndi aneneri awaphere

mʼmalo opatulika a Ambuye?

21Anyamata ndi okalamba aligone pamodzi

pa fumbi la mʼmisewu ya mu mzinda;

anyamata anga ndi anamwali anga

aphedwa ndi lupanga.

Inu Yehova mwawapha pa tsiku la mkwiyo wanu;

mwawapha mopanda chifundo.

22Ngati momwe mumayitanira pa tsiku la phwando,

chimodzimodzinso mwandiyitanira zoopsa mbali zonse.

Pa tsiku limene Yehova wakwiya

palibe amene angathawe ndi kukhala ndi moyo;

mdani wanga wawononga

onse amene ndinkawasamala ndi kuwalera.

Hindi Contemporary Version

विलापगीत 2:1-22

2:0 यह अध्याय एक अक्षरबद्ध कविता है जिसकी पंक्तियां हिब्री वर्णमाला के क्रमिक अक्षरों से आरंभ होती हैं 1हमारे प्रभु ने कैसे अपने कोप में

ज़ियोन की पुत्री को एक मेघ के नीचे डाल दिया है!

उन्होंने इस्राएल के वैभव को

स्वर्ग से उठाकर पृथ्वी पर फेंक दिया है;

उन्होंने अपनी चरण चौकी को

अपने क्रोध के अवसर पर स्मरण न रखा.

2प्रभु ने याकोब के समस्त आवासों को निगल लिया है

उन्होंने कुछ भी नहीं छोड़ा है;

अपने कोप में उन्होंने यहूदिया की पुत्री के

गढ़ नगरों को भग्न कर दिया है.

उन्होंने राज्य तथा इसके शासकों को अपमानित किया है,

उन्होंने उन सभी को धूल में ला छोड़ा है.

3उन्होंने उग्र क्रोध में इस्राएल के

समस्त बल को निरस्त कर दिया है.

उन्होंने उनके ऊपर से अपना सुरक्षा देनेवाला दायां हाथ खींच लिया है,

जब शत्रु उनके समक्ष आ खड़ा हुआ था.

वह याकोब में प्रचंड अग्नि बन जल उठे

जिससे उनके निकटवर्ती सभी कुछ भस्म हो गया.

4एक शत्रु के सदृश उन्होंने अपना धनुष खींचा;

एक विरोधी के सदृश उनका दायां हाथ तत्पर हो गया.

ज़ियोन की पुत्री के शिविर में ही

उन सभी का संहार कर दिया;

जो हमारी दृष्टि में मनभावने थे

उन्होंने अपने कोप को अग्नि-सदृश उंडेल दिया.

5हमारे प्रभु ने एक शत्रु का स्वरूप धारण कर लिया है;

उन्होंने इस्राएल को निगल लिया है.

उन्होंने समस्त राजमहलों को मिटा दिया है

और इसके समस्त गढ़ नगरों को उन्होंने नष्ट कर दिया है.

यहूदिया की पुत्री

में उन्होंने विलाप एवं रोना बढ़ा दिया है.

6अपनी कुटीर को उन्होंने ऐसे उजाड़ दिया है, मानो वह एक उद्यान कुटीर था;

उन्होंने अपने मिलने के स्थान को नष्ट कर डाला है.

याहवेह ने ज़ियोन के लिए उत्सव

तथा शब्बाथ2:6 शब्बाथ सातवां दिन जो विश्राम का पवित्र दिन है विस्मृत करने की स्थिति ला दी है;

उन्होंने अपने प्रचंड कोप में सम्राट

तथा पुरोहित को घृणास्पद बना दिया है.

7हमारे प्रभु को अब अपनी ही वेदी से घृणा हो गई है

और उन्होंने पवित्र स्थान का त्याग कर दिया है.

राजमहल की दीवारें

अब शत्रु के अधीन हो गई है;

याहवेह के भवन में कोलाहल उठ रहा है

मानो यह कोई निर्धारित उत्सव-अवसर है.

8यह याहवेह का संकल्प था कि

ज़ियोन की पुत्री की दीवारें तोड़ी जाएं.

मापक डोरी विस्तीर्ण कर विनाश के लिए

उन्होंने अपने हाथों को न रोका.

परिणामस्वरूप किलेबंदी तथा दीवार विलाप करती रही;

वे वेदना-विलाप में एकजुट हो गईं.

9उसके प्रवेश द्वार भूमि में धंस गए;

उन्होंने उसकी सुरक्षा छड़ों को तोड़कर नष्ट कर दिया है.

उसके राजा एवं शासक अब राष्ट्रों में हैं,

नियम-व्यवस्था अब शून्य रह गई है,

अब उसके भविष्यवक्ताओं को याहवेह की

ओर से प्रकाशन प्राप्‍त ही नहीं होता.

10ज़ियोन की पुत्री के पूर्वज

भूमि पर मौन बैठे हुए हैं;

उन्होंने अपने सिर पर धूल डाल रखी है

तथा उन्होंने टाट पहन ली है.

येरूशलेम की युवतियों के

सिर भूमि की ओर झुके हैं.

11रोते-रोते मेरे नेत्र अपनी ज्योति खो चुके हैं,

मेरे उदर में मंथन हो रहा है;

मेरा पित्त भूमि पर बिखरा पड़ा है;

इसके पीछे मात्र एक ही कारण है; मेरी प्रजा की पुत्री का सर्वनाश,

नगर की गलियों में

मूर्च्छित पड़े हुए शिशु एवं बालक.

12वे अपनी-अपनी माताओं के समक्ष रोकर कह रहे हैं,

“कहां है हमारा भोजन, कहां है हमारा द्राक्षारस?”

वे नगर की गली में

घायल योद्धा के समान पड़े हैं,

अपनी-अपनी माताओं की गोद में

पड़े हुए उनका जीवन प्राण छोड़ रहे है.

13येरूशलेम की पुत्री,

क्या कहूं मैं तुमसे,

किससे करूं मैं तुम्हारी तुलना?

ज़ियोन की कुंवारी कन्या,

तुम्हारी सांत्वना के लक्ष्य से

किससे करूं मैं तुम्हारा साम्य?

तथ्य यह है कि तुम्हारा विध्वंस महासागर के सदृश व्यापक है.

अब कौन तुम्हें चंगा कर सकता है?

14तुम्हारे भविष्यवक्ताओं ने तुम्हारे लिए व्यर्थ

तथा झूठा प्रकाशन देखा है;

उन्होंने तुम्हारी पापिष्ठता को प्रकाशित नहीं किया,

कि तुम्हारी समृद्धि पुनःस्थापित हो जाए.

किंतु वे तुम्हारे संतोष के लिए ऐसे प्रकाशन प्रस्तुत करते रहें,

जो व्यर्थ एवं भ्रामक थे.

15वे सब जो इस ओर से निकलते हैं

तुम्हारी स्थिति को देखकर उपहास करते हुए;

येरूशलेम की पुत्री पर

सिर हिलाते तथा विचित्र ध्वनि निकालते हैं:

वे विचार करते हैं, “क्या यही है वह नगरी,

जो परम सौन्दर्यवती

तथा समस्त पृथ्वी का उल्लास थी?”

16तुम्हारे सभी शत्रु तुम्हारे लिए अपमानपूर्ण शब्दों का प्रयोग करते हुए;

विचित्र ध्वनियों के साथ दांत पीसते हुए उच्च स्वर में घोषणा करते हैं,

“देखो, देखो! हमने उसे निगल लिया है! आह, कितनी प्रतीक्षा की है हमने इस दिन की;

निश्चयतः आज वह दिन आ गया है आज वह हमारी दृष्टि के समक्ष है.”

17याहवेह ने अपने लक्ष्य की पूर्ति कर ही ली है;

उन्होंने अपनी पूर्वघोषणा की निष्पत्ति कर दिखाई;

वह घोषणा, जो उन्होंने दीर्घ काल पूर्व की थी.

जिस रीति से उन्होंने तुम्हें फेंक दिया उसमें थोड़ी भी करुणा न थी,

उन्होंने शत्रुओं के सामर्थ्य को ऐसा विकसित कर दिया,

कि शत्रु तुम्हारी स्थिति पर उल्‍लसित हो रहे हैं.

18ज़ियोन की पुत्री की दीवार

उच्च स्वर में अपने प्रभु की दोहाई दो.

दिन और रात्रि

अपने अश्रुप्रवाह को उग्र जलधारा-सदृश

प्रवाहित करती रहो;

स्वयं को कोई राहत न दो,

और न तुम्हारी आंखों को आराम.

19उठो, रात्रि में दोहाई दो,

रात्रि प्रहर प्रारंभ होते ही;

जल-सदृश उंडेल दो अपना हृदय

अपने प्रभु की उपस्थिति में.

अपनी संतान के कल्याण के लिए

अपने हाथ उनकी ओर बढ़ाओ,

उस संतान के लिए, जो भूख से

हर एक गली के मोड़ पर मूर्छित हो रही है.

20“याहवेह, ध्यान से देखकर विचार कीजिए:

कौन है वह, जिसके साथ आपने इस प्रकार का व्यवहार किया है?

क्या यह सुसंगत है कि स्त्रियां अपने ही गर्भ के फल को आहार बनाएं,

जिनका उन्होंने स्वयं ही पालन पोषण किया है?

क्या यह उपयुक्त है कि पुरोहितों एवं भविष्यवक्ताओं का संहार

हमारे प्रभु के पवित्र स्थान में किया जाए?

21“सड़क की धूलि में

युवाओं एवं वृद्धों के शव पड़े हुए हैं;

मेरे युवक, युवतियों का संहार

तलवार से किया गया है.

अपने कोप-दिवस में

आपने उनका निर्दयतापूर्वक संहार कर डाला है.

22“आपने तो मेरे आतंकों का आह्वान चारों ओर से इस ढंग से किया,

मानो आप इन्हें किसी उत्सव का आमंत्रण दे रहे हैं.

यह सब याहवेह के कोप के दिन हुआ है,

इसमें कोई भी बचकर शेष न रह सका;

ये वे सब थे, जिनका आपने अपनी गोद में रखकर पालन पोषण किया था,

मेरे शत्रुओं ने उनका सर्वनाश कर दिया है.”