มาระโก 1 TNCV - मार्का 1 HCV

มาระโก
Elegir capítulo 1

Thai New Contemporary Bible

มาระโก 1:1-45

ยอห์นผู้ให้บัพติศมา

(มธ.3:1-11; ลก.3:2-16)

1ข่าวประเสริฐเรื่องพระเยซูคริสต์ พระบุตรของพระเจ้า1:1 สำเนาต้นฉบับบางสำเนาไม่มีคำว่าพระบุตรของพระเจ้า เริ่มต้นดังนี้

2ในพระธรรมอิสยาห์ผู้เผยพระวจนะมีเขียนไว้ว่า

“ดูเถิด เราจะส่งทูตของเรามาก่อนท่าน

เพื่อเตรียมทางไว้ให้ท่าน”1:2 มลค. 3:1

3“เสียงของผู้หนึ่งร้องในถิ่นกันดารว่า

‘จงเตรียมทางสำหรับองค์พระผู้เป็นเจ้า

จงทำทางสำหรับพระองค์ให้ตรงไป’ ”1:3 อสย.40:3

4แล้วยอห์นผู้ให้บัพติศมาก็ได้ปรากฏตัวในถิ่นกันดารและเทศนาเรื่องบัพติศมาอันแสดงถึงการกลับใจใหม่เพื่อรับการอภัยโทษบาป 5ผู้คนทั่วแคว้นยูเดียและชาวกรุงเยรูซาเล็มพากันมาหายอห์น เมื่อสารภาพบาปทั้งหลายของตนแล้ว ยอห์นก็ให้เขาทั้งหลายรับบัพติศมาในแม่น้ำจอร์แดน 6ยอห์นสวมเสื้อผ้าที่ทำจากขนอูฐ คาดเข็มขัดหนัง และกินตั๊กแตนกับน้ำผึ้งป่าเป็นอาหาร 7เขาประกาศว่า “ภายหลังเราจะมีผู้หนึ่งเสด็จมา ทรงยิ่งใหญ่กว่าเรา ซึ่งเราไม่คู่ควรแม้แต่จะโน้มกายลงแก้สายฉลองพระบาทของพระองค์ 8เราให้ท่านทั้งหลายรับบัพติศมาด้วยน้ำ1:8 หรือในน้ำแต่พระองค์จะทรงให้ท่านทั้งหลายรับบัพติศมาด้วยพระวิญญาณบริสุทธิ์”

พระเยซูทรงรับบัพติศมาและถูกมารทดลอง

(มธ.3:13-17; 4:1-11; ลก.3:21,22; 4:1-13)

9ครั้งนั้นพระเยซูเสด็จจากเมืองนาซาเร็ธในแคว้นกาลิลี ทรงรับบัพติศมาจากยอห์นในแม่น้ำจอร์แดน 10ขณะที่พระเยซูขึ้นจากน้ำ พระองค์ทรงเห็นท้องฟ้าแหวกออกและพระวิญญาณดุจนกพิราบลงมาประทับบนพระองค์ 11แล้วมีพระสุรเสียงจากฟ้าสวรรค์ว่า “เจ้าคือลูกของเรา ผู้ที่เรารัก เราพอใจเจ้ายิ่งนัก”

12ทันใดนั้นพระวิญญาณทรงส่งพระองค์ไปยังถิ่นกันดาร 13และพระองค์ทรงถูกซาตานทดลองตลอดสี่สิบวันสี่สิบคืนที่ทรงอยู่ที่นั่น พระองค์ทรงอยู่กับสัตว์ป่าและเหล่าทูตสวรรค์มาปรนนิบัติพระองค์

ทรงเรียกสาวกกลุ่มแรก

(มธ.4:18-22; ลก.5:2-11; ยน.1:35-42)

14หลังจากยอห์นถูกขังคุก พระเยซูเสด็จสู่แคว้นกาลิลี ทรงประกาศข่าวประเสริฐของพระเจ้า 15พระองค์ตรัสว่า “ถึงเวลาแล้ว อาณาจักรของพระเจ้ามาใกล้แล้ว จงกลับใจใหม่และเชื่อข่าวประเสริฐ!”

16ขณะพระเยซูทรงดำเนินอยู่ริมทะเลสาบกาลิลี พระองค์ทรงเห็นซีโมนกับน้องชายชื่ออันดรูว์กำลังทอดแหอยู่ที่ทะเลสาบ ทั้งสองเป็นชาวประมง 17พระเยซูตรัสว่า “จงตามเรามาเถิด แล้วเราจะตั้งท่านให้เป็นผู้หาคนดั่งหาปลา” 18ทั้งสองก็ละแหติดตามพระองค์ไปทันที

19เมื่อเสด็จต่อไปอีกหน่อยก็ทรงเห็นยากอบบุตรเศเบดีกับยอห์นผู้เป็นน้องชายของยากอบกำลังชุนอวนอยู่ในเรือ 20พระองค์ทรงเรียกเขาทันทีโดยไม่รอช้า ทั้งสองก็ละเศเบดีผู้เป็นบิดาไว้ที่เรือกับลูกจ้างและติดตามพระองค์ไป

พระเยซูทรงขับไล่วิญญาณชั่ว

(ลก.4:31-37)

21พระเยซูกับสาวกมายังเมืองคาเปอรนาอุม เมื่อถึงวันสะบาโตพระองค์ทรงเข้าไปในธรรมศาลาและทรงเริ่มเทศนาสั่งสอน 22ประชาชนล้วนทึ่งในคำสอนของพระองค์ยิ่งนัก เพราะพระองค์ทรงสอนพวกเขาอย่างผู้มีสิทธิอำนาจ ผิดกับพวกธรรมาจารย์ 23ขณะนั้นชายคนหนึ่งในธรรมศาลาซึ่งถูกวิญญาณชั่ว1:23 ภาษากรีกว่าโสโครกเช่นเดียวกับข้อ 26 และ 27ตนหนึ่งเข้าสิงได้ร้องขึ้นมาว่า 24“พระเยซูแห่งนาซาเร็ธ ท่านต้องการอะไรจากพวกเรา? ท่านมาเพื่อทำลายพวกเราหรือ? ข้ารู้ว่าท่านเป็นใคร ท่านคือองค์บริสุทธิ์ของพระเจ้า!”

25พระเยซูตรัสสั่งอย่างเฉียบขาดว่า “เงียบ! ออกมาจากเขาเดี๋ยวนี้!” 26วิญญาณชั่วก็ทำให้คนนั้นชักอย่างรุนแรง แล้วกรีดร้องและออกมาจากเขา

27ประชาชนล้วนประหลาดใจจนพูดกันว่า “อะไรกันนี่? เป็นคำสอนใหม่ ทั้งยังมีสิทธิอำนาจ! พระองค์ถึงขนาดสั่งวิญญาณชั่วและมันก็ทำตามคำสั่ง” 28กิตติศัพท์ของพระองค์จึงเลื่องลือไปทั่วแคว้นกาลิลีอย่างรวดเร็ว

พระเยซูทรงรักษาคนเป็นอันมาก

(มธ.8:14-17; ลก.4:38-41)

29เมื่อออกมาจากธรรมศาลาพระเยซูกับสาวกรวมทั้งยากอบและยอห์นก็ไปยังบ้านของซีโมนกับอันดรูว์ 30แม่ยายของซีโมนนอนเป็นไข้อยู่พวกเขาจึงทูลพระเยซู 31พระองค์จึงทรงเข้าไปจับมือนาง ช่วยพยุงให้ลุกขึ้น อาการไข้ก็หายไป นางจึงปรนนิบัติพระองค์กับสาวก

32เย็นวันนั้นหลังจากดวงอาทิตย์ตกดิน ประชาชนนำบรรดาคนป่วยและคนถูกผีสิงมาหาพระเยซู 33คนทั้งเมืองมาออกันอยู่ที่ประตู 34และพระเยซูได้ทรงรักษาคนจำนวนมากที่ป่วยด้วยโรคต่างๆ พระองค์ยังทรงขับผีออกหลายตน แต่ทรงห้ามผีเหล่านั้นไม่ให้พูดเพราะพวกมันรู้ว่าพระองค์คือใคร

พระเยซูทรงอธิษฐานในที่เงียบสงบ

(ลก.4:42,43)

35ครั้นเวลาเช้ามืดพระเยซูทรงลุกขึ้นแล้วเสด็จออกจากบ้านไปยังที่สงบเงียบและอธิษฐาน 36ซีโมนกับเพื่อนๆ ออกตามหาพระองค์ 37เมื่อพบแล้วจึงร้องทูลว่า “ใครต่อใครกำลังตามหาพระองค์!”

38พระเยซูตรัสตอบว่า “ให้เราไปที่อื่นๆ ในละแวกใกล้เคียงกันเถิดเพื่อเราจะได้ไปเทศนาที่นั่นด้วย ที่เรามาก็เพื่อการนี้แหละ” 39ดังนั้นพระองค์จึงเสด็จไปทั่วแคว้นกาลิลี พระองค์ทรงเทศนาในธรรมศาลาของพวกเขาและทรงขับผีออกหลายตน

พระเยซูทรงรักษาคนโรคเรื้อน

(มธ.8:2-4; ลก.5:12-14)

40คนโรคเรื้อน1:40 คำภาษากรีกอาจหมายถึงโรคผิวหนังต่างๆ ไม่จำเป็นต้องหมายถึงโรคเรื้อนเท่านั้นคนหนึ่งมาคุกเข่าทูลวิงวอนพระองค์ว่า “พระองค์ทรงรักษาข้าพระองค์ให้หายได้ถ้าพระองค์เต็มใจ”

41พระเยซูทรงสงสารเขาจึงทรงยื่นพระหัตถ์แตะต้องเขาและตรัสว่า “เราเต็มใจจะรักษา จงหายโรคเถิด!” 42ทันใดนั้นโรคเรื้อนที่เป็นอยู่ก็หายไปและเขาก็กลับเป็นปกติ

43พระเยซูทรงส่งเขาไปทันทีพร้อมกับกำชับว่า 44“จงระวัง อย่าบอกเรื่องนี้แก่ผู้ใดเลยแต่จงไปแสดงตัวต่อปุโรหิตและถวายเครื่องบูชาสำหรับการที่ท่านหายจากโรคเรื้อนตามที่โมเสสสั่งไว้ เพื่อเป็นพยานแก่คนทั้งหลายว่าท่านหายโรคแล้ว” 45แต่เขาเที่ยวป่าวประกาศเรื่องนี้ไปทั่วจนพระเยซูไม่สามารถเข้าเมืองอย่างเปิดเผยได้ แต่ประทับในที่เปลี่ยวนอกเมือง กระนั้นผู้คนจากทุกหนทุกแห่งก็ยังมาเข้าเฝ้าพระองค์

Hindi Contemporary Version

मार्का 1:1-45

बपतिस्मा देनेवाले योहन का उपदेश

1परमेश्वर-पुत्र1:1 कुछ हस्तलेखों में परमेश्वर-पुत्र शब्द नहीं पाए जाते. मला 3:1 येशु मसीह के सुसमाचार का आरंभ: 2भविष्यवक्ता यशायाह के अभिलेख के अनुसार,

“तुम्हारे पूर्व मैं अपना एक दूत भेज रहा हूं,

जो तुम्हारा मार्ग तैयार करेगा”1:2 मला 3:1;

3“जंगल में पुकारनेवाले की आवाज है,

‘प्रभु का रास्ता सीधा करो, उनका मार्ग सरल बनाओ.’ ”

4बपतिस्मा देनेवाले योहन जंगल में पाप क्षमा के लिए पश्चाताप के बपतिस्मा का प्रचार करते हुए आए. 5यहूदिया प्रदेश के क्षेत्रों से सारी भीड़ तथा येरूशलेम नगर के सभी लोग उनसे भेंट करने जाने लगे. ये सब पाप स्वीकार करते हुए यरदन नदी में योहन से बपतिस्मा ले रहे थे. 6योहन का परिधान, ऊंट के रोम से निर्मित वस्त्र और उसके ऊपर चमड़े का कमरबंध था और उनका भोजन था टिड्डियां तथा जंगलीमधु. 7वह प्रचार कर कहते थे, “मेरे बाद एक ऐसा व्यक्ति आएगा, जो मुझसे अधिक शक्तिमान हैं—मैं तो इस योग्य भी नहीं हूं कि उनके सामने झुककर उनकी जूतियों के बंध खोलूं. 8मैं बपतिस्मा जल में देता हूं; वह तुम्हें पवित्रात्मा में बपतिस्मा देंगे.”

मसीह येशु का बपतिस्मा

9उसी समय मसीह येशु गलील प्रदेश के नाज़रेथ नगर से आए और उन्हें योहन द्वारा यरदन नदी में बपतिस्मा दिया गया. 10जब मसीह येशु जल से बाहर आ रहे थे, उसी क्षण उन्होंने आकाश को खुलते तथा आत्मा को, जो कबूतर के समान था, अपने ऊपर उतरते हुए देखा 11और स्वर्ग से निकला एक शब्द भी सुनाई दिया: “तुम मेरे पुत्र हो—मेरे प्रिय—तुमसे में अतिप्रसन्न हूं.”

12उसी समय पवित्रात्मा ने उन्हें जंगल में भेज दिया. 13जंगल में वह चालीस दिन शैतान के द्वारा परखे जाते रहे. वह वहां जंगली पशुओं के साथ रहे और स्वर्गदूतों ने उनकी सेवा की.

प्रचार का प्रारंभ गलील प्रदेश से

14योहन के बंदी बना लिए जाने के बाद येशु, परमेश्वर के सुसमाचार का प्रचार करते हुए गलील प्रदेश आए. 15उनका संदेश था, “समय पूरा हो चुका है, परमेश्वर का राज्य पास आ गया है. मन फिराओ तथा सुसमाचार में विश्वास करो.”

पहले चार शिष्यों का बुलाया जाना

16गलील झील के पास से जाते हुए मसीह येशु ने शिमओन तथा उनके भाई आन्द्रेयास को देखा, जो झील में जाल डाल रहे थे. वे मछुआरे थे. 17मसीह येशु ने उनसे कहा, “मेरा अनुसरण करो—मैं तुम्हें मनुष्यों के मछुआरे बनाऊंगा.” 18वे उसी क्षण अपने जाल छोड़कर येशु का अनुसरण करने लगे.

19आगे जाने पर उन्होंने ज़ेबेदियॉस के पुत्र याकोब तथा उनके भाई योहन को देखा. वे भी नाव में थे और अपने जाल सुधार रहे थे. 20उन्हें देखते ही मसीह येशु ने उनको बुलाया. वे अपने पिता ज़ेबेदियॉस को मज़दूरों के साथ नाव में ही छोड़कर उनके साथ चल दिए.

मसीह येशु की अधिकार भरी शिक्षा

21वे सब कफ़रनहूम नगर आए. शब्बाथ पर मसीह येशु स्थानीय यहूदी सभागृह में जाकर शिक्षा देने लगे. 22लोग उनकी शिक्षा से आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि वह शास्त्रियों के समान नहीं परंतु इस प्रकार शिक्षा दे रहे थे कि उन्हें इसका अधिकार है. 23उसी समय सभागृह में एक व्यक्ति, जो दुष्टात्मा से पीड़ित था, चिल्ला उठा, 24“नाज़रेथवासी येशु! क्या चाहते हैं आप? क्या आप हमें नाश करने आए हैं? मैं जानता हूं कि आप कौन हैं; परमेश्वर के पवित्र जन!”

25“चुप!” उसे फटकारते हुए मसीह येशु ने कहा, “बाहर निकल जा इसमें से!” 26उस व्यक्ति को मरोड़ते हुए वह प्रेत ऊंचे शब्द में चिल्लाता हुआ उसमें से बाहर निकल गया.

27सभी हैरान रह गए. वे आपस में विचार करने लगे, “यह सब क्या हो रहा है? यह अधिकारपूर्वक शिक्षा देते हैं और अशुद्ध आत्मा तक को आज्ञा देते है और वे उनका पालन भी करती हैं!” 28तेजी से उनकी ख्याति गलील प्रदेश के आस-पास सब जगह फैल गई.

पेतरॉस की सास को स्वास्थ्यदान

29यहूदी सभागृह से निकलकर वे सीधे याकोब और योहन के साथ शिमओन तथा आन्द्रेयास के घर पर गए. 30वहां शिमओन की सास बुखार में पड़ी हुई थी. उन्होंने बिना देर किए मसीह येशु को इसके विषय में बताया. 31मसीह येशु उनके पास आए, उनका हाथ पकड़ उन्हें उठाया और उनका बुखार जाता रहा तथा वह उनकी सेवा टहल में जुट गईं.

32संध्या समय सूर्यास्त के बाद लोग अस्वस्थ तथा जिनमें दुष्टात्माऐं थी उन लोगों को येशु के पास लाने लगे. 33सारा नगर ही द्वार पर इकट्ठा हो गया 34मसीह येशु ने विभिन्न रोगों से पीड़ित अनेकों को स्वस्थ किया और अनेक दुष्टात्माओं को भी निकाला. वह दुष्टात्माओं को बोलने नहीं देते थे क्योंकि वे उन्हें पहचानती थी.

समग्र गलील प्रदेश में मसीह येशु द्वारा प्रचार तथा स्वास्थ्यदान सेवा

35भोर होने पर, जब अंधकार ही था, मसीह येशु उठे और एक सुनसान जगह को गए. वहां वह प्रार्थना करने लगे. 36शिमओन तथा उनके अन्य साथी उन्हें खोज रहे थे. 37उन्हें पाकर वे कहने लगे, “सभी आपको खोज रहे हैं.”

38किंतु मसीह येशु ने उनसे कहा, “चलो, कहीं और चलें—यहां पास के नगरों में—जिससे कि मैं वहां भी प्रचार कर सकूं क्योंकि मेरे यहां आने का उद्देश्य यही है.” 39वह सारे गलील प्रदेश में घूमते हुए यहूदी सभागृहों में जा-जाकर प्रचार करते रहे तथा लोगों में से दुष्टात्माओं को निकालते गए.

कोढ़ रोगी की शुद्धि

40एक कोढ़ रोगी उनके पास आया. उसने मसीह येशु के सामने घुटने टेक उनसे विनती की, “आप चाहें तो मुझे शुद्ध कर सकते हैं.”

41तरस खाकर मसीह येशु ने हाथ बढ़ाकर उसे स्पर्श किया और कहा, “मैं चाहता हूं. तुम शुद्ध हो जाओ!” 42उसी समय उसका कोढ़ रोग जाता रहा और वह शुद्ध हो गया.

43मसीह येशु ने उसे उसी समय इस चेतावनी के साथ विदा किया, 44“सुनो! इस विषय में किसी से कुछ न कहना. हां, जाकर स्वयं को पुरोहित के सामने प्रस्तुत करो तथा अपनी शुद्धि के प्रमाण के लिए मोशेह द्वारा निर्धारित विधि के अनुसार शुद्धि संबंधी भेंट चढ़ाओ.” 45किंतु उस व्यक्ति ने जाकर खुलेआम इसकी घोषणा की तथा यह समाचार इतना फैला दिया कि मसीह येशु इसके बाद खुल्लम-खुल्ला किसी नगर में न जा सके और उन्हें नगर के बाहर सुनसान स्थानों में रहना पड़ा. फिर भी सब स्थानों से लोग उनके पास आते रहे.