Chinese Contemporary Bible (Simplified)

箴言 2:1-22

智慧的益处

1孩子啊,

你若接受我的教诲,

珍爱我的诫命,

2侧耳聆听智慧,

倾心渴慕悟性;

3你若呼求洞见,

竭力追求悟性,

4寻它如寻银子,

找它如找宝藏,

5你就会懂得敬畏耶和华,

认识上帝。

6因为耶和华赐人智慧,

知识和悟性出自祂的口。

7祂使正直人充满智慧,

是行为纯全者的盾牌。

8祂看守正义之路,

护卫虔诚人的道。

9这样,你就明白何为仁义、

公平和正直,

懂得一切美善之道。

10因为智慧必进入你心,

知识必令你的灵欢快。

11明辨力必护佑你,

悟性必看顾你。

12智慧必救你远离恶道,

脱离言语荒谬的人。

13他们舍弃正道,走上黑路,

14以行恶为乐,喜爱恶人的邪僻;

15他们的道路歪邪,行径扭曲。

16智慧要救你脱离淫妇,

脱离花言巧语的妓女。

17她撇弃了年轻时的丈夫,

忘了在上帝面前立的约。

18她的家通向死亡,

她的路直达阴间。

19到她那里的人都有去无回,

找不到生命之道。

20所以你要行善人的路,

守义人的道。

21因为在地上,

正直人必安居,

纯全无过的人必长存,

22恶人必遭灭绝,

奸徒必被铲除。

Hindi Contemporary Version

सूक्ति संग्रह 2:1-22

बुद्धि का मूल्य

1मेरे पुत्र, यदि तुम मेरे वचन स्वीकार करो

और मेरे आज्ञाओं को अपने हृदय में संचित कर रखो,

2यदि अपने कानों को बुद्धि के प्रति चैतन्य

तथा अपने हृदय को समझदारी की ओर लगाए रखो;

3वस्तुतः यदि तुम समझ का आह्वान करो

और समझ को उच्च स्वर में पुकारो,

4यदि तुम इसकी खोज उसी रीति से करो

जैसी चांदी के लिए की जाती है और इसे एक गुप्त निधि मानते हुए खोजते रहो,

5तब तुम्हें ज्ञात हो जाएगा कि याहवेह के प्रति श्रद्धा-भय-भाव क्या होता है,

तब तुम्हें परमेश्वर का ज्ञान प्राप्त हो जाएगा.

6क्योंकि ज्ञान को देनेवाला याहवेह ही हैं;

उन्हीं के मुख से ज्ञान और समझ की बातें बोली जाती हैं.

7खरे के लिए वह यथार्थ ज्ञान आरक्षित रखते हैं,

उनके लिए वह ढाल प्रमाणित होते हैं, जिनका चालचलन निर्दोष है,

8वह बिना पक्षपात न्याय प्रणाली की सुरक्षा बनाए रखते हैं

तथा उनकी दृष्टि उनके संतों के चालचलन पर लगी रहती है.

9मेरे पुत्र, तब तुम्हें धर्मी, बिना पक्षपात न्याय,

हर एक सन्मार्ग और औचित्य की पहचान हो जाएगी.

10क्योंकि तब बुद्धि तुम्हारे हृदय में आ बसेगी,

ज्ञान तुम्हारी आत्मा में आनंद का संचार करेगा.

11निर्णय-बुद्धि तुम्हारी चौकसी करेगी,

समझदारी में तुम्हारी सुरक्षा होगी.

12ये तुम्हें बुराई मार्ग से और ऐसे व्यक्तियों से बचा लेंगे,

जिनका बातों कुटिल है,

13जो अन्धकारपूर्ण जीवनशैली को अपनाने के लिए

खराई के चालचलन को छोड़ देते हैं,

14जिन्हें कुकृत्यों

तथा बुराई की भ्रष्टता में आनंद आता है,

15जिनके व्यवहार ही कुटिल हैं

जो बिगड़े मार्ग का चालचलन करते हैं.

16तब बुद्धि तुम्हें अनाचरणीय स्त्री से, उस अन्य पुरुषगामिनी से,

जिसकी बातों मीठी है, सुरक्षित रखेगी,

17जिसने युवावस्था के साथी का परित्याग कर दिया है

जो परमेश्वर के समक्ष की गई वाचा को भूल जाती है.

18उसका घर-परिवार मृत्यु के गर्त में समाता जा रहा है

उसके पांव अग्रगामी हैं, अधोलोक के राह पर है.

19जो कोई उसके पास गया, वह लौटकर कभी न आ सका और न उनमें से कोई पुन:

जीवन मार्ग की ओर वापस आ सका है.

20मेरे पुत्र, बुद्धि तुम्हें भलाई के मार्ग पर ले जाएगी

और तुम्हें धर्मियों के मार्ग पर स्थिर रखेगी.

21धर्मियों को ही देश प्राप्त होगा,

और वे, जो धर्मी हैं, इसमें बने रहेंगे;

22किंतु दुर्जनों को देश से निकाला जाएगा

तथा धोखेबाज को समूल नष्ट कर दिया जाएगा.