Chinese Contemporary Bible (Traditional)

列王紀上 1:1-53

王位之爭

1大衛王年紀老邁,雖然蓋了幾層被子,仍然覺得冷。 2他的臣僕建議:「不如選一位少女進宮伺候、照顧我主我王,讓她睡在王懷中給王取暖。」

3於是,他們在以色列全國尋找美貌女子,找到了一位名叫雅比莎書念少女,把她帶到王那裡。 4這女子長得花容月貌,她照顧、伺候王,但王沒有與她同房。

5那時,哈姬的兒子亞多尼雅妄自尊大,說:「我必做王。」他為自己製備了車輛和騎兵,派五十人在前面開路。 6他父親從不干涉、責問他:「你這是做什麼?」他是押沙龍的弟弟,長得英俊非凡。

7亞多尼雅洗魯雅的兒子約押及祭司亞比亞他商議,二人都答應支持他。 8不過,撒督祭司、耶何耶大的兒子比拿雅拿單先知、示每利以大衛的勇士卻沒有跟隨他。

9一天,亞多尼雅隱·羅結附近的瑣希列磐石那裡宰了牛羊和肥牛犢獻祭,並邀請了眾王子和猶大的群臣。 10可是他沒有邀請拿單先知、比拿雅大衛的勇士和他的兄弟所羅門

11拿單所羅門的母親拔示芭說:「你沒有聽說嗎?哈姬的兒子亞多尼雅做王了,我們的主大衛還不知道。 12事到如今,我有一個主意,可以保住你和你兒子所羅門的性命。 13你去見大衛王,對他說,『我主我王啊,你不是起誓說讓臣妾的兒子所羅門繼承王位嗎?怎麼現在亞多尼雅做了王呢?』 14你跟王說話的時候,我會進去證實你的話。」

15拔示芭就進內室去見年邁的王,書念的少女雅比莎正在伺候他。 16拔示芭向王屈身下拜。王問道:「你有什麼事嗎?」 17拔示芭回答說:「我主啊,你曾經憑你的上帝耶和華起誓說讓臣妾的兒子所羅門繼承你的王位,坐你的寶座。 18但現在亞多尼雅已經稱王了,我主我王還不知道。 19他宰了許多牛羊和肥牛犢獻祭,邀請眾王子、亞比亞他祭司和約押元帥,卻沒有邀請你的僕人所羅門20我主我王啊!以色列舉國拭目以待,等著王來指定誰繼承王位。 21不然,到我主我王與祖先同眠之後,我和我兒所羅門必被定為罪人。」

22她與王正說話間,拿單先知進宮來了。 23有人奏告王,說:「拿單先知來了。」拿單來到王面前,俯伏在地, 24說:「我主我王啊,你已經宣佈讓亞多尼雅繼承你的王位,坐你的寶座嗎? 25他今天宰了許多牛羊和肥犢獻祭,宴請眾王子、將領和亞比亞他祭司,他們正在他那裡一邊吃喝一邊說,『亞多尼雅王萬歲!』 26但他沒有邀請臣僕我、撒督祭司、耶何耶大的兒子比拿雅和你的僕人所羅門27這是我主我王的旨意嗎?王還沒有對臣僕們說過誰繼承王位。」

28於是,大衛王召見拔示芭拔示芭立刻晉見,侍立在王面前。 29王起誓說:「我憑救我脫離一切苦難的永活的耶和華起誓, 30我今天必實現我憑以色列的上帝耶和華向你起的誓。你的兒子所羅門必繼承王位,坐在我的寶座上。」

31拔示芭就向王俯伏下拜說:「我主我王萬歲!」

32大衛王又召見撒督祭司、拿單先知和耶何耶大的兒子比拿雅。他們都來到王面前。 33王囑咐道:「你們要率領我的隨從,讓我兒所羅門騎上我的騾子,護送他下到基訓34撒督祭司和拿單先知要在那裡膏立他為以色列王。你們要吹響號角,高喊,『所羅門王萬歲!』 35然後,你們要隨他回來,他要登基,繼承我的王位。我已立他做以色列猶大的君王了。」

36耶何耶大的兒子比拿雅說:「遵命,願我主我王的上帝耶和華成全這事。 37耶和華怎樣與我主我王同在,願祂也照樣與所羅門同在,使他的國比我主大衛王的國更強大。」 38於是,撒督祭司、拿單先知、耶何耶大的兒子比拿雅,以及基利提人和比利提人請所羅門騎上大衛王的騾子,護送他前往基訓39撒督祭司從聖幕裡拿來盛膏油的角,膏立所羅門為王。他們吹響號角,民眾高聲歡呼:「所羅門王萬歲!」 40眾人浩浩蕩蕩地隨著所羅門回京,一路上吹笛歡呼,聲音震動大地。 41亞多尼雅和他的眾賓客剛剛飲宴完畢,聽見了這聲音。約押聽見號角聲,便問:「城裡為什麼如此喧鬧?」 42就在這時候,亞比亞他祭司的兒子約拿單來了,亞多尼雅說:「進來!你是個忠勇的人,一定帶來了好消息。」

43約拿單說:「我們的主大衛王已經立所羅門為王了。 44王派撒督祭司、拿單先知、耶何耶大的兒子比拿雅,以及基利提人和比利提人護送所羅門騎上王的騾子。 45撒督祭司和拿單先知在基訓膏立他為王,他們一路上歡呼著回來了,全城轟動。你們聽到的就是他們的聲音。 46所羅門已經登基掌權, 47王的臣僕也來向我們的主大衛王道喜說,『願王的上帝使所羅門比王更聲名顯赫,使他的國比王的國更強大。』王在床上俯伏敬拜, 48說,『以色列的上帝耶和華當受稱頌,因為祂讓我親眼看見我的繼承人今天登基。』」

49亞多尼雅的眾賓客聽後,嚇得四散而去。 50亞多尼雅懼怕所羅門,就去抓住祭壇的角。 51有人告訴所羅門:「亞多尼雅懼怕王,現在正抓住祭壇的角,要王今天起誓不要殺他。」

52所羅門說:「如果他是個忠義的人,必毫髮無損;如果他作惡,必死無疑。」 53於是,所羅門王便派人去把亞多尼雅從祭壇上帶下來。亞多尼雅前來向所羅門王俯伏下拜,所羅門對他說:「你回家去吧。」

Hindi Contemporary Version

1 राजा 1:1-53

अदोनियाह का स्वयं राजा घोषित करना

1राजा दावीद अब बहुत बूढ़े हो चुके थे. उन्हें ओढ़ाया अवश्य जाता था मगर कपड़े उनके शरीर को गर्म नहीं रख पा रहे थे. 2इसलिये उनके सेवकों ने उन्हें सलाह दी, “महाराज, हमारे स्वामी के लिए एक जवान लड़की की खोज की जाए, वह महाराज की सेवा करे और उनके सामने ही रहे. वही आपकी गोद में सोया करे, कि महाराज, हमारे स्वामी की देह गर्म रह सके.”

3तब उन्होंने पूरे इस्राएल में एक सुंदर लड़की को खोजना शुरू कर दिया. उन्हें शुनाम देश में ऐसी लड़की मिल गई, जिसका नाम था अबिशाग. वे उसे राजा के सामने ले आए. 4यह जवान लड़की बहुत ही सुंदर थी. उसे राजा की सेविका बना दिया गया, वह उनकी सेवा करने में लग गई; मगर राजा ने उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए.

अदोनियाह का अपने आपको राजा घोषित करना

5उसी समय हेग्गीथ के पुत्र अदोनियाह ने अपने आपको ऊंचा उठाते हुए यह घोषणा की “अगला राजा मैं हूं.” उसने अपने लिए रथ और घुड़सवार भी तैयार कर लिए और अपने आगे-आगे दौड़ने के लिए पचास व्यक्ति भी. 6उसके पिता ने उससे यह प्रश्न करते हुए कभी नहीं रोका: “तुमने ऐसा क्यों किया है?” अदोनियाह एक सुंदर युवक था. उसका जन्म अबसालोम के ठीक बाद ही हुआ था.

7अदोनियाह ने जाकर ज़ेरुइयाह के पुत्र योआब और पुरोहित अबियाथर से मिलकर बातचीत की. उन्होंने अदोनियाह की तरफ होकर उसकी सहायता भी की. 8मगर पुरोहित सादोक, यहोयादा का पुत्र बेनाइयाह, नबी नाथान, शिमेई, रेइ और दावीद के वीर योद्धाओं ने अदोनियाह को समर्थन नहीं दिया.

9अदोनियाह ने एन-रोगेल नामक स्थान पर जाकर ज़ोहेलेथ नामक चट्टान के पास भेड़ों, बैलों और हष्ट-पुष्ट पशुओं की बलि चढ़ाई. इस मौके पर उसने अपने सभी भाइयों—राजकुमारों और यहूदिया के राजकीय अधिकारियों को तो आमंत्रित किया था, 10मगर उसने इस मौके पर न तो नबी नाथान को, न तो बेनाइयाह को न अपने भाई शलोमोन को और न किसी वीर योद्धा को आमंत्रित किया.

नाथान और बथशेबा की भूमिका

11नाथान ने शलोमोन की माता बैथशेबा से कहा, “क्या तुमने सुना नहीं कि हेग्गीथ का पुत्र अदोनियाह राजा बन गया है और दावीद हमारे स्वामी इससे अनजान हैं?” 12इसलिये अब मेरी सलाह सुनो, कि तुम अपना और अपने पुत्र शलोमोन का जीवन सुरक्षित रख सको: 13इसी समय राजा दावीद से जाकर कहो, “महाराज, मेरे स्वामी, क्या आपने अपनी दासी से यह शपथ न ली थी, ‘मेरे बाद तुम्हारा पुत्र शलोमोन ही राजा बनेगा, वही मेरे सिंहासन पर बैठेगा? तो फिर अदोनियाह राजा कैसे बन बैठा?’ 14तब, जब तुम राजा से बातचीत कर ही रही होगी, मैं वहां तुम्हारे पीछे-पीछे आ जाऊंगा और तुम्हारी बातों में हामी भरूंगा.”

15तब बैथशेबा राजा के कमरे में गई. राजा बहुत ही बूढ़े हो चुके थे और शूनामी अबिशाग उनकी सेवा में लगी थी. 16बैथशेबा ने झुककर राजा को नमस्कार किया.

राजा ने उससे पूछा, “क्या चाहती हो तुम?”

17बैथशेबा ने उन्हें उत्तर दिया, “मेरे स्वामी, आपने अपनी सेविका से याहवेह, आपके परमेश्वर की शपथ ली थी, ‘तुम्हारा पुत्र शलोमोन ही मेरे बाद राजा होगा और वह मेरे राज सिंहासन पर बैठेगा.’ 18अब देखिए, अदोनियाह राजा बन बैठा है, जबकि महाराज, मेरे स्वामी, आपको इसके बारे में पता ही नहीं है. 19अदोनियाह ने बड़ी संख्या में बैलों, हष्ट-पुष्ट पशुओं और भेड़ों की बलि चढ़ाई है और उसने राजा के सभी पुत्रों को पुरोहित अबियाथर और सेनापति योआब को भी बुलाया है, मगर आपके सेवक शलोमोन को इसके लिए नहीं बुलाया गया है. 20महाराज, मेरे स्वामी इस समय सारे इस्राएल की नज़रें आप पर लगी हैं, कि आप यह घोषणा करें कि महाराज, मेरे स्वामी के बाद कौन सिंहासन पर बैठेगा. 21नहीं तो यही होगा कि जैसे ही आप हमेशा के लिए अपने पूर्वजों में जा मिलेंगे, मुझे और मेरे पुत्र शलोमोन को अपराधी घोषित कर दिया जाएगा.”

22बैथशेबा राजा से यह बातें कर ही रही थी, कि नबी नाथान वहां आ गए. 23उन्हें बताया गया, “नबी नाथान आए हैं.” जब नबी नाथान राजा के सामने पहुंचे, उन्होंने राजा को दंडवत किया.

24इसके बाद नाथान ने कहा, “महाराज, मेरे स्वामी, क्या यह आपकी घोषणा है ‘मेरे बाद अदोनियाह राज करेगा, वही मेरे सिंहासन पर बैठेगा’? 25क्योंकि आज उसने जाकर बैल, हष्ट-पुष्ट पशु और बड़ी मात्रा में भेड़ों की बलि चढ़ाई है. इस मौके पर उसने सभी राजकुमारों, सेनापतियों और पुरोहित अबियाथर को भी आमंत्रित किया है. ये सभी इस समय उसकी उपस्थिति में यह कहते हुए खुशी मना रहे है. ‘अदोनियाह सदा जीवित रहे!’ 26मगर अदोनियाह ने मुझे, हां मुझे, आपके सेवक को, पुरोहित सादोक को, यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह और आपके सेवक शलोमोन को नहीं बुलाया है. 27क्या यह सब महाराज, मेरे स्वामी द्वारा किया गया है और आपने अपने इन सेवकों को इस बात की सूचना देना सही न समझा, कि महाराज, मेरे स्वामी के बाद उनके सिंहासन पर कौन बैठेगा?”

शलोमोन का सिंहासन पर बैठना

28यह सुना राजा दावीद ने आदेश दिया, “मेरे सामने बैथशेबा को बुलाया जाए.” बैथशेबा आकर राजा के सामने खड़ी हो गई.

29राजा ने यह शपथ लेते हुए कहा, “जीवित याहवेह की शपथ, जिन्होंने मुझे हर एक मुसीबत में से निकाला है, 30मैंने इस्राएल के परमेश्वर, याहवेह के सामने जो शपथ ली थी, ‘तुम्हारा पुत्र शलोमोन मेरे बाद राजा होगा और वही मेरी जगह पर मेरे सिंहासन पर बैठेगा,’ मैं आज ठीक यही पूरा करूंगा.”

31यह सुन बैथशेबा ने झुककर राजा को दंडवत करते हुए कहा, “महाराज दावीद, मेरे स्वामी सदा जीवित रहें.”

32राजा दावीद ने आदेश दिया, “पुरोहित सादोक, नबी नाथान और यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह को मेरे सामने बुलाया जाए.” वे राजा के सामने आए. 33राजा ने उन्हें आदेश दिया, “मेरे पुत्र शलोमोन को मेरे निज खच्चर पर चढ़ाकर उसे अपने स्वामी के सेवकों के साथ लेकर गीहोन चले जाओ. 34वहां पहुंचकर पुरोहित सादोक और नबी नाथान शलोमोन को इस्राएल का राजा होने के लिए अभिषेक करें. इसके बाद नरसिंग फूंकने के साथ यह घोषणा की जाए. ‘सदा जीवित रहें राजा शलोमोन!’ 35आप सभी इसके बाद शलोमोन के पीछे-पीछे आएं. तब वह यहां आकर मेरे राज सिंहासन पर बैठे कि वह मेरे बाद मेरी जगह पर राजा हो जाए; क्योंकि खुद मैंने उसे यहूदिया और इस्राएल पर राजा बनाया है.”

36यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह ने राजा से कहा, “आमेन! महाराज, मेरे स्वामी के परमेश्वर, याहवेह भी ऐसा ही कहें. 37जिस प्रकार याहवेह महाराज, मेरे स्वामी के साथ-साथ रहे हैं, उसी प्रकार वह शलोमोन के साथ-साथ बने रहें और उसके सिंहासन को मेरे स्वामी, महाराज दावीद के सिंहासन से भी अधिक बढ़ाएं.”

38तब पुरोहित सादोक, नबी नाथान, यहोयादा का पुत्र बेनाइयाह और केरेथि और पेलेथी शलोमोन को राजा दावीद के निज खच्चर पर बैठाकर उसे गीहोन ले गए. 39वहां पुरोहित सादोक ने मिलापवाले तंबू से लाए हुए सींग के तेल से शलोमोन का अभिषेक किया. तब उन्होंने नरसिंगा फूंका और सभी ने एक आवाज में यह नारे लगाए: “सदा जीवित रहें राजा शलोमोन!” 40तब सारी भीड़ बड़े ही आनंद में बांसुरी बजाते हुए राजा के पीछे-पीछे चलने लगी. इतनी तेज थी उनकी आवाज कि इससे धरती डोल उठी.

41यह आवाज अदोनियाह और उसके सभी अतिथियों ने भी सुनी. इस समय वे अपना भोजन खत्म कर ही रहे थे. जैसे ही योआब ने नरसिंगे की आवाज सुनी, वह पूछने लगा, “नगर में इस चिल्लाहट का कारण क्या है?”

42वह यह पूछताछ कर ही रहा था कि पुरोहित अबियाथर का पुत्र योनातन वहां आ पहुंचा. अदोनियाह ने उससे कहा, “यहां आओ तुम भले व्यक्ति हो, इसलिये भला समाचार ही लाए होगे.”

43योनातन ने उसे उत्तर दिया, “नहीं! हमारे स्वामी, महाराज दावीद ने शलोमोन को राजा बना दिया है. 44राजा दावीद ने उसे पुरोहित सादोक नबी नाथान, यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह और केरेथि और पेलेथी भी उसके साथ भेजे हैं. इसके अलावा उन्होंने शलोमोन को राजा दावीद के निज खच्चर पर भी चढ़ा दिया है. 45पुरोहित सादोक और नबी नाथान ने गीहोन में शलोमोन का राजाभिषेक कर दिया है. वे सभी वहां से बड़ी ही खुशी में लौटे हैं. इसलिये नगर में यह आनंद मनाने की आवाज सुनाई दे रही है. यही है वह चिल्लाहट, जो आपने सुनी है. 46इन सबके अलावा अब शलोमोन राज सिंहासन पर बैठे हैं. 47वह सब होने के बाद राजा के सेवकों ने जाकर महाराज, हमारे स्वामी को यह कहते हुए बधाईयां दी है ‘परमेश्वर शलोमोन के नाम को आपके नाम से भी अधिक ऊंचा करें, उनके राज सिंहासन को आपके राज सिंहासन से भी अधिक बढ़ाएं.’ यह सुन महाराज ने अपने पलंग पर ही दंडवत किया. 48साथ ही राजा ने यह भी कहा, ‘धन्य हैं, याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर, जिन्होंने आज किसी को मेरे सिंहासन पर बैठने के लिए चुना है और उसे खुद मेरी आंखों ने देख लिया है.’ ”

49यह सुन अदोनियाह के सभी अतिथि बहुत ही डर गए. वे सभी उसी समय उठकर अपने-अपने रास्ते पर निकल गए. 50फिर अदोनियाह मन ही मन शलोमोन से डरने लगा; इसलिये उसने तुरंत जाकर वेदी के सींग पकड़ लिए. शलोमोन को इस बात की ख़बर इस प्रकार दी गई: 51“सुनिए, सुनिए! अदोनियाह महाराज से डरता है, इसलिये उसने जाकर यह कहते हुए वेदी के सींग थाम लिए हैं, ‘आज महाराज शलोमोन यह शपथ लें, कि वह अपने सेवक को तलवार से नहीं मारेंगे.’ ”

52शलोमोन ने उत्तर दिया, “यदि वह अपने आपको एक अच्छा व्यक्ति साबित करे, उसका ज़रा सा भी नुकसान न होगा; मगर यदि उसमें दुष्टता का अंश भी पाया गया तो उसकी मृत्यु तय है.” 53राजा शलोमोन ने आदेश दिया कि उसे वेदी से लाकर उनके सामने पेश किया जाए. वह लाया गया और उसे राजा शलोमोन के सामने पेश किया गया. वह आया और राजा शलोमोन के सामने दंडवत हो गया. राजा शलोमोन ने उसे आदेश दिया, “आप अपने घर को लौट जाइए.”