彼得后书 2 – CCB & NCA

Chinese Contemporary Bible (Simplified)

彼得后书 2:1-22

假教师

1以往曾经有假先知在百姓中出现,将来在你们中间也同样会有假教师出现。他们暗地里引进使人沉沦的异端邪说,甚至否认那位买赎他们的主。这些人正迅速地自招灭亡。 2许多人会效法他们邪恶无耻的行为,致使真理之道被人毁谤。 3他们贪婪成性,想用花言巧语在你们身上谋利。这种人的刑罚自古已经判定,他们很快就会灭亡。

4即使天使犯了罪,上帝也没有容忍他们,而是把他们丢在地狱里,囚在幽暗的深坑等候审判。 5上帝也没有容忍远古的世代,曾用洪水淹灭了世上不敬虔的恶人,只留下传讲上帝公义的挪亚和他的七位家人。 6上帝也审判了所多玛蛾摩拉,将二城毁灭,烧为灰烬,作为以后不敬虔之人的警戒。 7祂只拯救了因恶人的淫乱放荡而忧伤的义人罗得8因为义人罗得住在他们当中,天天耳闻目睹他们一切无法无天的丑行,他正直的心很痛苦。 9上帝知道怎样拯救敬虔的人脱离试炼,把不义的人拘禁在刑罚之下,等候审判的日子, 10尤其是那些放纵污秽的情欲、轻视权柄的人。他们胆大妄为,肆无忌惮地毁谤有尊荣的。 11即使力量和权能更大的天使都不敢在主面前用毁谤的话控告有尊荣的。 12但他们好像没有理性,生下来就是预备让人捉去宰杀的牲畜,连自己不懂的事也随口毁谤。他们在毁坏别人的时候,自己也必灭亡。 13他们多行不义,必自食恶果。他们喜爱在大白天寻欢作乐,是你们中间的败类和渣滓,一面和你们同席,一面以欺骗为乐。 14他们眼中充满淫欲,不停地犯罪,引诱那些信心不坚定的人。他们贪婪成性,实在是该受咒诅! 15他们离弃正道,走入歧途,重蹈比珥之子巴兰先知的覆辙。巴兰贪爱不义之财, 16因自己的罪而受了责备。不能说话的驴竟然像人一样说起话来,制止了他狂妄的行为。

17他们如同枯干的水井和被狂风吹散的雾气,有幽幽黑暗留给他们。 18他们口出狂言,空话连篇,以肉体的邪情私欲为饵,诱惑那些刚刚摆脱了荒谬生活的人。 19他们应许那些人可以得自由,而自己却做罪恶的奴隶,因为人被什么制服,就被什么奴役。

20如果他们借着认识我们的主和救主耶稣基督,已经摆脱了世俗的污秽,但后来又被这些事缠住、俘虏了,他们的处境会比以前更糟糕。 21他们明知道正路,却背弃了传给他们的神圣诫命,这样倒不如不知道的好。 22俗语说得好:“狗转过身来,吃自己所吐的;猪洗干净了,又回到污泥里去打滚。”这些话正好用在他们身上。

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

2 पतरस 2:1-22

लबरा गुरूमन अऊ ओमन के बिनास

1पर मनखेमन के बीच म लबरा अगमजानीमन घलो रिहिन अऊ ओही किसम ले तुम्‍हर बीच म लबरा गुरूमन होहीं। ओमन गुपत रूप ले बिनासकारी लबारी सिकछा ला तुम्‍हर बीच म लानहीं, अऊ त अऊ ओमन सर्वसक्तिमान परभू के इनकार करहीं, जऊन ह ओमन ला बिसोय हवय अऊ ए किसम ले ओमन अपन ऊपर अचानक बिनास लानहीं। 2बहुंते झन ओमन के खराप जिनगी के नकल करहीं, अऊ ओमन के कारन, सत के रसता के अनादर होही। 3अपन लालच म, ए गुरूमन अपन खुद के बनाय कथा-कहानी के दुवारा तुम्‍हर ले फायदा उठाहीं। ओमन के दंड के फैसला बहुंत पहिली हो चुके हवय, अऊ ओमन के बिनास निस्चय होही।

4जब परमेसर ह ओ स्वरगदूतमन ला नइं छोंड़िस, जऊन मन पाप करे रिहिन, पर ओमन ला अंधियार के बंधना म रखके नरक पठो दीस, ताकि ओमन नियाय बर उहां बंदी रहंय। 5जब परमेसर ह पहिली जुग के संसार ला नइं छोंड़िस, जब ओह जल-परलय ले भक्तिहीन मनखेमन ला नास करिस, पर ओह धरमीपन के परचारक – नूह अऊ सात झन आने मनखेमन ला बचाईस। 6अऊ जब सजा के रूप म, परमेसर ह सदोम अऊ अमोरा सहरमन ला जलाके राख कर दीस, अऊ एला एक नमूना के रूप म रखिस – ए देखाय बर कि भक्तिहीन मनखेमन के का होवइया हवय; 7अऊ जब ओह धरमी मनखे लूत ला बचाईस, जऊन ह दुस्‍ट मनखेमन के खराप चाल-चलन के कारन बहुंत दुःखी रिहिस 8(काबरकि ओ धरमी जन ह ओमन के बीच म रहत रिहिस अऊ ओमन के कुकरम ला देखके अऊ सुनके दिन ब दिन, अपन मन म पीरा के अनुभव करत रिहिस) – 9जब अइसने बात ए, तब परभू ह जानथे कि धरमी मनखेमन ला परिछा म ले कइसने निकारथें अऊ अधरमीमन ला कइसने सजा देवत नियाय के दिन बर रखथें। 10एह खास करके, ओमन बर सही ए, जऊन मन अपन पापमय सुभाव के खराप ईछा के मुताबिक चलथें अऊ अधिकारीमन ला तुछ समझथें।

ए मनखेमन हिम्मती अऊ ढीठ अंय अऊ ओमन महिमामय जीवमन के बदनामी करे बर नइं डरंय; 11जबकि स्‍वरगदूत, जऊन मन जादा बलवान अऊ सक्तिसाली अंय, परभू के आघू म अइसने जीवमन के बिरोध म बदनामी के दोस नइं लगावंय। 12पर ए मनखेमन ओ बात के बदनामी करथें, जेला एमन समझंय नइं। एमन जंगली पसुमन सहीं बिगर बुद्धि के जीव अंय, जऊन मन कि सिरिप पकड़े जाय बर अऊ नास होय बर जनमे हवंय, अऊ ओमन पसु के सहीं नास घलो होहीं।

13जऊन हानि एमन करे हवंय, ओकर परतिफल एमन ला मिलही। दिन-मंझनियां म खा-पीके मौज करई, एमन ला बने लगथे। एमन कलंकित अऊ दूसित अंय अऊ जब एमन तुम्‍हर संग जेवनार करथें, त अपन खुसी म मौज-मस्ती करथें। 14एमन के आंखीमन छिनारीपन ले भरे हवय; एमन पाप करई कभू बंद नइं करंय; एमन चंचल मनखेमन ला बहका लेथें; लालच म एमन ला महारथ हासिल हवय; एमन परमेसर दुवारा सरापित अंय। 15एमन सही रसता ला छोंड़ दे हवंय अऊ भटकके एमन बओर के बेटा – बिलाम के रसता म हो ले हवंय; जऊन ह गलत काम के बनी ला पसंद करिस। 16पर ओला ओकर गलत काम बर एक गदही ह दबकारिस। गदही जऊन ह एक पसु अय अऊ गोठियाय नइं सकय, पर ओ गदही ह मनखे के अवाज म गोठियाईस अऊ ओ अगमजानी के बईहापन ला रोकिस।

17ए मनखेमन बिगर पानी के सोत सहीं अंय; एमन गरेर ले उड़ाय गय बादर अंय। घोर अंधियार ह एमन बर रखे गे हवय। 18काबरकि एमन जुछा अऊ घमंड ले भरे बात करथें अऊ अपन पापी सुभाव के छिनारी ईछा के दुवारा ओ मनखेमन ला फंसाथें, जऊन मन गलत काम करइयामन के संगति ला छोंड़के आय हवंय। 19एमन ओमन ले सुतंतरता के वायदा करथें, जबकि एमन खुद भ्रस्ट जिनगी के गुलाम अंय, काबरकि जऊन चीज ह मनखे ऊपर काबू पा लेथे, मनखे ह ओ चीज के गुलाम हो जाथे। 20कहूं ओमन हमर परभू अऊ उद्धार करइया यीसू मसीह ला जाने के दुवारा संसार के असुधता ले बच गे हवंय, पर ओमन फेर ओम फंसके ओकर बस म हो जाथें, त ओमन के दसा ह आखिरी म, ओमन के सुरू के दसा ले घलो अऊ खराप हो जाही। 21ओमन बर बने होतिस कि ओमन धरमीपन के रसता ला नइं जाने रहितिन, एकर बदले कि ओला जाने के बाद, पबितर हुकूम के पालन नइं करना, जऊन ह ओमन ला दिये गे रिहिस। 22ओमन बर ए कहावत सही बईठथे: “कुकुर ह अपन उछरे चीज ला खाय बर फेर लहुंटथे,”2:22 नीति 26:11 अऊ “नहलाय-धूलाय माई सुरा ह चिखला माते बर फेर चले जाथे।”