Иеремия 39 – CARST & HCV

Священное Писание (Восточный перевод), версия для Таджикистана

Иеремия 39:1-18

Взятие Иерусалима

(4 Цар. 25:1-12; Иер. 52:4-16)

1В десятом месяце девятого года правления Цедекии, царя Иудеи (в январе 588 г. до н. э.), Навуходоносор, царь Вавилона, двинулся на Иерусалим со всем своим войском и взял его в осаду. 2На девятый день четвёртого месяца одиннадцатого года правления Цедекии (18 июля 586 г. до н. э.) в городской стене была пробита брешь. 3Когда Иерусалим был взят, все сановники царя Вавилона вошли и сели у Средних ворот. Среди них были: Нергал-Сарецер, Самгар-Нево, начальник придворных Сарсехим, главный советник Нергал-Сарецер и все остальные сановники вавилонского царя. 4Когда Цедекия, царь Иудеи, и все воины увидели их, они бежали; они вышли из города ночью по дороге в царском саду через ворота между двумя стенами и направились к Иорданской долине.

5Но вавилонское войско пустилось за ними в погоню и настигло Цедекию на равнинах у Иерихона. Они схватили его и привели к Навуходоносору, царю Вавилона, в Ривлу, что в земле Хамата, где царь вынес ему приговор. 6В Ривле царь Вавилона заколол сыновей Цедекии у него на глазах и перебил всю знать Иудеи. 7После этого он выколол Цедекии глаза и заковал его в бронзовые кандалы, чтобы увести в Вавилон.

8Вавилоняне подожгли царский дворец и дома и разрушили иерусалимские стены. 9Невузарадан, начальник царской охраны, угнал в плен в Вавилон людей, которые ещё оставались в городе, вместе с теми, кто перебежал к нему, и остальным народом. 10Но Невузарадан оставил в земле Иудеи часть бедняков, у которых ничего не было, и дал им виноградники и поля.

11А Навуходоносор, царь Вавилона, велел Невузарадану, начальнику царской охраны, отдать приказ об Иеремии: 12«Возьми его и присмотри за ним; никакого вреда ему не причиняй и всё, что он попросит, выполни». 13И начальник царской охраны Невузарадан, начальник придворных Невушазбан, главный советник Нергал-Сарецер и все остальные сановники царя Вавилона 14послали за Иеремией и вывели его из царской темницы. Они передали его новому наместнику Иудеи Гедалии, сыну Ахикама, внуку Шафана, чтобы тот отвёл его домой. Так он остался среди своего народа.

15Пока Иеремия находился в заточении в темнице, было к нему слово Вечного:

16– Пойди и скажи эфиопу Эвед-Малику: Так говорит Вечный, Повелитель Сил, Бог Исроила: «Я собираюсь исполнить Мои слова об этом городе на беду ему, а не во благо. Наступает день, когда они сбудутся у тебя на глазах. 17Но тебя в тот день Я спасу, – возвещает Вечный. – Тебя не выдадут тем, кого ты боишься. 18Я непременно спасу тебя; ты не падёшь от меча, и твоя жизнь будет спасена, потому что ты верил Мне», – возвещает Вечный.

Hindi Contemporary Version

येरेमियाह 39:1-18

1येरूशलेम का पतन इस प्रकार हुआ: यहूदिया के राजा सीदकियाहू के राज्य-काल के नवें वर्ष के दसवें माह में बाबेल के राजा नबूकदनेज्ज़र ने अपनी सारी सेना के साथ आकर येरूशलेम की घेराबंदी की. 2सीदकियाहू के राज्य-काल के ग्यारहवें वर्ष के चौथे माह में नवीं तिथि को, नगर शहरपनाह तोड़ करके वे नगर में घुस गए. 3यह होते ही बाबेल के राजा के सभी अधिकारी भीतर आ गए और मध्य प्रवेश द्वार पर बैठ गए: ये अधिकारी थे सामगर का नेरगल-शारेज़र तथा नेबो-सारसेकिम, जो अधिकारियों में प्रमुख था, राजा का परामर्शक नेरगल-शारेज़र तथा अन्य सभी अधिकारी. 4जब सीदकियाहू तथा उसके सैनिकों ने यह देखा; वे रात्रि में राजा के उद्यान में से होते हुए दोनों शहरपनाह के मध्य के द्वार से नगर से होते हुए पलायन कर गए, उन्होंने अराबाह घाटी की ओर भागना चाहा.

5किंतु कसदी सेना ने उनका पीछा किया और उन्होंने येरीख़ो के मैदान में यहूदिया के राजा सीदकियाहू को जा पकड़ा. उसे बंदी बना लिया और उसे बाबेल के राजा नबूकदनेज्ज़र की उपस्थिति में हामाथ देश के रिबलाह में ले गए, वहां सीदकियाहू पर दंड की आज्ञा प्रसारित कर दी गई. 6तत्पश्चात बाबेल के राजा ने सीदकियाहू के देखते-देखते रिबलाह में उसके पुत्रों का वध कर डाला, बाबेल के राजा ने यहूदिया के सारे अधिकारियों का भी वध कर दिया. 7फिर नबूकदनेज्ज़र ने सीदकियाहू की आंखें निकाल लीं और उसे कांसे की सांकलों में बांधकर बाबेल ले गए.

8कसदियों ने महलों को तथा प्रजा के आवासों को भस्म कर दिया तथा येरूशलेम की शहरपनाह तोड़ दीं. 9इस समय वे लोग जो नगर में शेष रह गए थे, वे लोग, जो नगर छोड़कर कसदियों की शरण में जा पहुंचे थे तथा अन्य लोगों को अंगरक्षकों का प्रधान नेबुज़रादान बंधुआई में बाबेल ले गया. 10किंतु कुछ अत्यंत निर्धन लोगों को जिनके पास कुछ भी न था, अंगरक्षकों का प्रधान नेबुज़रादान यहूदिया में ही पीछे छोड़ गया; इन्हें उसने द्राक्षाउद्यान एवं खेत सौंप दिए.

11इसी समय बाबेल के राजा नबूकदनेज्ज़र ने येरेमियाह के विषय में अंगरक्षकों के प्रधान नेबुज़रादान के द्वारा यह आदेश प्रसारित कर दिया था: 12“उसे ले जाकर उसकी देखभाल करो; ध्यान रहे उसकी कोई हानि न होने पाए, उसके साथ वही किया जाए, जिसका वह तुमसे आग्रह करता है.” 13इसलिये अंगरक्षकों के प्रधान नेबुज़रादान ने रब-सारिस नबूषाज़बान तथा रब-माग नेरगल-शारेज़र के द्वारा तथा बाबेल के राजा के सारे प्रमुख अधिकारियों के द्वारा यह संदेश प्रसारित कर दिया 14उन्होंने कुछ व्यक्तियों को भेजा और उन्होंने येरेमियाह को पहरे के आंगन से निकालकर शापान के पौत्र अहीकाम के पुत्र, गेदालियाह को सौंप दिया, कि वह येरेमियाह को अपने आवास ले जाए. इस प्रकार येरेमियाह लोगों के मध्य रहने लगे.

15ऐसा हुआ कि जब येरेमियाह पहरे के आंगन में बंदी बनाकर रखे गए थे, उनके पास याहवेह का यह संदेश आ चुका था: 16“जाकर कूश देशवासी एबेद-मेलेख को यह सूचित करो, ‘इस्राएल के परमेश्वर, सेनाओं के याहवेह की यह वाणी है: यह देखना, कि इस नगर के लिए की गई अपनी पूर्ववाणी को मैं कृतार्थ करने पर हूं—उस वाणी को, जो इसके विध्वंस की वाणी थी, समृद्धि की नहीं. विध्वंस के उस दिन को देखने के लिए तुम जीवित रहोगे. 17किंतु उस दिन मैं तुम्हें इस विध्वंस से बचा लूंगा, यह याहवेह की वाणी है; तुम उन लोगों द्वारा बंदी नहीं बनाए जाओगे, जो तुम्हारे लिए भयास्पद हैं. 18क्योंकि मैं तुम्हें निःसंदेह उनसे बचा लूंगा, तुम तलवार से घात नहीं किए जाओगे. तुम्हारा अपना जीवन ही लूट सामग्री सदृश तुम्हारा छुटकारा होगा, क्योंकि तुमने मुझ पर भरोसा किया है, यह याहवेह की वाणी है.’ ”