Slovo na cestu

Efezským 3:1-21

Pavlovo vyslání mezi nevěřící

1Kvůli tomu jsem se dostal do vězení. 2Jistě jste slyšeli, že mne Bůh pověřil hlásat jeho milost pohanům, jak už jsem se zmínil. 3-4On sám mi odhalil tajemství svého plánu s Kristem; to jen na vysvětlenou, odkud to všechno vím. 5Za starých časů člověk do Božích plánů vidět nemohl, ale teď je Bůh svatým Duchem odkryl svým apoštolům a prorokům. A toto tajemství zní: 6pohané jsou součástí téhož těla a spoludědici všech Božích zaslíbení spolu se židy. 7Mám to za slavnou výsadu, že smím tento plán každému objasňovat.

8-9Když pomyslím, jak ubohý a nepatrný jsem mezi všemi křesťany – a on mě přesto vyznamenal tou zvláštní radostí, že smím pohanům přinášet poselství o nekonečném bohatství, jaké je jim v Kristově osobě darováno! A právě já jim smím vysvětlovat, že Bůh, Stvořitel všeho, je i jejich zachráncem. 10A důvod? Aby všechny vlády i nadzemské mocnosti poznaly jeho dokonalou moudrost, když jeho rodina – pohani stejně jako židé – je opět sjednocena v Kristově církvi, 11jak to bylo už dávno naplánováno. 12Když před něj předstupujeme ve společenství s Kristem, můžeme tak činit bez zábran a strachu. 13Nenechte se tedy odradit tím, co mě kvůli vám potkalo – naopak, mějte to za důvod k hrdosti.

Velikost Boží lásky

14Když tak uvažuji o dokonalosti jeho plánu, padám na kolena a volám k Otci, 15od něhož má svůj život každá pozemská i nadzemská bytost, 16aby svou nekonečnou mocí vnitřně posilnil a upevnil i vás. 17A modlím se, aby Kristus ve vašich srdcích zdomácněl. Přijali jste ho vírou, zapusťte tedy kořeny hluboko do Boží lásky. 18Jen tak poznáte jako ostatní křesťané, co je Kristova láska v plné její šíři a délce, hloubce i výšce. 19Sami se přesvědčíte, jak je nezměřitelná a neobsažitelná, a budete nakonec prostoupeni skrz naskrz Bohem.

20A tak nemohu jinak než chválit Boha a děkovat mu, že svou mocí v nás pracuje a dokáže s námi vykonat nekonečně víc, než se odvážíme prosit i jen ve snu. 21Chvála Bohu za Ježíše! Chvála Bohu za jeho církev! Chvalte ho lidé všech dob!

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

इफिसुस 3:1-21

पौलुस परचारक आनजातमन बर

1एकरे कारन, में पौलुस, तुम आनजातमन के हित म मसीह यीसू के कैदी अंव, अऊ तुम्‍हर बर पराथना करथंव। 2तुमन परमेसर के ओ अनुग्रह के काम के बारे म जरूर सुने हवव, जऊन ला परमेसर ह तुम्‍हर बर मोला करे बर दे हवय। 3अऊ ओ काम ए अय कि परमेसर ह अपन भेद ला परगट करिस अऊ मोला बताईस, जइसने कि मेंह पहिली थोरकन लिखे हवंव। 4जब तुमन एला पढ़हू, तब तुमन मसीह के भेद के बारे म मोर गियान ला समझहू, 5जऊन ला आने पीढ़ी के मनखेमन ला नइं बताय गीस, जइसने एह अब पबितर आतमा के दुवारा परमेसर के पबितर प्रेरित अऊ अगमजानीमन ऊपर परगट करे गे हवय। 6अऊ भेद ह ए अय – कि आनजातमन, सुघर संदेस के दुवारा इसरायलीमन के संग वारिस, एकेच देहें के अंग अऊ मसीह यीसू म परतिगियां के भागी अंय।

7मेंह ए सुघर संदेस के सेवक, परमेसर के अनुग्रह के दान के दुवारा बने हवंव, जऊन ला कि ओकर सामरथ के परभाव के दुवारा मोला दिये गीस। 8हालाकि मेंह परमेसर के जम्मो मनखे म सबले छोटे अंव, तभो ले ए अनुग्रह मोला दिये गीस कि मेंह आनजातमन ला मसीह के अगम्य धन के परचार करंव, 9अऊ एला अइसने साफ-साफ बतावंव कि हर एक झन ए भेद के बात ला देख सकंय, जऊन ह कि जम्मो चीज के गढ़इया परमेसर म जुग-जुग ले छिपे रिहिस। 10ताकि अब कलीसिया के दुवारा परमेसर के नाना किसम के गियान ला ओ सासन करइया अऊ अधिकारीमन ला बताय जावय, जऊन मन स्वरगीय जगह (अकास) म हवंय। 11एह ओकर सदाकाल के मनसा के मुताबिक रिहिस, जऊन ला ओह हमर परभू मसीह यीसू म पूरा करिस। 12अऊ मसीह म हमर संगति अऊ मसीह म हमर बिसवास के दुवारा, हमन निधड़क अऊ भरोसा के संग परमेसर करा आ सकथन। 13एकरसेति, मेंह तुम्‍हर ले बिनती करत हंव कि जऊन दुःख तकलीफ तुम्‍हर बर मेंह सहथंव, ओकर कारन तुमन हिम्मत झन हारव। एह तुम्‍हर महिमा अय।

इफिसीमन बर पराथना

14एकरे कारन मेंह ददा परमेसर के आघू म माड़ी टेकथंव, 15जेकर ले स्‍वरग म अऊ धरती ऊपर, बिसवासीमन के हर एक घराना के नांव रखे जाथे। 16मेंह पराथना करथंव कि अपन महिमा के धन के मुताबिक, ओह तुम्‍हर अन्तस ला अपन आतमा के दुवारा, सामरथ के संग मजबूत करय, 17ताकि मसीह ह तुम्‍हर हिरदय म बिसवास के दुवारा रहय। अऊ मेंह पराथना करथंव कि तुमन मया म जरी पकड़त अऊ बढ़त जावव, 18ताकि संतमन संग तुम्‍हर करा घलो समझे के ए सक्ति होवय कि मसीह के मया ह कतेक लम्‍बा अऊ चाकर अऊ ऊंचा अऊ गहिरा अय, 19अऊ तुमन जान सकव कि मसीह के मया ह हमर गियान ले बढ़ के होथे, ताकि तुमन परमेसर के जम्मो भरपूरी ले भर जावव।

20अब ओ, जऊन ह अइसने सामरथी अय कि हमन जतकी मांगथन या सोचथन, ओकर ले घलो बहुंत जादा कर सकथे, अऊ एह ओकर ओ सामरथ के मुताबिक होथे, जऊन ह हमन म काम करथे। 21ओकर महिमा, कलीसिया म अऊ मसीह यीसू म पीढ़ी दर पीढ़ी, जुग-जुग होवत रहय। आमीन।