Slovo na cestu

Filemonovi 1:1-25

Příkladný život povzbuzuje

1-3Milý příteli, milost a pokoj ať spočinou na tobě, sestře Apfii, Archipovi a celé tvé domácnosti! Píši ti z vězení, které mne potkalo pro Kristovu věc; je u mne právě Timoteus.

4-6Stále děkuji v modlitbách Bohu za tvou věrnost Ježíši Kristu a lásku ke všem bratřím. A modlím se, abys poznal, kolik dobrého v nás může vyrůst působením Ježíše Krista. 7Tvá láska, bratře, mi způsobila velkou radost a povzbudila mne. Potěšil jsi tím srdce všech věřících.

Pavel prosí za Onezima

8Chci tě o něco poprosit. Mohl bych ti sice Kristovým jménem přikázat, co máš učinit, ale nebylo by to ode mne příliš laskavé. 9Proto dávám přednost prosbě – jsem už starý člověk a teď ještě pro Krista v žaláři. 10Ta prosba se týká Onezima, kterého jsem zde ve vězení přivedl k víře a mám ho rád jako vlastního syna. 11Dosud ti způsobil více škody než užitku, ale nyní nám bude užitečný oběma. 12Posílám ti ho nazpět a s ním ti posílám své vlastní srdce. 13Rád bych si ho zde ponechal, aby mi ulehčil pobyt ve vězení. 14Nechci to však učinit bez tvého souhlasu, aby ten dobrý skutek nebyl vynucen, ale vyšel od tebe. 15Snad proto se ti musel Onezimus na krátkou dobu vzdálit, aby byl navždycky tvým – 16ne otrokem, ale milovaným bratrem. Je-li tak drahý mně, oč víc bude milý i tobě – jako člověk i jako křesťan.

Již ne otrok, ale bratr

17Jestli jsem skutečně tvým přítelem, přijmi ho stejně, jako bych to byl já sám. 18Jestli tě nějak poškodil nebo něco ukradl, připiš to na můj účet. 19Já, Pavel, zaručuji se zde vlastní rukou, že ti to zaplatím. Nechci ti připomínat, že mi dlužíš celý svůj život. 20Bratře, mysli na Pána a prokaž mi tu laskavost. 21Nežádal bych tě o to, kdybych si nebyl jist, že uděláš ještě víc, než oč tě prosím.

Závěrečná prosba a pozdravy

22Zároveň mi připrav nějaké ubytování. Doufám, že díky vašim modlitbám budu se k vám moci brzo vrátit.

23Pozdravuje Epafras, který je tady také se mnou vězněn pro víru, 24dále moji spolupracovníci Marek, Aristarchos, Démas a Lukáš.

25Milost Pána Ježíše Krista vám přeje

Pavel

Hindi Contemporary Version

फ़िलेमोन 1:1-25

1मसीह येशु के लिए बंदी पौलॉस तथा हमारे भाई तिमोथियॉस की ओर से,

हमारे प्रिय सहकर्मी फ़िलेमोन, 2हमारी बहन आप्फ़िया, हमारे साथी योद्धा आरखिप्पॉस और कलीसिया को, जो तुम्हारे घर में इकट्ठा होती है:

3हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु मसीह येशु का अनुग्रह व शांति प्राप्त हो.

आभार व्यक्ति तथा प्रार्थना

4अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें याद करते हुए मैं हमेशा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, 5क्योंकि मैं प्रभु मसीह येशु तथा सभी पवित्र लोगों के प्रति तुम्हारे प्रेम और विश्वास के बारे में सुना करता हूं. 6मेरी प्रार्थना है कि तुम्हारे विश्वास का सहभागी होना हर एक वरदान के स्पष्ट अहसास के द्वारा, जो तुममें मसीह के लिए है, प्रभावशाली हो. 7प्रियजन, तुम्हारी प्रेम भावना से मुझे बहुत आनंद व प्रोत्साहन मिला है क्योंकि तुम्हारे कारण पवित्र लोगों के मन आनंदित हुए हैं.

उनेसिमॉस के लिए विनती

8यद्यपि मुझे मसीह में तुम्हें यह आज्ञा देने का अधिकार है कि तुम्हारा क्या करना सही है, 9मैं, मसीह येशु के लिए बंदी बूढ़ा पौलॉस, प्रेमवश तुमसे इस समय मात्र विनती कर रहा हूं. 10मेरी विनती मेरे पुत्र ओनेसिमॉस के संबंध में है, जो कारावास में मेरा आत्मिक पुत्र बन गया है, 11जो इससे पहले तुम्हारे लिए किसी काम का न था किंतु अब तुम्हारे और मेरे, दोनों के लिए बड़े काम का हो गया है.

12उसे, जो अब मेरे हृदय का टुकड़ा है, मैं तुम्हारे पास वापस भेज रहा हूं. 13हालांकि मैं चाहता था कि उसे अपने पास ही रखूं कि वह तुम्हारा स्थान लेकर ईश्वरीय सुसमाचार के लिए मुझ बंदी की सेवा करे. 14किंतु मैंने तुम्हारी सलाह के बिना कुछ भी करना उचित न समझा कि तुम्हारी उदारता मजबूरीवश नहीं परंतु अपनी इच्छा से हो. 15क्योंकि वह तुमसे कुछ समय के लिए इसी कारण अलग हुआ कि तुम उसे हमेशा के लिए प्राप्त कर लो. 16दास के रूप में नहीं परंतु दास से ऊंचे एक प्रिय भाई के रूप में, विशेषकर मेरे लिए. वह मुझे तो अत्यंत प्रिय है ही किंतु मुझसे बढ़कर तुम्हें दोनों ही रूपों में—व्यक्ति के रूप में तथा प्रभु में भाई के रूप में.

17इसलिये यदि तुम मुझे अपना सहभागी समझते हो तो मेरी विनती है कि तुम उसे ऐसे अपना लो जैसे तुमने मुझे अपनाया था. 18यदि उसने किसी भी प्रकार से तुम्हारी कोई हानि की है या उस पर तुम्हारा कोई कर्ज़ है तो उसे मेरे नाम लिख देना. 19मैं, पौलॉस, अपने हाथ से यह लिख रहा हूं कि मैं वह कर्ज़ चुका दूंगा—मुझे तुम्हें यह याद दिलाना आवश्यक नहीं कि तुम्हारा सारा जीवन मेरा कर्ज़दार है. 20प्रियजन, मेरी कामना है कि प्रभु में मुझे तुमसे यह सहायता प्राप्त हो और मेरा मन मसीह में आनंदित हो जाए. 21तुम्हारे आज्ञाकारी होने पर भरोसा करके, मैं तुम्हें यह लिख रहा हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि तुम मेरे कहे से कहीं अधिक करोगे.

22इसके साथ ही, मेरे घर का भी प्रबंध करो क्योंकि मुझे आशा है कि तुम्हारी प्रार्थनाओं के उत्तर में मैं परमेश्वर द्वारा तुम्हें दोबारा लौटा दिया जाऊंगा.

23मसीह येशु में मेरा साथी बंदी एपाफ़्रास.

24तथा मेरे सहकर्मी मार्कास, आरिस्तारख़ॉस, देमास और लूकॉस तुम्हें नमस्कार करते हैं.

25प्रभु मसीह येशु का अनुग्रह तुम्हारी आत्मा के साथ रहे.