Habrit Hakhadasha/Haderekh

האיגרת אל-העברים 4:1-16

1הבטחת אלוהים, שמאפשרת לכל אדם להיכנס אל מקום מנוחתו, עדיין בתוקף, אך עלינו להיזהר פן נחמיץ את ההזדמנות להיכנס אל מנוחתו זאת. 2כי בשורת אלוהים שמודיעה לנו על ישועתו נמסרה גם לבני־ישראל, בימי משה, אך היא לא הועילה לבני־ישראל משום שלא האמינו בה. 3הכתוב אומר שרק המאמינים והבוטחים באלוהים – ואנחנו ביניהם – יכולים לבוא אל מקום מנוחתו. אלוהים נשבע כי אלה שאינם מאמינים בו לא יבואו לעולם אל מקום מנוחתו. אל תחשבו, חלילה, שמקום מנוחתו לא היה מוכן בזמנו! מקום מנוחתו היה מוכן מאז בריאת העולם, 4כפי שכתוב בבראשית: ”וישבות ביום השביעי מכל מלאכתו“. 5אף־על־פי־כן לא באו בני־ישראל אל מנוחתו, כי אלוהים אמר: ”הם לא יבואו אל מנוחתי“. 6אך הבטחת אלוהים עדיין בתוקף, ויש הבאים אל מנוחתו – אך לא אלה שהחמיצו את ההזדמנות הראשונה, שכן הימרו את פי ה׳.

7משום כך קבע אלוהים מועד נוסף שמאפשר לבוא אל מנוחתו: היום! שנים רבות לאחר הזמנתו הראשונה הודיע לנו אלוהים על מועד נוסף זה באמצעות דוד המלך, אשר אמר: ”היום אם בקולו תשמעו, אל תקשו לבבכם!“

8אילו מקום מנוחתו של אלוהים היה ארץ־ישראל, הוא לא היה קובע מועד נוסף שמאפשר לבוא אל מנוחתו, שהרי יהושע כבר הביא את בני־ישראל אל ארץ־ישראל. 9לפיכך, לעם־אלוהים עדיין צפויה מנוחה שלמה. 10כי מי שנכנס אל מנוחת אלוהים שובת מכל מעשה ומכל מלאכה, כשם שאלוהים שבת מכל מלאכתו לאחר שסיים את בריאת העולם.

11הבה נשתדל כמיטב יכולתנו להיכנס אל מקום מנוחתו של אלוהים, כדי שאיש מאיתנו לא ייכשל ולא ימרה את פי אלוהים, כפי שעשו בני־ישראל. 12כי דבר־אלוהים מלא כוח וחיים, חד מחרב פיפיות, חודר למעמקי מחשבותינו ותשוקותינו, ומגלה את מזימותינו ומניעינו. 13כן, אלוהים יודע הכול על כולם בכל מקום. כל מעשינו ומזימותינו גלויים וחשופים לעיני אלוהים, ועלינו למסור לו דין וחשבון על התנהגותנו.

14אך היות שיש לנו כהן גדול, ישוע בן־האלוהים, אשר עלה לשמים כדי לעזור לנו, לעולם אל נחדל לבטוח בו! 15הכהן הגדול שלנו מבין את חולשותינו, שכן הוא עצמו התנסה כמונו באותם פיתויים, אך הוא לא חטא מעולם. 16משום כך, הבה נתקרב בביטחון לכסא אלוהים, כדי שיעניק לנו את חסדו ורחמיו אשר יעזרו לנו בעת הצורך.

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

इबरानीमन 4:1-16

परमेसर के मनखेमन बर बिसराम

1एकरसेति, जब परमेसर के बिसराम म जाय के वायदा ह अभी तक कायम हवय, त हमन ला सचेत रहना चाही ताकि तुमन ले कोनो घलो ओ बिसराम म जाय बर नकाबिल झन होवव। 2काबरकि हमन ला घलो सुघर संदेस सुनाय गीस, जइसने ओमन ला सुनाय गे रिहिस, पर जऊन संदेस ओमन सुनिन, ओकर ले ओमन ला कोनो फायदा नइं होईस, काबरकि जऊन मन एला सुनिन, ओमन बिसवास के संग एला गरहन नइं करिन। 3हमन जऊन मन कि बिसवास करे हवन, ओ बिसराम म जाथन, जइसने कि परमेसर ह कहे हवय,

“एकरसेति मेंह नराज होके कसम खाएंव,

ओमन मोर बिसराम म कभू नइं जा सकहीं।”4:3 भजन-संहिता 95:11

हालाकि ओकर काम ह ओ समय पूरा हो गे रिहिस, जब ओह संसार ला बनाईस। 4काबरकि कोनो मेर, ओह सातवां दिन के बारे म अइसने कहे हवय, “अऊ सातवां दिन, परमेसर ह अपन जम्मो काम ले बिसराम करिस।”4:4 उतपत्ती 2:2 5अऊ फेर, ओही बिसय म, ओह ए कहिथे, “ओमन मोर बिसराम म कभू नइं जा सकहीं।”

6एह अभी तक लागू हवय कि कुछू मनखे, ओ बिसराम म जा सकहीं अऊ जऊन मन ला पहिली सुघर संदेस सुनाय गे रिहिस, ओमन एम नइं जा सकिन, काबरकि ओमन परमेसर के हुकूम ला नइं मानिन। 7एकरसेति, परमेसर ह एक आने दिन ला तय करथे, जऊन ला “आज” कहे जाथे। बहुंत समय के बाद, ओह दाऊद राजा के जरिये एकर बारे म कहिस, जइसने कि परमेसर के बचन म लिखाय हवय:

“यदि आज तुमन ओकर अवाज ला सुनथव,

त अपन हिरदय ला कठोर झन करव।”4:7 भजन-संहिता 95:7-8

8काबरकि, यदि यहोसू ह ओमन ला बिसराम दे रिहिस, त परमेसर ह बाद म, आने दिन के बारे म नइं गोठियाय रहितिस। 9एकरसेति, परमेसर के मनखेमन बर, एक बिसराम बचे हवय। 10काबरकि जऊन ह परमेसर के बिसराम म जाथे, ओह अपन काम ले घलो बिसराम करथे, जइसने परमेसर ह अपन काम ले बिसराम करिस। 11एकरसेति, आवव, हमन ओ बिसराम म जाय के पूरा कोसिस करन, ताकि अइसने झन होवय कि कोनो मनखे ओमन सहीं हुकूम नइं मानके गिर पड़ंय।

12परमेसर के बचन ह जीयत अऊ काम करत हवय। एह दू धार वाले तलवार ले घलो चोक हवय। एह जीव अऊ आतमा, जोड़ अऊ गुदा मन ला अलग-अलग करके आर-पार छेदथे। एह मनखे के मन के बिचार अऊ ईछा ला जांचथे। 13संसार के कोनो घलो चीज परमेसर के नजर ले छिपे नइं ए। ओकर आंखी के आघू म जम्मो चीजमन खुला अऊ बिगर परदा के हवंय अऊ हमर बर ए जरूरी अय कि हमन ओला अपन लेखा देवन।

यीसू – बड़े महा पुरोहित

14एकरसेति, जब हमर एक बड़े महा पुरोहित हवय, जऊन ह स्वरगमन ले होके गे हवय। अऊ ओह परमेसर के बेटा यीसू ए; त आवव, हमन ओ बिसवास म मजबूत बने रहन, जऊन ला हमन मानथन। 15काबरकि हमर महा पुरोहित अइसने नो हय, जऊन ह हमर कमजोरी म, हमर संग सहानुभूति नइं रखय, पर हमर महा पुरोहित हमर सहीं हर किसम ले परखे गीस, पर ओह पाप नइं करिस। 16एकरसेति आवव, हमन बिसवास के संग अनुग्रह के सिंघासन करा चलन, ताकि हमर ऊपर दया होवय अऊ जरूरत के बखत, हमन ला मदद करे बर अनुग्रह मिलय।