Забур 75 CARS - स्तोत्र 75 HCV

Священное Писание

Забур 75:1-13

Песнь 75

1Дирижёру хора. На струнных инструментах. Песнопение Асафа.

2Известен Всевышний в Иудее;

велико Его имя в Исраиле.

3В Салиме75:3 Салим – древнее название Иерусалима (см. Нач. 14:18). было жилище Его

и на Сионе – обитель Его.

4Там Он сокрушил сверкающие стрелы,

щит и меч, орудия войны. Пауза

5Ты сияешь во свете;

Ты величественнее, чем горы, полные дичи.

6Храбрые воины стали добычею,

уснули последним сном;

ни один из них не смог даже руку поднять.

7Бог Якуба, от грозного крика Твоего

и колесничие, и кони упали замертво.

8Лишь Тебя надо бояться;

и кто устоит пред Тобой,

когда Ты в гневе?

9Ты вынес Свой суд с небес;

вся земля испугалась и притихла,

10когда Всевышний восстал на суд,

чтобы спасти всех угнетённых на земле. Пауза

11Истинно, Твой гнев на людей принесёт Тебе хвалу75:11 Или: «гнев человеческий обратится в хвалу Тебе».,

и выживших после Твоего гнева Ты смиришь75:11 Или: «и Ты высвободишь Свой гнев в полной мере»; или: «и оставшийся гнев Ты смиришь»..

12Давайте обеты Вечному, вашему Богу, и исполняйте их;

все, кто вокруг Него, приносите дары Грозному.

13Он сокрушает дух вождей;

Он страшен для земных царей.

Hindi Contemporary Version

स्तोत्र 75:1-10

स्तोत्र 75

संगीत निर्देशक के लिये. “अलतशख़ेथ” धुन पर आधारित. आसफ का एक स्तोत्र. एक गीत.

1परमेश्वर, हम अपने हृदय के आभार आपको प्रस्तुत करते हैं,

हम आपका आभार मानते हैं क्योंकि आप अपनी महिमा सहित हमारे निकट हैं;

लोग आपके महाकार्य का वर्णन सर्वत्र कर रहे हैं.

2आपका कथन है, “उपयुक्त समय का निर्धारण मैं करता हूं;

निष्पक्ष न्याय भी मेरा ही होता है.

3जब भूकंप होता है और पृथ्वी के निवासी भयभीत हो कांप उठते हैं,

तब मैं ही हूं, जो पृथ्वी के स्तंभों को दृढ़तापूर्वक थामे रखता हूं.

4अहंकारी से मैंने कहा, ‘घमंड न करो,’

और दुष्ट से, ‘अपने सींग ऊंचे न करो,

5स्वर्ग की ओर सींग उठाने का साहस न करना;

अपना सिर ऊंचा कर बातें न करना.’ ”

6न तो पूर्व से, न पश्चिम से और न ही दक्षिण की वन से,

कोई किसी मनुष्य को ऊंचा कर सकता है.

7मात्र परमेश्वर ही न्याय करते हैं:

वह किसी को ऊंचा करते हैं और किसी को नीचा.

8याहवेह के हाथों में एक कटोरा है

उसमें मसालों से मिली उफनती दाखमधु है;

वह इसे उण्डेलते हैं और पृथ्वी के समस्त दुष्ट

तलछट तक इसका पान करते हैं.

9मेरी ओर से सर्वदा यही घोषणा होगी;

मैं याकोब के परमेश्वर का गुणगान करूंगा,

10जो कहते हैं, “मैं समस्त दुष्टों के सींग काट डालूंगा,

किंतु धर्मियों के सींग ऊंचे किए जाएंगे.”