Habrit Hakhadasha/Haderekh

אגרת פולוס השנייה אל-טימותיוס 4:1-22

1אני מצווה עליך לפני אלוהים ולפני אדוננו ישוע המשיח, אשר ישפוט את החיים ואת המתים בבואו ובמלכותו: 2הטף את דבר האלוהים בכל עת – בכל הזדמנות שבאה לידך, בין אם זה נוח או לא. הוכח, הזהר ותקן את אנשיך כשיש צורך בכך; עודד אותם לעשות את הטוב ולמד אותם בסבלנות את דבר ה׳. 3כי יבוא הזמן שהאנשים לא יקשיבו לאמת, ויחפשו מורים שילמדו אותם מה שהם רוצים לשמוע. 4הם לא יקשיבו לדבר אלוהים, ויפנו בשמחה לאגדות ולשקרים.

5אבל אתה שמור על קור רוחך, ואל תפחד לסבול למען האדון. הדרך אנשים אחרים לאמונה במשיח, ובצע את כל המוטל עליך על הצד הטוב ביותר.

6אני אומר לך דברים אלה משום שלא נותר לי זמן רב להיות איתך. שעתי קרבה – תוך זמן קצר אעבור מן העולם הזה ואהיה בשמים. 7נלחמתי את המלחמה הטובה למען האדון, רצתי במרוץ הגדול ותמיד נשארתי נאמן לו. הגיעה העת שאנוח. 8עתה שמור לי בשמים כתר צדקה אשר האדון, שופט־הצדק, ייתן לי ביום שובו, ולא רק לי, כי אם לכל אלה שמצפים לשובו בכיליון עיניים.

9אנא, בוא אלי במהירות האפשרית, 10כי דימס עזב אותי בגלל אהבתו לדברי העולם הזה, והלך לתסלוניקי. קריסקיס הלך לגלטיא, וטיטוס הלך לדלמטיה. 11רק לוקס נמצא איתי. הבא איתך את מרקוס, כי אני זקוק לעזרתו.

12(גם טוכיקוס איננו כאן, כי שלחתיו לאפסוס). 13אנא, הבא איתך את מעילי אשר השארתי אצל אחינו קרפוס בטרואס, ואת הספרים, והחשוב ביותר – את כתבי הקלף.

14אלכסנדרוס חרש הנחושת עולל לי רעות רבות. ישלם לו אלוהים כגמולו.

15היזהר ממנו, כי הוא מתנגד בחריפות לכל מה שאנחנו מאמינים.

16כשהביאו אותי למשפט בפעם הראשונה, איש לא היה כאן כדי לעזור לי; כולם ברחו להם. (אני מקווה שאלוהים לא ישפוט אותם על כך). 17אך האדון חיזק אותי ועזר לי, כדי שאוכל להטיף את הבשורה באומץ לכל העולם, ובכך הצילני מלוע הארי. 18אכן, האדון יצילני תמיד מכל רע ויביאני אל מלכותו בשמים. לאלוהים הכבוד לעולם ועד. – אמן.

19אנא, מסור דרישת־שלום בשמי לפריסקה, לעקילס ולאלה שגרים בביתו של אוניסיפורוס. 20ארסטוס נשאר בקורינתוס, ואת טרופימוס השארתי חולה במיליטוס.

21השתדל לבוא לכאן לפני בוא החורף. אובולוס, פודיס, לינוס, קלודיה וכל האחים דורשים בשלומך.

22אדוננו ישוע המשיח יברך אותך ויהיה עם רוחך. – אמן.

Hindi Contemporary Version

2 तिमोथियॉस 4:1-22

1मैं परमेश्वर तथा मसीह येशु की उपस्थिति में, जो जीवितों तथा मरे हुओं का न्याय करेंगे तथा उनके दोबारा आगमन तथा उनके राज्य के विषय को ध्यान में रखते हुए तुम्हें चेतावनी देता हूं: 2वचन का प्रचार करो. समय अनुकूल हो या प्रतिकूल, हमेशा तैयार रहो, अत्यंत धीरज के साथ तथा शिक्षा के लक्ष्य से गलत धारणाओं का विरोध करो, कर्तव्य का अहसास कराओ तथा प्रोत्साहित करो, 3क्योंकि एक ऐसा समय आएगा जब वे खरी शिक्षाओं को सह न सकेंगे. वे अपनी लालसा पूरी करने के लिए ऐसे उपदेशकों को इकट्ठा करेंगे, जो उन्हें सिर्फ कानों को अच्छा लगने वाले उपदेश देंगे. 4एक ओर तो वे सच्चाई से कान फेर लेंगे तथा दूसरी ओर कहानियों पर ध्यान लगाएंगे 5परंतु तुम इन सब विषयों में सावधान रहना; कठिनाइयां सह लेना; ईश्वरीय सुसमाचार के प्रचारक का काम करना; अपनी सेवकाई को पूरा करना.

6मैं अर्घ (पेय-यज्ञ) के समान उंडेला जा चुका हूं, मेरे जाने का समय आ चुका है. 7मेरा संघर्ष सार्थक रहा है. मैंने अपनी दौड़ पूरी कर ली है. मैंने दृढ़तापूर्वक विश्वास को थामे रखा है. 8भविष्य में मेरे लिए धार्मिकता का मुकुट सुरक्षित है, जो न्याय करनेवाले प्रभु मुझे उस दिन देंगे—मुझे ही नहीं परंतु उन सबको भी, जो उनके दोबारा आगमन की बड़ी आशा से प्रतीक्षा कर रहे हैं.

पौलॉस की स्थिति

9तुम जल्द से जल्द मेरे पास आने का पूरा प्रयास करो 10क्योंकि देमास ने आधुनिक युग के आकर्षण में मुझे त्यागकर थेस्सलोनिकेयुस नगर जाना सही समझा है. क्रेसकेस गलातिया नगर और तीतॉस दालमतिया नगर गए हुए हैं. 11केवल लूकॉस मेरे साथ हैं. आते हुए मार्कास को अपने साथ ले आना क्योंकि वह सेवकाई में मेरे लिए उपयोगी है. 12मैंने तुख़िकस को इफ़ेसॉस नगर भेज दिया है. 13वह अंगरखा, जो मैं त्रोऑस नगर में कार्पूस के पास छोड़ आया था, साथ लेते आना, साथ ही वे ग्रंथ भी, विशेषत: चर्मपत्र.

14अलेक्सान्दरॉस ठठेरे ने मेरी बड़ी हानि की है. प्रभु उसे उसके कामों के अनुसार प्रतिफल प्रदान करें. 15तुम स्वयं भी उससे सावधान रहो क्योंकि उसने हमारी शिक्षा का कड़ा विरोध किया था.

16मेरी पहली सुनवाई के समय कोई मेरे साथ नहीं था—सबने मुझे त्याग दिया; इसके लिए उन्हें दोषी न माना जाए. 17प्रभु मेरे साथ थे तथा उन्होंने मुझे सामर्थ्य दी कि मेरे द्वारा संदेश की घोषणा पूरी तरह सम्पन्न हो जाए तथा सब अन्यजाति इसे सुन सकें. मैं सिंह के मुख से बचा लिया गया. 18प्रभु मुझे हर एक बुराई से उबारेंगे तथा अपने स्वर्गीय राज्य में सुरक्षित ले जाएंगे. उनकी महिमा युगानुयुग हो. आमेन.

अंतिम नमस्कार

19प्रिस्का व अकुलॉस को तथा ओनेसिफ़ोरस के परिवार को मेरा नमस्कार.

20इरास्तुस अब तक कोरिन्थॉस नगर में ही है परंतु त्रोफ़िमस की बीमारी के कारण उसे मिलेतॉस नगर में छोड़ना पड़ा. 21जाड़े के पहले ही आने का पूरा प्रयास करना.

तुम्हें यूबुलस का नमस्कार, साथ ही पुदेन्स, लीनोस, क्लौदिआ तथा सभी विश्वासियों को भी नमस्कार.

22प्रभु तुम्हारी आत्मा के साथ हों. तुम पर अनुग्रह बना रहे.