Священное Писание (Восточный перевод), версия для Таджикистана

2 Тиметею 1:1-18

Приветствие

1От Павлуса, посланника Исо Масеха1:1 Масех (переводится как «Помазанник») – праведный Царь и Освободитель, Спаситель, обещанный Всевышним ещё в Тавроте, Забуре и Книге Пророков., избранного по воле Всевышнего и посланного возвещать обещанную Им жизнь в единении с Исо Масехом.

2Моему дорогому сыну Тиметею.

Благодать, милость и мир тебе от Небесного Отца и нашего Повелителя Исо Масеха.

Благодарность и ободрение

3Я благодарю Всевышнего, Которому служу с чистой совестью, как это делали и мои праотцы, когда непрестанно вспоминаю о тебе в своих молитвах, которые я совершаю день и ночь. 4Я вспоминаю твои слёзы и очень хочу увидеть тебя: эта встреча крайне обрадовала бы меня. 5Я вспоминаю и о твоей искренней вере: так верили и твоя бабушка Лоида, и твоя мать Эвника, и убеждён, что эта же вера живёт и в тебе. 6По этой причине раздуй угольки твоего дара, который ты получил от Всевышнего через возложение моих рук. 7Ведь Всевышний не вселил в наши сердца страх, но дал нам силу, любовь и благоразумие.

8Поэтому не бойся говорить о нашем Повелителе и не стыдись того, что я нахожусь в заключении за Него. Наоборот, раздели со мной страдания за Радостную Весть, положившись на силу Всевышнего. 9Всевышний спас нас и призвал нас Своим святым призывом не по нашим заслугам, но для исполнения Своей цели и по Своей благодати, данной нам через Исо Масеха ещё до начала времён. 10И теперь мы увидели эту благодать, когда пришёл наш Спаситель Исо Масех, Который уничтожил смерть и через Радостную Весть показал новую жизнь и бессмертие. 11И я был поставлен глашатаем, посланником Масеха и учителем этой Радостной Вести. 12За это я и страдаю сейчас, но не стыжусь этого, потому что знаю, в Кого я поверил, и знаю, что Он способен сохранить то, что мне доверил1:12 Или: «то, что я доверил Ему». до дня Его возвращения.

13Пусть образцом правильного учения будет для тебя то, что ты услышал от меня. Живи с верой и любовью в единении с Исо Масехом. 14Пусть Святой Дух, живущий в нас, поможет тебе сберечь то доброе, что было тебе доверено.

15Все в провинции Азия1:15 Здесь имеется в виду не материк, а римская провинция на западе Малой Азии (часть современной территории Турции), которая позднее дала своё название материку. оставили меня, включая Фигела и Гермогена; тебе это известно.

16Пусть Повелитель проявит милость к дому Онисифора, ведь он так часто ободрял меня, не стыдясь того, что я нахожусь в цепях. 17Напротив, когда он был в Риме, то старательно разыскивал меня и нашёл. 18Пусть же Повелитель помилует его в день Своего возвращения. А как много он помог мне в Эфесе, ты хорошо знаешь.

Hindi Contemporary Version

2 तिमोथियॉस 1:1-18

1पौलॉस की ओर से, जो मसीह येशु में उस जीवन की प्रतिज्ञा के अनुसार, परमेश्वर की इच्छा के द्वारा मसीह येशु का प्रेरित है,

2प्रिय पुत्र तिमोथियॉस को:

हमारे पिता परमेश्वर और मसीह येशु, हमारे प्रभु की ओर से अनुग्रह, कृपा और शांति मिले.

आभार व्यक्ति तथा प्रार्थना

3मैं रात-दिन अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें याद करते हुए परमेश्वर को धन्यवाद देता हूं, जिनकी सेवा मैं शुद्ध विवेक से उसी प्रकार करता हूं, जैसे मेरे पूर्वज करते थे. 4तुम्हारे आंसुओं को याद करते हुए, मुझे तुमसे मिलने की लालसा होती है कि मेरा आनंद पूरा हो जाए. 5मुझे तुम्हारा निष्कपट विश्वास याद आता है, जो सबसे पहले तुम्हारी नानी लोइस तथा तुम्हारी माता यूनिके में मौजूद था, और जो निश्चित ही तुममें भी मौजूद है.

तिमोथियॉस को परमेश्वर द्वारा दी गई क्षमताओं की याद दिलाना

6यही कारण है कि मैं तुम्हें याद दिला रहा हूं कि परमेश्वर द्वारा दी गई उस क्षमता को पुनर-ज्वलित करो, जो तुम पर मेरे हाथ रखने के द्वारा तुममें थी. 7यह इसलिये कि परमेश्वर ने हमें भय का नहीं परंतु सामर्थ्य, प्रेम तथा आत्म-अनुशासन का मन दिया है. 8इसलिये न तो हमारे प्रभु के विषय में गवाही देने में और न मुझसे, जो उनके लिए बंदी हूं, लज्जित होना परंतु परमेश्वर द्वारा दी गई सामर्थ्य के अनुसार ईश्वरीय सुसमाचार के लिए कष्ट उठाने में मेरे साथ शामिल हो जाओ. 9परमेश्वर ने ही हमें उद्धार प्रदान किया तथा पवित्र जीवन के लिए हमें बुलाया है—हमारे कामों के आधार पर नहीं परंतु सनातन काल से मसीह येशु में हमारे लिए आरक्षित अपने ही उद्देश्य तथा अनुग्रह के अंतर्गत. 10इस अनुग्रह की अभिव्यक्ति अब हमारे उद्धारकर्ता मसीह येशु के प्रकट होने के द्वारा हुई है, जिन्होंने एक ओर तो मृत्यु को नष्ट किया तथा दूसरी ओर ईश्वरीय सुसमाचार के द्वारा जीवन तथा अमरता को प्रकाशित किया. 11इसी ईश्वरीय सुसमाचार के लिए मैं प्रचारक, प्रेरित तथा शिक्षक चुना गया. 12यही कारण है कि मैं ये यातनाएं भी सह रहा हूं किंतु यह मेरे लिए लज्जास्पद नहीं है क्योंकि मैं जानता हूं कि मैंने किन में विश्वास किया है तथा मुझे यह पूरा निश्चय है कि वह उस दिन तक मेरी धरोहर की रक्षा करने में पूरी तरह सामर्थ्यी हैं.

13जो सच्ची शिक्षा तुमने मुझसे प्राप्त की है, उसे उस विश्वास और प्रेम में, जो मसीह येशु में बसा है, अपना आदर्श बनाए रखो. 14पवित्रात्मा के द्वारा, जिनका हमारे भीतर वास है, उस अनुपम धरोहर की रक्षा करो.

अव्यवस्था और वफादारी के उदाहरण

15तुम्हें यह मालूम ही है कि आसिया प्रदेश के सभी विश्वासी मुझसे दूर हो गए हैं, उनमें फ़िगेलस तथा हरमोगेनेस भी हैं.

16ओनेसिफ़ोरस के परिवार पर प्रभु कृपा करें. उसने अक्सर मुझमें नई स्फूर्ति का संचार किया है. मेरी बेड़ियां उसके लिए लज्जा का विषय नहीं थी. 17जब वह रोम नगर में था, उसने यत्नपूर्वक मुझे खोजा और मुझसे भेंट की. 18इफ़ेसॉस नगर में की गई उसकी सेवाओं से तुम भली-भांति परिचित हो. प्रभु करें कि उस दिन उसे प्रभु की कृपा प्राप्त हो!