彼得前书 4 – CCB & NCA

Chinese Contemporary Bible (Simplified)

彼得前书 4:1-19

生活的改变

1既然基督曾在肉身上为你们受苦,你们也要怀着同样的心志,因为肉体受过苦的人已经与罪断绝了关系, 2可以在今后的生活中不再随从人的私欲,只服从上帝的旨意。 3你们从前长期沉溺于异教徒的嗜好——淫乱、纵欲、醉酒、狂欢、宴乐和可憎的偶像崇拜。 4如今你们不再和他们同流合污,他们觉得奇怪,就用恶言毁谤你们。 5但他们将来必须向审判活人和死人的主交账。 6正因如此,福音也曾传给已死的人。这样,他们的肉体虽然像世人一样受了审判,他们的灵魂却可以靠上帝活着。

恩典的好管家

7万物的尽头快到了。因此,你们要谨慎自律,警醒祷告。 8最重要的是要彼此真诚相爱,因为爱可以遮盖许多罪。 9要互相接待,不发怨言, 10按着自己所得的恩赐彼此服侍,做上帝各样恩典的好管家。 11能讲道的,要按着上帝的话去讲;能服侍人的,要本着上帝所赐的力量去服侍。这样,上帝会借着耶稣基督在一切的事上得到荣耀。

愿荣耀和权能都归于祂,直到永永远远。阿们!

以受苦为荣

12亲爱的弟兄姊妹,若有火一般的试炼临到你们,不要觉得奇怪,以为发生了什么不寻常的事, 13反倒要欢喜,因为你们是与基督一起受苦。这样,你们在祂的荣耀显现时可以和祂一同欢喜快乐。 14如果你们为基督的缘故受辱骂,就有福了!因为上帝荣耀的灵常住在你们身上。 15你们谁也不可因杀人、偷盗、作恶或管闲事而受苦。 16若是为了做基督徒而受苦,不要觉得羞耻,要因这身份归荣耀给上帝。 17因为时候到了,审判要先从上帝的家开始。如果审判要从我们开始,那些不信从上帝福音的人会有怎样的结局呢? 18如果义人得救尚且不易,不敬虔的人和罪人会有什么下场呢? 19所以,照上帝旨意受苦的人要继续专心行善,将自己的灵魂交托给那位信实的造物主。

New Chhattisgarhi Translation (नवां नियम छत्तीसगढ़ी)

1 पतरस 4:1-19

परमेसर खातिर जिनगी बितई

1जब मसीह ह देहें म दुःख भोगिस, त तुमन घलो ओहीच सोच के मुताबिक अपन-आप ला मजबूत करव, काबरकि जऊन ह देहें म दुःख भोगिस, ओह पाप ले छूट गीस। 2एकर नतीजा ए होथे कि ओह बांचे संसारिक जिनगी मनखेमन के खराप ईछा मुताबिक नइं, पर परमेसर के ईछा मुताबिक जीथे। 3काबरकि तुमन ओ काम म पहिली बहुंत समय बिता चुके हवव, जऊन ला मूरती-पूजा करइयामन पसंद करथें। तुमन अपन जिनगी ला छिनारीपन, काम-वासना, मतवालपन, भोग-बिलास, खाय-पीये, अऊ घिन-घिन मूरती-पूजा म बिताय हवव। 4मूरती-पूजा करइयामन अचरज करथें, जब तुमन ओमन के संग जंगली अऊ लापरवाही के जिनगी म सामिल नइं होवव, अऊ ओमन तुम्‍हर बेजत्ती करथें। 5पर ओमन परमेसर ला लेखा दिहीं, जऊन ह जीयत अऊ मरे मन के नियाय करे बर तियार हवय। 6एकरे कारन मरे मन ला घलो सुघर संदेस के परचार करे गीस, ताकि मनखेमन के मुताबिक ओमन के देहें म नियाय होवय, पर ओमन आतमा म परमेसर के मुताबिक जीयंय।

7जम्मो चीजमन के अंत जल्दी होवइया हवय। एकरसेति, साफ मन अऊ संयमी होवव, ताकि तुमन पराथना कर सकव। 8जम्मो ले बड़े बात ए अय कि एक-दूसर ला बहुंते मया करव, काबरकि मया ह बहुंते पापमन ला तोप देथे। 9बिगर कुड़कुड़ाय एक-दूसर के पहुनई करव। 10हर एक झन आने मन के सेवा करे बर, जऊन आतमिक बरदान पाय हवय, ओह ओकर उपयोग बिसवास सहित परमेसर के अनुग्रह म अनेक किसम ले करय।

11कहूं कोनो गोठियावय, त अइसने गोठियावय मानो परमेसर के बचन ओकर मुहूं ले निकरथे। कहूं कोनो सेवा करय, त ओह ओ ताकत ले करय, जऊन ला परमेसर देथे, ताकि जम्मो बात म, यीसू मसीह के दुवारा परमेसर के परसंसा हो सकय। महिमा अऊ सामरथ जुग-जुग ओकर होवय। आमीन।

मसीही होय के कारन दुःख सहई

12मयारू संगवारीमन, जऊन पीरा भरे दुःख, परखे बर तुम्‍हर ऊपर पड़े हवय, ओकर ले अचम्भो झन करव कि कोनो अनहोनी बात तुम्‍हर ऊपर होवत हवय। 13पर आनंद मनावव कि तुमन मसीह के दुःख म सामिल हवव, ताकि जब ओकर महिमा परगट होवय, त तुमन आनंद ले मगन हो जावव। 14कहूं मसीह के नांव के कारन तुम्‍हर बेजत्ती होथे, त अपन-आप ला धइन समझव, काबरकि महिमा अऊ परमेसर के आतमा तुम्‍हर ऊपर छइहां करथे। 15कहूं तुमन दुःख भोगव, त ए दुःख भोगई ह एक हतियारा या चोर या कोनो आने किसम के अपराधी के रूप म झन होवय, अऊ एह आने मन के काम म बाधा डलइया के रूप म घलो झन होवय। 16पर कहूं तुमन एक मसीही के रूप म दुःख भोगथव, त एकर बर झन लजावव, पर परमेसर के इस्तुति करव, कि मसीह के नांव तुम्‍हर संग हवय। 17नियाय के समय आ गे हवय अऊ परमेसर के मनखेमन के नियाय पहिली करे जाही, अऊ कहूं एकर सुरूआत हमर ले होथे, त ओमन के अंत कइसने होही, जऊन मन परमेसर के सुघर संदेस ला नइं मानय? 18जइसने कि परमेसर के बचन ह कहिथे,

“यदि धरमीमन बर उद्धार पाना कठिन ए,

त भक्तिहीन अऊ पापी मन के का होही?”

19एकरसेति, जऊन मन परमेसर के ईछा के मुताबिक दुःख उठाथें, ओमन अपन-आप ला अपन बिसवास के काबिल सिरिस्टी करइया परमेसर के हांथ म सऊंप देवंय, अऊ बने काम करे म लगे रहंय।