ﻏﻼﻃﻲ 1 NAV - गलातिया 1 SHB

ﻏﻼﻃﻲ
Elegir capítulo 1

Ketab El Hayat

ﻏﻼﻃﻲ 1

1مِنْ بُولُسَ، وَهُوَ رَسُولٌ، لَا مِنْ قِبَلِ النَّاسِ وَلا بِسُلْطَةِ إِنْسَانٍ، بَلْ بِسُلْطَةِ يَسُوعَ الْمَسِيحِ وَاللهِ الآبِ الَّذِي أَقَامَهُ مِنْ بَيْنِ الأَمْوَاتِ، وَمِنْ جَمِيعِ الإِخْوَةِ الَّذِينَ مَعِي، إِلَى الْكَنَائِسِ فِي مُقَاطَعَةِ غَلاطِيَّةَ. لِتَكُنْ لَكُمُ النِّعْمَةُ وَالسَّلامُ مِنَ اللهِ أَبِينَا وَالرَّبِّ يَسُوعَ الْمَسِيحِ، الَّذِي بَذَلَ نَفْسَهُ مِنْ أَجْلِ خَطَايَانَا لِكَيْ يُنْقِذَنَا مِنَ الْعَالَمِ الْحَاضِرِ الشِّرِّيرِ، وَفْقاً لِمَشِيئَةِ إِلَهِنَا وَأَبِينَا. لَهُ الْمَجْدُ إِلَى أَبَدِ الآبِدِينَ. آمِين!

ليس بإنجيل آخر

عَجَباً! كَيْفَ تَتَحَوَّلُونَ بِمِثْلِ هذِهِ السُّرْعَةِ عَنِ الَّذِي دَعَاكُمْ بِنِعْمَةِ الْمَسِيحِ، وَتَنْصَرِفُونَ إِلَى إِنْجِيلٍ غَرِيبٍ؟ لَا أَعْنِي أَنَّ هُنَالِكَ إِنْجِيلاً آخَرَ، بَلْ إِنَّمَا هُنَالِكَ بَعْضُ الَّذِينَ يُثِيرُونَ الْبَلْبَلَةَ بَيْنَكُمْ، رَاغِبِينَ فِي تَحْوِيرِ إِنْجِيلِ الْمَسِيحِ. وَلَكِنْ، حَتَّى لَوْ بَشَّرْنَاكُمْ نَحْنُ، أَوْ بَشَّرَكُمْ مَلاكٌ مِنَ السَّمَاءِ، بِغَيْرِ الإِنْجِيلِ الَّذِي بَشَّرْنَاكُمْ بِهِ، فَلْيَكُنْ مَلْعُوناً! وَكَمَا سَبَقَ أَنْ قُلْنَا، أُكَرِّرُ الْقَوْلَ الآنَ أَيْضاً: إِنْ كَانَ أَحَدٌ يُبَشِّرُكُمْ بِإِنْجِيلٍ غَيْرِ الَّذِي قَبِلْتُمُوهُ، فَلْيَكُنْ مَلْعُوناً! 10 فَهَلْ أَسْعَى الآنَ إِلَى كَسْبِ تَأْيِيدِ النَّاسِ أَوِ اللهِ؟ أَمْ تُرَانِي أَطْلُبُ أَنْ أُرْضِيَ النَّاسَ؟ لَوْ كُنْتُ حَتَّى الآنَ أُرْضِي النَّاسَ، لَمَا كُنْتُ عَبْداً لِلْمَسِيحِ!

دعوة الله لبولس

11 وَأُعْلِمُكُمْ، أَيُّهَا الإِخْوَةُ، أَنَّ الإِنْجِيلَ الَّذِي بَشَّرْتُكُمْ بِهِ لَيْسَ إِنْجِيلاً بَشَرِيًّا. 12 فَلا أَنَا تَسَلَّمْتُهُ مِنْ إِنْسَانٍ، وَلا تَلَقَّنْتُهُ، بَلْ جَاءَنِي بِإِعْلانٍ مِنْ يَسُوعَ الْمَسِيحِ. 13 فَإِنَّكُمْ قَدْ سَمِعْتُمْ بِسِيرَتِي الْمَاضِيَةِ فِي الدِّيَانَةِ الْيَهُودِيَّةِ، كَيْفَ كُنْتُ أَضْطَهِدُ كَنِيسَةَ اللهِ مُتَطَرِّفاً إِلَى أَقْصَى حَدٍّ، سَاعِياً إِلَى تَخْرِيبِهَا، 14 وَكَيْفَ كُنْتُ مُتَفَوِّقاً فِي الدِّيَانَةِ الْيَهُودِيَّةِ عَلَى كَثِيرِينَ مِنْ أَبْنَاءِ جِيلِي فِي أُمَّتِي لِكَوْنِي غَيُوراً أَكْثَرَ مِنْهُمْ جِدّاً عَلَى تَقَالِيدِ آبَائِي.

15 وَلَكِنْ، لَمَّا سُرَّ اللهُ، الَّذِي كَانَ قَدْ أَفْرَزَنِي وَأَنَا فِي بَطْنِ أُمِّي ثُمَّ دَعَانِي بِنِعْمَتِهِ، 16 أَنْ يُعْلِنَ ابْنَهُ فِيَّ لأُبَشِّرَ بِهِ بَيْنَ الأُمَمِ، فِي الْحَالِ لَمْ أَسْتَشِرْ لَحْماً وَدَماً، 17 وَلا صَعِدْتُ إِلَى أُورُشَلِيمَ لأُقَابِلَ الَّذِينَ كَانُوا رُسُلاً مِنْ قَبْلِي، بَلِ انْطَلَقْتُ إِلَى بِلادِ الْعَرَبِ، وَبَعْدَ ذَلِكَ رَجَعْتُ إِلَى دِمَشْقَ. 18 ثُمَّ صَعِدْتُ إِلَى أُورُشَلِيمَ، بَعْدَ ثَلاثِ سَنَوَاتٍ، لأَتَعَرَّفَ بِبُطْرُسَ. وَقَدْ أَقَمْتُ عِنْدَهُ خَمْسَةَ عَشَرَ يَوْماً. 19 وَلَكِنِّي لَمْ أُقَابِلْ غَيْرَهُ مِنَ الرُّسُلِ إِلّا يَعْقُوبَ، أَخَا الرَّبِّ.

20 إِنَّ مَا أَكْتُبُهُ إِلَيْكُمْ هُنَا، وَهَا أَنَا أَمَامَ اللهِ، لَسْتُ أَكْذِبُ فِيهِ. 21 وَبَعْدَ ذَلِكَ، جِئْتُ إِلَى بِلادِ سُورِيَّةَ وَكِيلِيكِيَّةَ. 22 إِلّا أَنَّنِي كُنْتُ غَيْرَ مَعْرُوفٍ شَخْصِيًّا لَدَى كَنَائِسِ الْيَهُودِيَّةِ الَّتِي هِيَ فِي الْمَسِيحِ. 23 وَإِنَّمَا كَانُوا يَسْمَعُونَ «أَنَّ الَّذِي كَانَ فِي السَّابِقِ يَضْطَهِدُنَا، يُبَشِّرُ الآنَ بِإِنْجِيلِ الإِيمَانِ الَّذِي كَانَ يَسْعَى قَبْلاً إِلَى تَخْرِيبِهِ!» 24 فَكَانُوا يُمَجِّدُونَ اللهَ بِسَبَبِي.

Saral Hindi Bible

गलातिया 1

1यह पत्र पौलॉस की ओर से है, जिसे न तो मनुष्यों की ओर से और न ही किसी मनुष्य की प्रक्रिया द्वारा परन्तु मसीह येशु और पिता परमेश्वर द्वारा, जिन्होंने मसीह येशु को मरे हुओं में से जीवित किया, प्रेरित चुना गया तथा उन विश्वासियों की ओर से, जो इस समय मेरे साथ हैं,

गलातिया प्रदेश की कलीसियाओं के नाम में:

हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु मसीह येशु की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति प्राप्त हो. मसीह येशु, जिन्होंने हमारे पापों के कारण स्वयं को इसलिए बलिदान कर दिया कि हमारे परमेश्वर और पिता की इच्छानुसार वह हमें वर्तमान बुरे संसार से छुड़ायें, उन्हीं की महिमा हमेशा हमेशा होती रहे. आमेन.

एक चेतावनी

मैं यह जान कर चकित हूँ कि तुम परमेश्वर से, जिन्होंने मसीह के अनुग्रह के द्वारा तुम्हें बुलाया, इतनी जल्दी भटक कर एक अन्य ईश्वरीय सुसमाचार की ओर फिर गये हो पर वह दूसरा सुसमाचार जो वास्तव में ईश्वरीय सुसमाचार है ही नहीं! साफ़ तौर पर कुछ लोग हैं, जो मसीह के ईश्वरीय सुसमाचार को बिगाड़ कर तुम्हें घबरा देना चाहते हैं किन्तु यदि हम या कोई स्वर्गदूत तक उस ईश्वरीय सुसमाचार के अलावा, जो हमने तुम्हें सुनाया है, किसी भिन्न ईश्वरीय सुसमाचार का प्रचार करे तो वह शापित है. जैसा हमने पहले भी कहा, मैं अब दोबारा कहता हूँ कि उस ईश्वरीय सुसमाचार के अलावा, जो हमने तुम्हें सुनाया, यदि कोई व्यक्ति तुम्हें अलग ईश्वरीय सुसमाचार सुनाए तो वह शापित है.

10 किसका कृपापात्र बनने की कोशिश कर रहा हूँ मैं—मनुष्यों का या परमेश्वर का? क्या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करने के लिए प्रयास कर रहा हूँ? यदि मैं अब तक मनुष्यों को ही प्रसन्न कर रहा होता तो मसीह का दास न होता.

पौलॉस द्वारा अपनी सेवा का बचाव और परमेश्वर द्वारा बुलाया जाना

11 प्रियजन, मैं तुम पर यह स्पष्ट कर रहा हूँ कि जो ईश्वरीय सुसमाचार मैंने तुम्हें सुनाया, वह किसी मनुष्य के दिमाग की उपज नहीं है. 12 यह मुझे न तो किसी मनुष्य से और न ही किसी शिक्षा से, परन्तु स्वयं मसीह येशु के प्रकाशन के द्वारा प्राप्त हुआ है.

13 यहूदी मत के शिष्य के रूप में मेरी जीवनशैली कैसी थी, इसके विषय में तुम सुन चुके हो. मैं किस रीति से परमेश्वर की कलीसिया पर घोर अत्याचार किया करता था तथा उसे नाश करने के लिए प्रयास करता रहता था. 14 यहूदी मत में अपने पूर्वजों की परम्पराओं के प्रति अत्यन्त उत्साही, मैं अपनी आयु के यहूदियों से अधिक उन्नत होता जा रहा था. 15 किन्तु परमेश्वर को, जिन्होंने माता के गर्भ से ही मुझे चुन लिया तथा अपने अनुग्रह के द्वारा मुझे बुलाया, यह सही लगा 16 कि वह मुझ में अपने पुत्र को प्रकट करें कि मैं अन्यजातियों में उनका प्रचार करूँ. इसके विषय में मैंने तुरन्त न तो किसी व्यक्ति से सलाह ली 17 और न ही मैं येरूशालेम में उनके पास गया, जो मुझसे पहले प्रेरित चुने जा चुके थे, परन्तु मैं अराबिया क्षेत्र में चला गया और वहाँ से दोबारा दमिश्क नगर लौट गया.

18 तीन वर्ष बाद मैं कैफ़स से भेंट करने येरूशालेम गया और उनके साथ पन्द्रह दिन रहा 19 किन्तु प्रभु के भाई याक़ोब के अलावा अन्य किसी प्रेरित से मेरी भेंट नहीं हुई. 20 परमेश्वर के सामने मैं तुम्हें धीरज देता हूँ कि अपने इस विवरण में मैं कुछ भी झूठ नहीं कह रहा. 21 तब मैं सीरिया और किलिकिया प्रदेश के क्षेत्रों में गया. 22 यहूदिया प्रदेश की कलीसियाओं से, जो अब मसीह में हैं, मैं अब तक व्यक्तिगत रूप से अपरिचित था. 23 मेरे विषय में उन्होंने केवल यही सुना था: “एक समय जो हमारा सताने वाला था, अब वही उस विश्वास का प्रचार कर रहा है, जिसे नष्ट करने के लिए वह दृढ़-संकल्प था.” 24 उनके लिए मैं परमेश्वर की महिमा का विषय हो गया.