Jeremia 39 – HTB & HCV

Het Boek

Jeremia 39:1-18

Jeruzalem door Nebukadnezar veroverd

1In de tiende maand van het negende regeringsjaar van koning Zedekia van Juda kwam koning Nebukadnezar met zijn hele leger terug naar Jeruzalem om de stad te belegeren. 2Anderhalf jaar later, in de vierde maand, sloegen zij een bres in de stadsmuur en veroverden de stad. 3De Babylonische legeraanvoerders trokken in triomf de stad binnen en namen plaats bij de Middenpoort. Daar zaten ze: hofmaarschalk Nebusazban en opperbevelhebber Nergal-sarézer en alle overige leiders.

4Toen koning Zedekia en zijn strijders hen zagen en begrepen dat de stad verloren was, vluchtten zij ʼs nachts door de poort tussen de twee muren aan de achterkant van de paleistuin over de velden in de richting van het Jordaandal. 5Maar de Babyloniërs gingen de vluchtelingen achterna en haalden ze in op de vlakten van Jericho, waar zij de koning gevangennamen en naar koning Nebukadnezar brachten. Deze was in Ribla, in het land van Hamath. Daar sprak hij zijn vonnis over de koning uit. 6De koning van Babel dwong Zedekia toe te kijken terwijl zijn kinderen en de vooraanstaande burgers van Juda werden gedood. 7Daarna stak hij Zedekia de ogen uit, boeide hem met ijzeren ketens en zond hem naar Babel. 8Intussen stak het leger het paleis en de huizen in brand en haalde de muren van Jeruzalem omver. 9Daarna deporteerden Nebuzaradan, het hoofd van de lijfwacht, en zijn mannen de rest van de bevolking en de overlopers naar Babel. 10Maar Nebuzaradan liet enkele van de armsten in het land achter en gaf hun akkers en wijngaarden.

11-12 Nebukadnezar had Nebuzaradan ook bevolen Jeremia op te zoeken. ‘Zorg ervoor dat hem niets overkomt,’ zei hij. ‘Zorg goed voor hem en geef hem alles wat hij wil.’ 13Zo voerden Nebuzaradan, het hoofd van de lijfwacht, hofmaarschalk Nebusazban, opperbevelhebber Nergal-sarézer en alle ondergeschikten het bevel van de koning uit. 14Zij stuurden soldaten naar de gevangenis om Jeremia eruit te halen en stelden hem onder de hoede van Gedalja, de zoon van Ahikam en kleinzoon van Safan, die hem moest terugbrengen naar zijn huis. Zo bleef Jeremia bij de mensen die in het land waren achtergebleven.

15Voordat de Babyloniërs kwamen, toen Jeremia nog in de gevangenis zat, had de Here hem de volgende boodschap gegeven: 16‘Geef deze boodschap door aan de Ethiopiër Ebed-Melech: de Here van de hemelse legers, de God van Israël, zegt: Ik zal al mijn dreigementen tegen deze stad uitvoeren. Met eigen ogen zult u daarvan getuige zijn. 17Maar u zal Ik redden. U zult niet worden gedood door de mensen voor wie u zo bang bent. 18Als beloning voor uw vertrouwen in Mij zult u niet gedood worden. Ik zal uw leven redden en u in veiligheid brengen.’

Hindi Contemporary Version

येरेमियाह 39:1-18

1येरूशलेम का पतन इस प्रकार हुआ: यहूदिया के राजा सीदकियाहू के राज्य-काल के नवें वर्ष के दसवें माह में बाबेल के राजा नबूकदनेज्ज़र ने अपनी सारी सेना के साथ आकर येरूशलेम की घेराबंदी की. 2सीदकियाहू के राज्य-काल के ग्यारहवें वर्ष के चौथे माह में नवीं तिथि को, नगर शहरपनाह तोड़ करके वे नगर में घुस गए. 3यह होते ही बाबेल के राजा के सभी अधिकारी भीतर आ गए और मध्य प्रवेश द्वार पर बैठ गए: ये अधिकारी थे सामगर का नेरगल-शारेज़र तथा नेबो-सारसेकिम, जो अधिकारियों में प्रमुख था, राजा का परामर्शक नेरगल-शारेज़र तथा अन्य सभी अधिकारी. 4जब सीदकियाहू तथा उसके सैनिकों ने यह देखा; वे रात्रि में राजा के उद्यान में से होते हुए दोनों शहरपनाह के मध्य के द्वार से नगर से होते हुए पलायन कर गए, उन्होंने अराबाह घाटी की ओर भागना चाहा.

5किंतु कसदी सेना ने उनका पीछा किया और उन्होंने येरीख़ो के मैदान में यहूदिया के राजा सीदकियाहू को जा पकड़ा. उसे बंदी बना लिया और उसे बाबेल के राजा नबूकदनेज्ज़र की उपस्थिति में हामाथ देश के रिबलाह में ले गए, वहां सीदकियाहू पर दंड की आज्ञा प्रसारित कर दी गई. 6तत्पश्चात बाबेल के राजा ने सीदकियाहू के देखते-देखते रिबलाह में उसके पुत्रों का वध कर डाला, बाबेल के राजा ने यहूदिया के सारे अधिकारियों का भी वध कर दिया. 7फिर नबूकदनेज्ज़र ने सीदकियाहू की आंखें निकाल लीं और उसे कांसे की सांकलों में बांधकर बाबेल ले गए.

8कसदियों ने महलों को तथा प्रजा के आवासों को भस्म कर दिया तथा येरूशलेम की शहरपनाह तोड़ दीं. 9इस समय वे लोग जो नगर में शेष रह गए थे, वे लोग, जो नगर छोड़कर कसदियों की शरण में जा पहुंचे थे तथा अन्य लोगों को अंगरक्षकों का प्रधान नेबुज़रादान बंधुआई में बाबेल ले गया. 10किंतु कुछ अत्यंत निर्धन लोगों को जिनके पास कुछ भी न था, अंगरक्षकों का प्रधान नेबुज़रादान यहूदिया में ही पीछे छोड़ गया; इन्हें उसने द्राक्षाउद्यान एवं खेत सौंप दिए.

11इसी समय बाबेल के राजा नबूकदनेज्ज़र ने येरेमियाह के विषय में अंगरक्षकों के प्रधान नेबुज़रादान के द्वारा यह आदेश प्रसारित कर दिया था: 12“उसे ले जाकर उसकी देखभाल करो; ध्यान रहे उसकी कोई हानि न होने पाए, उसके साथ वही किया जाए, जिसका वह तुमसे आग्रह करता है.” 13इसलिये अंगरक्षकों के प्रधान नेबुज़रादान ने रब-सारिस नबूषाज़बान तथा रब-माग नेरगल-शारेज़र के द्वारा तथा बाबेल के राजा के सारे प्रमुख अधिकारियों के द्वारा यह संदेश प्रसारित कर दिया 14उन्होंने कुछ व्यक्तियों को भेजा और उन्होंने येरेमियाह को पहरे के आंगन से निकालकर शापान के पौत्र अहीकाम के पुत्र, गेदालियाह को सौंप दिया, कि वह येरेमियाह को अपने आवास ले जाए. इस प्रकार येरेमियाह लोगों के मध्य रहने लगे.

15ऐसा हुआ कि जब येरेमियाह पहरे के आंगन में बंदी बनाकर रखे गए थे, उनके पास याहवेह का यह संदेश आ चुका था: 16“जाकर कूश देशवासी एबेद-मेलेख को यह सूचित करो, ‘इस्राएल के परमेश्वर, सेनाओं के याहवेह की यह वाणी है: यह देखना, कि इस नगर के लिए की गई अपनी पूर्ववाणी को मैं कृतार्थ करने पर हूं—उस वाणी को, जो इसके विध्वंस की वाणी थी, समृद्धि की नहीं. विध्वंस के उस दिन को देखने के लिए तुम जीवित रहोगे. 17किंतु उस दिन मैं तुम्हें इस विध्वंस से बचा लूंगा, यह याहवेह की वाणी है; तुम उन लोगों द्वारा बंदी नहीं बनाए जाओगे, जो तुम्हारे लिए भयास्पद हैं. 18क्योंकि मैं तुम्हें निःसंदेह उनसे बचा लूंगा, तुम तलवार से घात नहीं किए जाओगे. तुम्हारा अपना जीवन ही लूट सामग्री सदृश तुम्हारा छुटकारा होगा, क्योंकि तुमने मुझ पर भरोसा किया है, यह याहवेह की वाणी है.’ ”