Ketab El Hayat

يوحنا الأولى 1:1-10

كلمة الحياة

1نَكْتُبُ إِلَيْكُمْ عَمَّا كَانَ مِنَ الْبَدَايَةِ بِخُصُوصِ كَلِمَةِ الْحَيَاةِ: عَمَّا سَمِعْنَاهُ، وَرَأَيْنَاهُ بِعُيُونِنَا، وَشَاهَدْنَاهُ، وَلَمَسْنَاهُ بِأَيْدِينَا. 2فَإِنَّ «الْحَيَاةَ» تَجَلَّتْ أَمَامَنَا. وَبَعْدَمَا رَأَيْنَاهَا فِعْلاً، نَشْهَدُ لَهَا الآنَ. وَهَا نَحْنُ نَنْقُلُ إِلَيْكُمْ خَبَرَ هذِهِ الْحَيَاةِ الأَبَدِيَّةِ الَّتِي كَانَتْ عِنْدَ الآبِ ثُمَّ تَجَلَّتْ أَمَامَنَا! 3فَنَحْنُ، إِذَنْ، نُخْبِرُكُمْ بِمَا رَأَيْنَاهُ وَسَمِعْنَاهُ، لِكَيْ تَكُونُوا شُرَكَاءَنَا. كَمَا أَنَّ شَرِكَتَنَا هِيَ مَعَ الآبِ وَمَعَ ابْنِهِ يَسُوعَ الْمَسِيحِ. 4وَنَكْتُبُ إِلَيْكُمْ هذِهِ الأُمُورَ لِكَيْ يَكْتَمِلَ فَرَحُكُمْ!

السير في النور

5وَهَذَا هُوَ الْخَبَرُ الَّذِي سَمِعْنَاهُ مِنَ الْمَسِيحِ وَنُعْلِنُهُ لَكُمْ: إِنَّ اللهَ نُورٌ، وَلَيْسَ فِيهِ ظَلامٌ الْبَتَّةَ. 6فَإِنْ كُنَّا نَدَّعِي أَنَّ لَنَا شَرِكَةً مَعَهُ، وَنَحْنُ نَعِيشُ فِي الظَّلامِ، نَكُونُ كَاذِبِينَ وَلا نُمَارِسُ الْحَقَّ. 7وَلكِنْ، إِنْ كُنَّا فِعْلاً نَعِيشُ فِي النُّورِ، كَمَا هُوَ فِي النُّورِ، تَكُونُ لَنَا حَقّاً شَرِكَةٌ بَعْضِنَا مَعَ بَعْضٍ، وَدَمُ ابْنِهِ يَسُوعَ يُطَهِّرُنَا مِنْ كُلِّ خَطِيئَةٍ. 8إِنْ كُنَّا نَدَّعِي أَنْ لَا خَطِيئَةَ لَنَا، نَخْدَعُ أَنْفُسَنَا، وَلا يَكُونُ الْحَقُّ فِي دَاخِلِنَا. 9وَلكِنْ، إِنِ اعْتَرَفْنَا بِخَطَايَانَا، فَهُوَ جَدِيرٌ بِالثِّقَةِ وَعَادِلٌ، يَغْفِرُ لَنَا خَطَايَانَا وَيُطَهِّرُنَا مِنْ كُلِّ إِثْمٍ. 10فَإِنْ كُنَّا نَدَّعِي أَنَّنَا لَمْ نَرْتَكِبْ خَطِيئَةً، نَجْعَلُ اللهَ كَاذِباً، وَلا تَكُونُ كَلِمَتُهُ فِي دَاخِلِنَا!

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

1 यूहन्ना 1:1-10

जिनगी देवइया बचन

1जिनगी के ओ बचन, जऊन ह संसार के रचे के पहिली ले रिहिस; ओला हमन सुने हवन; ओला हमन अपन आंखी ले देखे हवन, ओला धियान लगाके देखे हवन अऊ हमर हांथ ले छुए हवन – ओहीच जिनगी के बचन के बारे म, हमन तुमन ला बतावत हन। 2ए जिनगी ह परगट होईस, अऊ हमन ओला देखे हवन अऊ ओकर गवाही देथन, अऊ हमन तुमन ला, ओ सदाकाल के जिनगी के बारे म बतावत हन, जऊन ह ददा के संग रिहिस अऊ हमर करा परगट होईस। 3जऊन ला हमन देखे हवन अऊ सुने हवन, ओकरे बारे म हमन तुमन ला बतावत हन, ताकि तुमन ला घलो हमर संग संगति मिलय। अऊ हमर संगति ह ददा के संग अऊ ओकर बेटा यीसू मसीह के संग हवय। 4ए बातमन ला हमन एकरसेति लिखत हवन, ताकि हमर आनंद ह पूरा हो जावय।

अंजोर म रेंगई

5ओ संदेस जऊन ला हमन ओकर बेटा यीसू ले सुने हवन अऊ तुमन ला सुनावत हवन; ओह ए अय – परमेसर ह अंजोर अय; अऊ ओम कुछू घलो अंधियार नइं ए। 6कहूं हमन ए कहन कि हमर संगति ओकर संग हवय अऊ हमन अंधियार म चलथन, तब हमन लबारी मारथन, अऊ सच के मुताबिक नइं चलन। 7पर कहूं हमन अंजोर म चलथन, जइसने परमेसर ह अंजोर म हवय, त हमर संगति एक-दूसर के संग हवय, अऊ ओकर बेटा यीसू के लहू ह हमन ला जम्मो पाप ले सुध करथे।

8कहूं हमन कहिथन कि हमन म कुछू पाप नइं ए, त हमन अपन-आप ला धोखा देथन अऊ हमन म सत नइं ए। 9कहूं हमन अपन पापमन ला मान लेथन, त परमेसर ह हमर पाप ला छेमा करही अऊ हमन ला जम्मो अधरम ले सुध करही, काबरकि ओह बिसवास लइक अऊ धरमी अय। 10कहूं हमन ए कहिथन कि हमन पाप नइं करे हवन, त हमन ओला लबरा ठहिराथन, अऊ ओकर बचन ह हमन म नइं ए।