Chinese Contemporary Bible (Traditional)

提摩太前書 6:1-21

1作奴僕的要全心尊重自己的主人,免得上帝的名和我們的教導被人褻瀆。 2若主人是基督徒,作奴僕的不可因為同是信徒就不尊敬自己的主人,反而要更好地服侍他,因為這些接受服侍的人是信徒,是主所愛的。你要教導這些事並勉勵眾人。

異端與貪財

3如果有人傳的教義不符合我們主耶穌基督純正的道和敬虔的教導, 4他就是狂妄自大、一無所知。這種人專好問難,爭辯字句,結果引起嫉妒、紛爭、毀謗和猜忌, 5使那些思想敗壞、失去真理的人爭論不休,甚至把敬虔當作生財之道。 6其實敬虔和知足才是真正的財富, 7因為我們空手來到世上,也要空手離開。 8只要有吃有穿,就該知足。 9那些渴望發財的人卻陷入誘惑、網羅和許多愚蠢有害的慾望中,以致落入敗壞和滅亡中。 10貪財是萬惡之根,有人因為貪財就離棄了信仰,結果飽嚐種種錐心般的痛苦。

保羅對提摩太的囑咐

11但你這屬上帝的人要遠避這些事,要追求公義、敬虔、信心、愛心、忍耐和溫柔, 12要為真道打美好的仗,要持定永生。你是為永生蒙召的,並在許多見證人面前做過美好的見證。 13在賜萬物生命的上帝面前,也在向本丟·彼拉多做過美好見證的基督耶穌面前,我囑咐你: 14要遵守這命令,做純潔無瑕、無可指責的人,一直到我們的主耶穌基督再來。 15到了時候,配得稱頌、獨有權能的萬王之王、萬主之主要使基督顯現。 16上帝是獨一不朽的,住在人不能接近的光中,從來沒有人見過祂,也沒有人能夠看見祂。願尊貴和永遠的權柄都歸給祂。阿們!

17你要勸誡那些今世富足的人不要高傲,也不要冀望於靠不住的錢財,要信靠將萬物厚賜給我們享用的上帝。 18你要勸他們多多行善、慷慨施捨、樂意助人。 19這樣,他們可以為自己的將來奠定美好的基礎,以便持守真正的生命。

20提摩太啊,你要持守所託付給你的,避開世俗的空談和那些違背真理、似是而非的學問。 21有些自稱有這種學問的人已經偏離了信仰。

願恩典與你們同在!

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

1 तीमुथियुस 6:1-21

1जऊन मन गुलाम अंय, ओमन अपन मालिक ला बड़े आदर के लइक समझंय, ताकि परमेसर के नांव अऊ हमर सिकछा के निन्दा झन होवय। 2जेमन के मालिकमन बिसवासी अंय, ओमन अपन मालिक के आदर करे म कमी झन करंय, काबरकि ओमन परभू म भाई अंय। बल्कि ओमन ला अपन मालिकमन के अऊ बने सेवा करना चाही काबरकि जऊन मन सेवा के लाभ उठाथें, ओमन ह बिसवासी अऊ ओमन के मयारू अंय। ए बात तेंह ओमन ला सिखोय अऊ समझाय कर।

रूपिया-पईसा के लोभ

3कहूं कोनो आने किसम के उपदेस देथे अऊ हमर परभू यीसू मसीह के सही निरदेस अऊ परमेसर के सिकछा ले सहमत नइं ए, 4त ओह घमंडी हो गे हवय अऊ कुछू नइं जानय। ओह बाद-बिवाद अऊ परमेसर के बचन के बारे झगरा करे म बेकार के रूचि रखथे, जेकर ले जलन, झगरा, निन्दा के बात, खराप भरम, 5अऊ बिगड़े बुद्धि वाले मनखेमन के बीच म लगातार मतभेद पैदा होथे, जेमन कि सत ले दूरिहा हो गे हवंय। अऊ ओमन सोचथें कि परमेसर के भक्ति ह पईसा कमाय के रसता ए।

6पर संतोस सहित परमेसर के भक्ति म जिनगी बितई ह बहुंत बड़े कमई ए। 7काबरकि हमन ए संसार म कुछू नइं लाने हवन अऊ हमन इहां ले कुछू नइं ले जा सकन। 8एकरसेति कहूं हमर करा भोजन अऊ कपड़ा हवय, त हमन ला ओहीच म संतोस रहना चाही। 9जऊन मन धनी होय चाहथें, ओमन लालच म, अऊ फांदा म अऊ कतको किसम के मुरुख अऊ हानिकारक ईछा म फंसथें, जऊन ह मनखेमन ला नास अऊ बरबाद कर देथे। 10काबरकि रूपिया-पईसा ले मया करई ह जम्मो बुरई के जरी अय। कुछू मनखेमन रूपिया-पईसा के लोभ म पड़के बिसवास ले भटक गे हवंय अऊ अपन-आप ला नाना किसम के दुःख म डार दे हवंय।

तीमुथियुस ला पौलुस के निरदेस

11पर, हे परमेसर के जन, तेंह ए जम्मो चीज ले दूरिहा रह अऊ धरमीपन, भक्ति, बिसवास, मया, सहनसीलता अऊ नमरता के काम म अपन मन ला लगाय रख। 12बिसवास के बने लड़ई लड़त रह अऊ परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी ला थामे रह, काबरकि एकरे बर तोला बलाय गे रिहिस, जब तेंह कतको गवाहमन के आघू म अपन बिसवास के सही गवाही देय रहय। 13परमेसर ला हाजिर जानके, जऊन ह जम्मो ला जिनगी देथे अऊ मसीह यीसू ला हाजिर जानके, जऊन ह पुन्तियुस पीलातुस के आघू म निडर होके गवाही दीस, मेंह तोला हुकूम देवत हंव 14कि तेंह हमर परभू यीसू मसीह के परगट होवत तक, ए हुकूम ला निस्कलंक अऊ सही-सही मानत रह। 15यीसू ला परमेसर ह अपन सही समय म परगट करही। परमेसर ह परमधन्य, राजामन के राजा अऊ परभूमन के परभू अय। 16ओह एके झन अमर अय, ओह ओ अंजोर म रहिथे, जिहां कोनो नइं जा सकंय। ओला कोनो नइं देखे हवंय अऊ न कोनो ओला देख सकंय। ओकर आदर अऊ पराकरम जुग-जुग होवत रहय। आमीन।

17ए संसार के धनवानमन ला हुकूम दे कि ओमन घमंडी झन होवंय अऊ नासमान धन ऊपर आसा झन रखंय, पर परमेसर ऊपर आसा रखंय, जऊन ह हमन ला आनंद मनाय बर हर चीज उदार मन ले देथे। 18ओमन ला हुकूम दे कि ओमन भलई करंय अऊ भलई के काम म धनी बनंय अऊ ओमन उदार बनंय अऊ मदद करे बर तियार रहंय। 19ए किसम ले ओमन अपन बर खजाना बटोरहीं, जऊन ह अवइया समय बर एक मजबूत नींव होही। अऊ तब ओमन ओ जिनगी म बने रह सकथें, जऊन ह कि सही के जिनगी ए।

20हे तीमुथियुस, जऊन चीज ला तोर देख रेख म दिये गे हवय, ओकर रखवारी कर। अऊ जऊन गियान ला गियान कहना ही गलत ए, ओकर बिरोध के बात अऊ भक्तिहीन बातचीत ले दूरिहा रह। 21काबरकि कुछू मनखेमन ए गियान ला मानके बिसवास ले दूरिहा हो गे हवंय। तोर ऊपर अनुग्रह होवत रहय।