Knijga O Kristu

Kološanima 3:1-25

Novi život u Kristu

1Uskrsnuli ste s Kristom. Zato težite za nebeskim, gdje Krist sjedi na počasnome mjestu, Bogu zdesna. 2Razmišljajte o onome što u nebu; ne provodite vrijeme baveći se zemaljskim stvarima. 3Jer umrli ste s Kristom i vaš je pravi život skriven s Kristom u Bogu. 4A kada se Krist, koji je naš pravi život, objavi cijelome svijetu, tada će i vi imati udjela u njegovoj slavi.

5Usmrtite dakle ono zemaljsko u svojemu tijelu: blud, nečistoću, strasti, zlu požudu i pohlepu. Ne budite pohlepni za stvarima ovoga svijeta jer je to idolopoklonstvo 6zbog kojega će na ljude pasti Božji gnjev. 7I vi ste nekoć tako živjeli. 8Ali sada od sebe odbacite gnjev, srdžbu, opakost, hulu i prostotu! 9Ne lažite jedni drugima jer ste sa sebe svukli staru zlu narav i njezina zla djela. 10Obukli ste na sebe posve novoga čovjeka, koji se obnavlja spoznajući svojega Stvoritelja. 11Nema više ovdje ni Grka ni Židova, ni obrezana ni neobrezana, ni barbara ni skita, ni roba ni slobodna čovjeka; tu je samo Krist—koji je sve i u svima.

12Vi ste sveti i ljubljeni Božji izabranici. Obucite se stoga u milosrdno srce, dobrostivost, poniznost i strpljivost. 13Podnosite nedostatke drugih i praštajte onima kojima imate što zamjeriti. Kao što je Gospodin vama oprostio, tako i vi opraštajte drugima. 14A najvažnije je: obucite se u ljubav! Ona nas veže u savršeni sklad.

15Neka vašim srcima upravlja Kristov mir. Udovi ste istoga tijela i zato ste pozvani živjeti u miru. Budite zahvalni! 16Neka Kristova riječ u svem svojem bogatstvu prebiva u vama. Poučavajte se i opominjite međusobno sa svom mudrošću. U srcu pjevajte Bogu psalme, hvalospjeve i duhovne pjesme sa zahvalnošću. 17I ma što činili, riječju ili djelom, činite u ime Gospodina Isusa, zahvaljujući po njemu Bogu Ocu.

Upute kršćanskim obiteljima

18Žene, pokoravajte se svojim muževima kao što dolikuje u Gospodinu.

19Muževi, volite svoje žene i ne budite osorni prema njima.

20Djeco, slušajte u svemu roditelje jer je to ugodno Gospodinu.

21Očevi, ne ogorčujte svoju djecu da ne postanu malodušna.

22Robovi, budite poslušni svojim zemaljskim gospodarima u svemu. Ne trudite se da im ugodite samo dok vas vide, već uvijek tako činite, iskrena srca, u strahu Gospodnjem. 23Što god činili, činite od srca, kao Gospodinu, a ne ljudima. 24Znajte da ćete od Gospodina kao nagradu dobiti baštinu. Služite Gospodinu Kristu. 25Tko čini nepravdu, dobit će i plaću nepravednika. U Bogu nema pristranosti!

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

कुलुस्सी 3:1-25

पबितर जिनगी जीये बर नियम

1जब तुमन मसीह के संग जीयाय गे हवव, त अपन मन ला ऊपर, स्वरगीय बातमन म लगावव, जिहां मसीह ह परमेसर के जेवनी हांथ कोति बईठे हवय। 2अपन मन ला ऊपर, स्वरगीय बातमन म लगावव, धरती के बात म नइं। 3काबरकि तुमन मर गे हवव, अऊ तुम्‍हर जिनगी ह अब मसीह के संग परमेसर म लुकाय हवय। 4जब मसीह, जऊन ह तुम्‍हर जिनगी ए, परगट होही, तब तुमन घलो ओकर संग महिमा म परगट होहू।

5एकरसेति, अपन ओ सुभावमन ला मार डारव, जऊन मन संसारिक अंय – जइसने कि बेभिचार, असुधता, काम-वासना, खराप-लालसा अऊ लोभ जऊन ह मूरती-पूजा सहीं अय। 6एकरे कारन परमेसर के परकोप ओमन ऊपर आथे, जऊन मन ओकर हुकूम नइं मानय। 7एक समय रिहिस, जब तुमन घलो अइसने जिनगी जीयत रहेव, अऊ ए किसम के बात म चले के तुम्‍हर आदत रिहिस। 8पर अब ए जरूरी अय कि तुमन अइसने जम्मो बात ला छोंड़ दव, याने कोरोध, रोस, बईरता, निन्दा, खराप गोठ करई। 9एक-दूसर के संग लबारी झन मारव, काबरकि तुमन अपन जुन्ना सुभाव ला ओकर आदत सहित निकार दे हवव, 10अऊ नवां सुभाव ला पहिर ले हवव, जऊन ह गियान म नवां बनत जावत हवय अऊ एह अपन सिरजनहार के सरूप म होवथे। 11ए नवां जिनगी म, न तो कोनो यूनानी ए अऊ न यहूदी, न खतना वाला अऊ न खतनारहित, न जंगली, न असभ्य, न गुलाम अऊ न सुतंतर। पर मसीह ह जम्मो कुछू ए, अऊ ओह जम्मो म हवय।

12तुमन पबितर अऊ बहुंते मयारू अव। एकरसेति, परमेसर के चुने मनखेमन सहीं, अपन-आप ला तरस, दया, दीनता, नमरता अऊ धीरज ले भर लेवव। 13एक-दूसर के सहन करव अऊ एक-दूसर ला छेमा करव, चाहे एक-दूसर के बिरोध म कोनो घलो किसम के सिकायत होवय। छेमा करव, जइसने परभू ह तुमन ला छेमा करिस। 14अऊ ए जम्मो बात के ऊपर मया ला बनाय रखव, जऊन ह तुमन ला सही एकता म एक संग बांधके रखथे।

15मसीह के सांति तुम्‍हर हिरदय म बने रहय, जइसने कि तुमन एक देहें के अंग के रूप म बलाय गे हवव। अऊ धनबाद देवइया बने रहव। 16मसीह के बचन ह तुमन म बहुंतायत से बने रहय, जइसने कि तुमन बड़ समझदारी के संग एक-दूसर ला सीखोथव अऊ सलाह देथव, अऊ जइसने कि अपन हिरदय म धनबाद सहित परमेसर बर भजन, इस्तुति अऊ आतमिक गीत गाथव। 17अऊ जऊन कुछू घलो तुमन कहिथव अऊ करथव, ए जम्मो बात परभू यीसू के नांव म करव अऊ परभू यीसू के जरिये परमेसर ददा ला धनबाद देवव।

मसीही परिवार बर नियम

18हे घरवाली हो, अपन-अपन घरवाला के अधीन रहव, जइसने कि एह परभू म उचित अय।

19हे घरवाला हो, अपन-अपन घरवाली ला मया करव अऊ ओमन के संग कठोर बरताव झन करव।

20हे लइकामन हो, हर एक बात म अपन-अपन दाई-ददा के बात मानव, काबरकि परभू ह एकर ले खुस होथे।

21हे ददामन हो, अपन लइकामन ला तंग झन करव, नइं तो ओमन हतास हो जाहीं।

22हे गुलाममन हो, हर एक बात म अपन-अपन मालिक के हुकूम मानव। सिरिप जब ओमन तुमन ला देखत रहिथें या सिरिप ओमन के दिल जीते बर ही, ए काम झन करव, पर निस्कपट हिरदय ले परभू के आदर खातिर ए काम करव। 23जऊन कुछू घलो तुमन करथव, अपन पूरा मन लगाके करव। ए समझके कि तुमन परभू खातिर करथव, मनखेमन खातिर नइं। 24तुमन जानथव कि इनाम के रूप म, तुमन ला परभू ले एक बिरासत मिलही। काबरकि ओह परभू मसीह ए, जेकर सेवा तुमन करत हव। 25जऊन ह खराप काम करथे, ओह अपन खराप काम के परतिफल पाही, काबरकि परमेसर ह काकरो संग पखियपात नइं करय।