Japanese Living Bible

へブル人への手紙 1

御子と天使

1神は昔、幻や夢や、時には直接の啓示などいろいろな方法で、預言者を通してご自分の計画を少しずつ明らかになさいました。 しかし今の時代には、ご自分の御子(イエス・キリスト)を通して語っておられます。神は、彼によって世界とその中のすべてのものをお造りになり、その御子にすべてを受け継がせたのです。 御子は神の栄光を受けて、まばゆいばかりに輝いています。また、その人格と行動すべてにおいて神であることを示し、力あることばによって万物を治めておられます。そればかりか、私たちのすべての罪の記録を消し去ってきよめるために死んでくださいました。そして今は、最高の栄誉を受けて、天におられる偉大な神のそばにいらっしゃるのです。 こうして、父なる神がお与えになった「神の御子」という名が、天使たちの名よりさらにすぐれていたように、この方は天使よりもはるかにまさった存在となりました。

神はどの天使に対しても、「あなたはわたしの子。今日、わたしがあなたを生んだ」詩篇2・7などと言われたことはありません。しかし、イエスに対しては、そう言われたのです。さらに、「わたしは彼の父となり、彼はわたしの子となる」Ⅱサムエル7・14と宣言されました。 それから、長子であるイエスを地上に送る時、「天使はみな、彼を拝め」と言われました。 天使たちについて神は、「風のように速い使者、燃える炎のような力を持つしもべ」詩篇114・4と紹介しましたが、 御子についてはこう言われました。

「神(神の子)よ。あなたの国は永遠に続く。
その支配は、いつも公平で正しい。
あなたは正義を愛し、悪を憎む。
それであなたの神(父なる神)は、
ほかのだれよりも多く、
あなたに喜びを注がれた。」詩篇45・6-7
10 また、御子を「主」と呼んで、こう言われました。
「主よ。あなたは世の初めに地を造った。
天も、あなたの手による作品である。
11 これらは、やがて無に返る。
しかしあなたは、いつまでも変わらない。
すべてのものは、古着のようにすり切れる。
12 いつかあなたは、それらを捨て、
別のものと取り替える。
しかしあなたは、決して変わらず、
あなたの年には終わりがない。」詩篇102・25―27
13 神が天使に、次のようなことばをおかけになったことがありますか。
「わたしがあなたの敵を
完全に征服するまで、
わたしの右に座っていなさい。」詩篇110・1

14 天使は、救われる人々を助けるために遣わされた、霊の使者なのです。

Saral Hindi Bible

इब्री 1

पुत्र में परमेश्वर का सारा सम्वाद

1पूर्व में परमेश्वर ने भविष्यद्वक्ताओं के माध्यम से हमारे पूर्वजों से अनेक समय खण्डों में विभिन्न प्रकार से बातें कीं किन्तु अब इस अन्तिम समय में उन्होंने हमसे अपने पुत्र के द्वारा बातें की हैं, जिन्हें परमेश्वर ने सारी सृष्टि का वारिस चुना और जिनके द्वारा उन्होंने युगों की सृष्टि की. पुत्र ही परमेश्वर की महिमा का प्रकाश तथा उनके तत्व का प्रतिबिंब है. वह अपने सामर्थ्य के वचन से सारी सृष्टि को स्थिर बनाये रखता है. जब वह हमें हमारे पापों से धो चुके, वह महिमामय ऊँचे पर विराजमान परमेश्वर की दायीं ओर में बैठ गए. वह स्वर्गदूतों से उतने ही उत्तम हो गए जितनी स्वर्गदूतों से उत्तम उन्हें प्रदान की गई महिमा थी.

पुत्र स्वर्गदूतों से उत्तम हैं

भला किस स्वर्गदूत से परमेश्वर ने कभी यह कहा:

“तुम मेरे पुत्र हो,
    आज मैं तुम्हारा पिता हो गया हूँ?”

तथा यह:

“उसके लिए मैं पिता हो जाऊँगा और वह मेरा पुत्र?”

और तब, वह अपने पहिलौठे पुत्र को संसार के सामने प्रस्तुत करते हुए कहते हैं:

“परमेश्वर के सभी स्वर्गदूत उनके पुत्र की वन्दना करें”.

स्वर्गदूतों के विषय में उनका कहना है:

“वह अपने स्वर्गदूतों को हवा में और अपने सेवकों को
    आग की लपटों में बदल देते हैं”.

किन्तु पुत्र के विषय में उनका कथन है:

“परमेश्वर! तुम्हारा सिंहासन युगानुयुग का है,
    तथा तुम अपने राज्य का शासन न्याय के साथ करोगे.
तुमने धार्मिकता का पक्ष लिया और अधर्म से घृणा की है.
    तुम्हारे साथियों में से तुम्हें चुनकर मैंने आनन्द के तेल से तुम्हारा अभिषेक किया है”.

10 और,

“प्रभु! तुमने प्रारम्भ में ही पृथ्वी की नींव रखी तथा आकाशमण्डल
    तुम्हारे ही हाथों की कारीगरी है.
11 वे तो मिट जाएँगे किन्तु तुम्हारा अस्तित्व सनातन है.
    वे सभी वस्त्रों जैसे पुराने हो जाएँगे.
12 तुम उन्हें चादर के समान लपेट दोगे;
    उन्हें वस्त्र के समान बदल दिया जाएगा—किन्तु तुम वैसे ही रहोगे.
तुम्हारे जीवनकाल का अन्त कभी न होगा”.

13 भला किस स्वर्गदूत से परमेश्वर ने यह कहा:

मेरी दायीं ओर में बैठ जाओ,
    जब तक मैं तुम्हारे शत्रुओं को तुम्हारे चरणों की चौकी न बना दूँ?

14 क्या सभी स्वर्गदूत सेवा के लिए चुनी आत्माएँ नहीं हैं कि वे उनकी सेवा करें, जो उद्धार पाने वाले हैं?