Забур 98 CARS - स्तोत्र 98 HCV

Священное Писание

Забур 98:1-9

Песнь 98

1Вечный царствует;

пусть трепещут народы!

Он восседает на херувимах;

пусть содрогнётся земля!

2Вечный велик на Сионе;

Он превознесён над всеми народами.

3Да восхвалят они Твоё великое и грозное имя:

Ты свят!

4Царь могуществен и любит справедливость.

Ты установил правосудие

и в Исраиле98:4 Букв.: «в Якубе». Исраильтяне были потомками Якуба, которому Всевышний дал новое имя – Исраил (см. Нач. 32:27-28). совершил то, что справедливо и праведно.

5Превозносите Вечного, нашего Бога,

и поклонитесь Ему у подножия98:5 Подножие – так обычно называли сундук соглашения, над которым восседал Вечный (см. 1 Лет. 28:2). для ног Его: Он свят!

6Муса и Харун – среди Его священнослужителей,

и Шемуил – среди призывающих имя Его.

Они призывали Вечного,

и Он ответил им.

7В облачном столпе говорил Он к ним;

они сохранили Его заповеди

и установления, которые Он им дал.

8Ты ответил им, о Вечный, наш Бог;

Ты был для них Богом прощающим,

но и наказывал их за проступки.

9Превозносите Вечного, нашего Бога

и прославляйте Его на святой горе Его,

потому что свят Вечный, наш Бог.

Hindi Contemporary Version

स्तोत्र 98:1-9

स्तोत्र 98

एक स्तोत्र.

1याहवेह की स्तुति में एक नया गीत गाओ,

क्योंकि उन्होंने अद्भुत कार्य किए हैं;

उनके दायें हाथ तथा उनकी पवित्र भुजा ने

जय प्राप्त की है.

2याहवेह ने राष्ट्रों पर अपना उद्धार

तथा अपनी धार्मिकता परमेश्वर ने प्रकाशित की है.

3इस्राएल वंश के लिए उन्होंने अपनी करुणा-प्रेम

तथा सच्चाई को भूला नहीं;

पृथ्वी के छोर-छोर तक लोगों ने हमारे

परमेश्वर के उद्धार को देख लिया है.

4याहवेह के लिए समस्त पृथ्वी का आनंद उच्च स्वर में प्रस्तुत हो,

संगीत की संगत पर हर्षोल्लास के गीत उमड़ पड़ें;

5सारंगी पर याहवेह के स्तवन करे,

हां, किन्नोर की संगत पर मधुर धुन के गीत के द्वारा.

6तुरहियों तथा शोफ़ार के उच्च नाद के साथ याहवेह,

हमारे राजा, के लिए उच्च स्वर में हर्षोल्लास का घोष किया जाए.

7समुद्र तथा इसमें मगन सभी कुछ उसे हर्षनाद करे,

साथ ही संसार और इसके निवासी भी.

8नदियां तालियां बजाएं,

पर्वत मिलकर हर्षगान गाएं;

9वे सभी याहवेह की उपस्थिति में गाएं,

क्योंकि वह आनेवाला हैं. पृथ्वी पर उनके आने का उद्देश्य है पृथ्वी का न्याय करना.

उनका न्याय धार्मिकता में पूर्ण होगा;

वह मनुष्यों का न्याय अपनी ही सच्चाई के अनुरूप करेंगे.