New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

मत्ती 15:1-39

सुध अऊ असुध

(मरकुस 7:1-13)

1तब यरूसलेम सहर ले कुछू फरीसी अऊ मूसा के कानून के गुरूमन यीसू करा आईन, 2अऊ ओकर ले पुछिन, “तोर चेलामन काबर पुरखामन के रीति-रिवाज ला नइं मानंय? खाना खाय के पहिली, ओमन अपन हांथ ला नइं धोवंय।”

3यीसू ह ओमन ला जबाब दीस, “अऊ तुमन अपन रीति-रिवाज के हित म परमेसर के हुकूम ला काबर नइं मानव? 4काबरकि परमेसर ह हुकूम दे हवय, ‘अपन दाई अऊ ददा के आदरमान करव, अऊ जऊन ह अपन दाई या ददा के बुरई करथे, ओह मार डारे जावय।’ 5पर तुमन कहिथव कि यदि कोनो अपन दाई या ददा ले ए कहय, ‘जऊन मदद तुमन ला मोर कोति ले हो सकत रिहिस, ओह परमेसर ला भेंट के रूप म चघाय गे हवय।’ तब ओला अपन ददा या दाई के आदरमान करे के जरूरत नइं अय। 6ए किसम ले तुमन अपन रीति-रिवाज के हित म परमेसर के बचन ला टार देथव। 7हे ढोंगी मनखेमन! यसायाह अगमजानी ह तुम्‍हर बारे म ए कहिके बिलकुल सही अगमबानी करे हवय:

8‘ए मनखेमन सिरिप अपन मुहूं ले मोर आदर करथें,

पर एमन के मन ह मोर ले दूरिहा रहिथे।

9एमन बेकार म मोर अराधना करथें;

काबरकि एमन मनखे के बनाय नियममन ला सिखोथें।’ ”

10यीसू ह मनखेमन के भीड़ ला अपन करा बलाईस अऊ कहिस, “तुमन सुनव अऊ समझव। 11जऊन चीज ह मुहूं म जाथे, ओह मनखे ला असुध नइं करय, पर जऊन ह मुहूं ले बाहिर निकरथे, ओह मनखे ला असुध करथे।”

12तब चेलामन यीसू करा आके पुछिन, “का तेंह जानथस कि तोर ए बात ले फरीसीमन ला ठेस लगे हवय?”

13यीसू ह जबाब दीस, “जऊन पौधा ला, स्‍वरग के मोर ददा ह नइं लगाय हवय, ओला उखान दिये जाही। 14ओमन ला रहन दव। ओमन ह अंधरा अगुवा अंय। यदि एक अंधरा मनखे ह दूसर अंधरा मनखे ला रसता दिखाही, त दूनों झन खंचवा म गिरहीं।”

15एला सुनके पतरस ह ओला कहिस, “ए पटं‍तर ला हमन ला समझा दे।”

16यीसू ह कहिस, “का तुमन अभी तक ले नासमझ हवव? 17का तुमन नइं जानव कि जऊन चीज ह मुहूं म जाथे, ओह पेट म ले होके पयखाना ले बाहिर निकर जाथे? 18पर जऊन चीज ह मुहूं ले निकरथे, ओह हिरदय ले आथे अऊ ओह मनखे ला असुध करथे। 19काबरकि खराप बिचार, हतिया, बेभिचार, छिनारीपन, चोरी, लबारी गवाही अऊ निन्दा – ए जम्मो बात हिरदय ले निकरथे, 20अऊ ए बातमन मनखे ला असुध करथें, पर बिगर हांथ धोवय भोजन करई, मनखे ला असुध नइं करय।”

एक कनानी (आनजात) माईलोगन के बिसवास

(मरकुस 7:24-30)

21ओ जगह ला छोंड़के, यीसू ह सूर अऊ सैदा के सीमना म चले गीस। 22ओ इलाका के एक कनानी माईलोगन ह ओकर करा आईस अऊ चिचियाके कहिस, “हे परभू, दाऊद के संतान, मोर ऊपर दया कर! मोर बेटी ला भूत धरे हवय अऊ ओला भयंकर सतावत हवय।”

23पर यीसू ह ओला कुछू जबाब नइं दीस। तब ओकर चेलामन आईन अऊ ओकर ले बिनती करिन, “ओ माईलोगन ला बिदा कर, काबरकि ओह चिचियावत हमर पाछू-पाछू आवत हवय।”

24यीसू ह कहिस, “मेंह सिरिप इसरायल के गंवाय भेड़मन करा पठोय गे हवंव।”

25तब ओ माईलोगन ह आईस अऊ यीसू के आघू म माड़ी टेकके कहिस, “हे परभू, मोर मदद कर।”

26यीसू ह जबाब दीस, “लइकामन के रोटी ला लेके कुकुरमन ला देवई ठीक नो हय।” 27ओह कहिस, “हव परभू, पर कुकुरमन घलो ओमन के मालिक के मेज ले गिरे चूर-चार ला खाथें।”

28तब यीसू ह ओला कहिस, “हे माईलोगन, तोर बिसवास ह बहुंत बड़े अय। जइसने तेंह चाहथस, वइसनेच तोर बर होवय।” अऊ ओकर बेटी ह ओहीच बखत चंगा हो गीस।

यीसू ह चार हजार मनखेमन ला खाना खवाथे

(मरकुस 8:1-10)

29यीसू ह ओ जगह ला छोंड़ दीस अऊ गलील के झील के तीरे-तीर गीस। तब ओह पहाड़ी ऊपर चघिस अऊ उहां बईठ गीस। 30भीड़ के भीड़ मनखेमन ओकर करा आईन अऊ ओमन खोरवा, अंधरा, लूलवा, कोंदा अऊ बहुंते आने बेमरहामन ला लानके यीसू के गोड़ करा रख दीन, अऊ यीसू ह ओमन ला चंगा करिस। 31मनखेमन अब्‍बड़ अचरज करिन, जब ओमन ए देखिन कि कोंदा ह गोठियावत हवय, लूलवा ह ठीक हो गे हवय, खोरवा ह रेंगत हवय अऊ अंधरा ह देखत हवय। अऊ ओमन इसरायल के परमेसर के महिमा करिन।

32यीसू ह अपन चेलामन ला अपन करा बलाके कहिस, “मोला ए मनखेमन ऊपर तरस आथे। एमन तीन दिन ले मोर संग म हवंय, अऊ एमन करा खाय बर कुछू नइं ए। मेंह एमन ला खाली पेट बिदा करे नइं चाहथंव, नइं तो एमन रसता म गिरके बेहोस हो सकथें।”

33चेलामन ओला कहिन, “अतेक बड़े भीड़ ला खवाय बर, ए सुनसान जगह म हमन कहां ले अतेक रोटी पाबो?”

34यीसू ह ओमन ले पुछिस, “तुम्‍हर करा कतेक रोटी हवय?” ओमन कहिन, “सात, अऊ कुछू छोटे-छोटे मछरी घलो।”

35यीसू ह मनखेमन ला भुइयां म बईठे बर कहिस। 36तब ओह ओ सात ठन रोटी अऊ मछरीमन ला लीस, अऊ परमेसर ला धनबाद देके ओमन ला टोरिस अऊ अपन चेलामन ला देवत गीस अऊ चेलामन ओला मनखेमन ला बांट दीन। 37ओ जम्मो झन खाईन अऊ खाके अघा गीन। ओकर बाद चेलामन बांचे खुचे कुटका के सात ठन टुकना भरके उठाईन। 38जऊन मन उहां खाना खाईन, ओम माईलोगन अऊ लइकामन ला छोंड़के, चार हजार आदमीमन रिहिन। 39तब यीसू ह भीड़ ला बिदा करिस अऊ डोंगा म चघके ओह मगदन छेत्र म चल दीस।

Kiswahili Contemporary Version (Neno: Bibilia Takatifu)

Mathayo 15:1-39

Mapokeo Ya Wazee

(Marko 7:1-13)

115:1 Mk 7:1-23Ndipo baadhi ya Mafarisayo na walimu wa sheria wakamjia Yesu kutoka Yerusalemu na kumuuliza, 215:2 Kum 4:2; Lk 11:38; Kum 4:2; Lk 11:38“Mbona wanafunzi wako wanakiuka mapokeo ya wazee? Kwa maana wao hawanawi mikono yao kabla ya kula!”

3Yesu akawajibu, “Mbona ninyi mnavunja amri ya Mungu kwa ajili ya mapokeo yenu? 415:4 Kut 20:12; Efe 6:2; Kut 21:17; Law 9:20; Kut 20:12; Efe 6:2; Kut 21:17; Law 9:20Kwa maana Mungu alisema, ‘Waheshimu baba yako na mama yako,’ na, ‘Yeyote amtukanaye baba yake au mama yake, na auawe.’ 515:5 Mk 7:11, 12Lakini ninyi mwafundisha kwamba mtu akimwambia baba yake au mama yake, ‘Kile ambacho ningeweza kukusaidia kimewekwa wakfu kwa Mungu,’ 6basi hana tena sababu ya kumheshimu baba yake nacho. Basi kwa ajili ya mafundisho yenu mnavunja amri ya Mungu. 715:7 Isa 29:13Ninyi wanafiki! Isaya alikuwa sawa alipotabiri juu yenu kwamba:

815:8 Isa 29:11; Eze 33:31“ ‘Watu hawa huniheshimu kwa midomo yao,

lakini mioyo yao iko mbali nami.

915:9 Kol 2:20-22; Isa 29:13; Mal 2:2Huniabudu bure;

nayo mafundisho yao

ni maagizo ya wanadamu tu.’ ”

Vitu Vitiavyo Unajisi

(Marko 7:14-23)

1015:10 Mk 7:14Yesu akaita ule umati wa watu, akawaambia, “Sikilizeni na mwelewe: 1115:11 Mdo 10:14-15kinachomfanya mtu kuwa najisi mbele za Mungu si kile kiingiacho kinywani mwake, bali ni kile kitokacho kinywani mwake.”

12Kisha wanafunzi wake wakamjia na kumuuliza, “Je, unajua kwamba Mafarisayo walichukizwa sana waliposikia yale uliyosema?”

1315:13 Isa 60:21; Yn 15:2Akawajibu, “Kila pando ambalo Baba yangu wa mbinguni hakulipanda, litangʼolewa. 1415:14 Mt 23:16, 24; Rum 2:19; Lk 6:9Waacheni; wao ni viongozi vipofu, wanaoongoza vipofu. Kama kipofu akimwongoza kipofu mwenzake, wote wawili watatumbukia shimoni.”

1515:15 Mt 13:36Petro akasema, “Tueleze maana ya huu mfano.”

1615:16 Mt 16:9Yesu akawauliza, “Je, bado ninyi hamfahamu? 1715:17 1Nya 6:13Je, hamwelewi kwamba chochote kiingiacho kinywani huenda tumboni, na hatimaye hutolewa nje kikiwa uchafu? 1815:18 Lk 6:45; Yak 3:6Lakini kitokacho kinywani hutoka moyoni, na hiki ndicho kimtiacho mtu unajisi. 1915:19 Gal 5:19-21Kwa maana ndani ya moyo hutoka mawazo mabaya, uuaji, uzinzi, uasherati, wizi, ushahidi wa uongo na masingizio. 2015:20 Rum 14:14Haya ndiyo yamtiayo mtu unajisi; lakini kula bila kunawa mikono hakumtii mtu unajisi.”

Imani Ya Mwanamke Mkanaani

(Marko 7:24-30)

2115:21 Mt 11:21Yesu aliondoka mahali pale, akaenda sehemu za Tiro na Sidoni. 2215:22 Mt 9:27; 4:24Mwanamke mmoja Mkanaani aliyeishi sehemu jirani na hizo akaja kwake akilia, akasema, “Nihurumie, Ee Bwana, Mwana wa Daudi! Binti yangu amepagawa na pepo mchafu, na anateseka sana.”

23Lakini Yesu hakumjibu neno. Hivyo wanafunzi wake wakamwendea na kumsihi sana, wakisema, “Mwambie aende zake, kwa maana anaendelea kutupigia kelele.”

2415:24 Mt 10:6, 23; Rum 15:8Yesu akajibu, “Nimetumwa tu kwa ajili ya kondoo wa Israeli waliopotea.”

2515:25 Mt 8:2; Yn 12:25; Lk 17:33Lakini yule mwanamke akaja, akapiga magoti mbele ya Yesu, akasema, “Bwana, nisaidie!”

26Yesu akajibu, “Si haki kuchukua chakula cha watoto na kuwatupia mbwa.”

27Yule mwanamke akajibu, “Ndiyo, Bwana, lakini hata mbwa hula makombo yanayoanguka kutoka kwenye meza za bwana zao.”

2815:28 Mt 9:22Ndipo Yesu akamwambia, “Mwanamke, imani yako ni kubwa! Iwe kwako kama unavyotaka.” Naye binti yake akapona tangu saa ile.

Yesu Aponya Watu Wengi

29Yesu akaondoka na kwenda kando ya Bahari ya Galilaya. Kisha akapanda mlimani, akaketi huko. 3015:30 Mt 4:23Umati mkubwa wa watu ukamjia, wakiwaleta vilema, vipofu, viwete, bubu na wengine wengi, wakawaweka miguuni pake; naye akawaponya. 3115:31 Mt 9:8Hao watu wakashangaa walipoona bubu wakisema, vilema wakipona, viwete wakitembea na vipofu wakiona, wakamtukuza Mungu wa Israeli.

Yesu Alisha Watu Elfu Nne

(Marko 8:1-10)

3215:32 Mt 14:19Kisha Yesu akawaita wanafunzi wake, akawaambia, “Ninauhurumia huu umati wa watu, kwa sababu sasa wamekuwa pamoja nami kwa muda wa siku tatu, na hawana chakula chochote. Nami sipendi kuwaaga wakiwa na njaa, wasije wakazimia njiani.”

33Wanafunzi wake wakasema, “Tutapata wapi mikate ya kutosha kuwalisha umati huu wa watu mkubwa namna hii, nasi tuko nyikani?”

34Yesu akawauliza, “Mnayo mikate mingapi?”

Wakamjibu, “Tunayo mikate saba na visamaki vichache.”

35Yesu akawaambia ule umati wa watu waketi chini. 3615:36 Mt 14:19Kisha akachukua ile mikate saba na wale samaki, naye akiisha kumshukuru Mungu, akavimega na kuwapa wanafunzi wake, nao wakawapa ule umati wa watu. 3715:37 Mt 16:10Wote wakala na kushiba. Baadaye wanafunzi wakakusanya vipande vilivyosalia, wakajaza vikapu saba. 38Idadi ya watu walikuwa wanaume 4,000, bila kuhesabu wanawake na watoto. 39Baada ya kuaga ule umati wa watu, Yesu aliingia katika mashua, akaenda sehemu za Magadani.15:39 Magadani ni Magdala, mji wa Galilaya, kama kilomita 16 kusini mwa Kapernaumu.