Забур 80 CARS - स्तोत्र 80 HCV

Священное Писание

Забур 80:1-17

Песнь 80

1Дирижёру хора. Под гиттит80:1 Гиттит – неизвестный термин, обозначающий музыкальный стиль или инструмент. Возможно также, что это указание на ритм, песню или танец, которые имитируют движения работников, топчущих виноград в давильне.. Песнь Асафа.

2Радостно пойте Всевышнему, нашей твердыне,

восклицайте Богу Якуба.

3Пусть грянет музыка!

Ударьте в бубны

и троньте струны сладкозвучной арфы и лиры.

4Трубите в рог в праздник Новолуния

и в полнолуние, в день нашего праздника80:4 Праздник Новолуния – исраильтяне, пользовавшиеся лунным календарём, праздновали начало каждого месяца, которое совпадало с новолунием (см. Чис. 28:11-15). Многие специальные молитвенные собрания и празднества начинались и во время полнолуния. А под упомянутым праздником, вероятно, имеется в виду праздник Шалашей или праздник Освобождения (см. таблицу «Праздники в Исраиле»).,

5так как это установление для Исраила,

закон от Бога Якуба.

6Он установил это как заповедь для Юсуфа,

когда тот вышел из земли египетской.

Я услышал голос, которого не знал:

7«Я снял тяжёлую ношу с его плеч,

и руки его освободились от корзин.

8В бедствии ты призвал Меня, и Я спас тебя;

из тучи грозовой Я ответил тебе;

при водах Меривы80:8 См. Исх. 17:1-7 и Чис. 20:1-13. испытал тебя. Пауза

9Слушай, Мой народ, и Я предостерегу тебя.

О Исраил, если бы ты послушал Меня!

10Да не будет у тебя иного бога

и не поклоняйся богу чужеземному.

11Я – Вечный, твой Бог,

Тот, Кто вывел тебя из земли египетской.

Открой свои уста, и Я наполню их.

12Но народ Мой не слушал Моего голоса,

Исраил не покорялся Мне.

13Потому Я и оставил их во власти их упрямых сердец

и позволил им следовать помыслам своим.

14О, если бы народ Мой слушал Меня

и Исраил ходил Моими путями!

15Я вскоре бы смирил их врагов

и обратил бы Свою руку против их неприятелей.

16Ненавидящие Вечного раболепствовали бы перед Ним,

и их наказание продолжалось бы вечно80:16 Или: «а их (Исраила) благоденствие продолжалось бы всегда»..

17Я питал бы их лучшей пшеницей

и насыщал бы их мёдом из сот,

что в скалистых расщелинах».

Hindi Contemporary Version

स्तोत्र 80:1-19

स्तोत्र 80

संगीत निर्देशक के लिये. “वाचा की कुमुदिनी” धुन पर आधारित. आसफ की रचना. एक स्तोत्र.

1इस्राएल के चरवाहे, हमारी सुनिए, आप ही हैं,

जो योसेफ़ की अगुवाई भेड़ों के वृन्द की रीति से करते हैं.

आप, जो करूबों के मध्य विराजमान हैं,

प्रकाशमान हों! 2एफ्राईम, बिन्यामिन तथा मनश्शेह

के सामने अपने सामर्थ्य को प्रगट कीजिए;

और हमारी रक्षा कीजिए.

3परमेश्वर, हमें हमारी पूर्व स्थिति प्रदान कीजिए;

हम पर अपना मुख प्रकाशित कीजिए,

कि हमारा उद्धार हो जाए.

4याहवेह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर,

कब तक आपकी प्रजा की प्रार्थनाओं के प्रति,

आपका कोप भीतर ही भीतर सुलगता रहेगा?

5आपने आंसुओं को उनका आहार बना छोड़ा है;

आपने उन्हें विवश कर दिया है, कि वे कटोरे भर-भर आंसू पिएं.

6आपने हमें अपने पड़ोसियों के लिए विवाद का कारण बना दिया है,

हमारे शत्रु हमारा उपहास करते हैं.

7सर्वशक्तिमान परमेश्वर, हमें हमारी पूर्व स्थिति प्रदान कर दीजिए;

हम पर अपना मुख प्रकाशित कीजिए,

कि हमारा उद्धार हो जाए.

8मिस्र देश से आप एक द्राक्षालता ले आए;

आपने राष्ट्रों को काटकर इसे वहां रोप दिया.

9आपने इसके लिए भूमि तैयार की.

इस लता ने जड़ पकड़ी और इसने समस्त भूमि आच्छादित कर दी.

10इसकी छाया ने तथा मजबूत देवदार की शाखाओं ने,

पर्वतों को ढंक लिया था.

11वह अपनी शाखाएं समुद्र तक,

तथा किशलय नदी तक फैलाए हुए था.

12आपने इसकी सुरक्षा की दीवारें क्यों ढाह दीं,

कि आते-जाते लोग इसके द्राक्षा तोड़ते जाएं?

13जंगली सूअर इसे निगल जाते,

तथा मैदान के पशु इसे अपना आहार बनाते हैं.

14सर्वशक्तिमान परमेश्वर, हम आग्रह करते हैं, आप लौट आइए!

स्वर्ग से दृष्टिपात कीजिए!

और इस ओर ध्यान दीजिए,

15और इस द्राक्षालता की हां उस पौधे की जिसे आपके दायें हाथ ने लगाया है,

तथा उस पुत्र को, जिसे आपने स्वयं सशक्त बनाया है, सोच लीजिए.

16आपकी इस द्राक्षालता को काट डाला गया है, इसे अग्नि में भस्म कर दिया गया है;

आपकी फटकार-मात्र आपकी प्रजा को नष्ट करने के लिए काफ़ी है.

17उस पुरुष पर आपके दायें हाथ का आश्वासन स्थिर रहे, जो आपके दायें पक्ष में उपस्थित है,

वह मनुष्य का पुत्रजिसे आपने अपने लिए तैयार किया है.

18तब हम आप से दूर न होंगे;

हमें जिलाइए, हम आपके ही नाम को पुकारेंगे.

19याहवेह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, हमें पुनर्स्थापित कीजिए;

अपना मुख हम पर प्रकाशित कीजिए

कि हम सुरक्षित रहेंगे.