Забур 45 CARS - स्तोत्र 45 HCV

Священное Писание

Забур 45:1-12

Песнь 45

1Дирижёру хора. Под аламот45:1 Аламот – неизвестный музыкальный термин, обозначающий, вероятнее всего, определённый стиль или верхний звуковой регистр.. Песнь потомков Кораха.

2Всевышний – прибежище нам и сила,

верный помощник в бедах.

3Потому и не устрашимся мы,

пусть даже дрогнет сама земля,

и горы обрушатся в бездну моря,

4пусть воды морские ревут и пенятся,

и горы дрожат от их волнения. Пауза

5Речные потоки радуют город Всевышнего45:5 То есть Иерусалим.,

святое жилище Высочайшего.

6Всевышний в этом городе, и он не падёт;

Всевышний поддерживает его с раннего утра.

7Народы мятутся, и царства рушатся;

подаёт Он Свой голос – и тает земля.

8С нами Вечный, Повелитель Сил;

Бог Якуба – наша крепость. Пауза

9Придите, посмотрите на дела Вечного,

какие опустошения Он произвёл на земле.

10До краёв земли прекращает Он войны,

ломает луки и копья

и сжигает дотла щиты45:10 Или: «колесницы»..

11Он говорит: «Остановитесь, познайте, что Я – Бог;

Я прославлюсь в народах,

прославлюсь на земле».

12С нами Вечный, Повелитель Сил;

Бог Якуба – наша крепость. Пауза

Hindi Contemporary Version

स्तोत्र 45:1-17

स्तोत्र 45

संगीत निर्देशक के लिये. “कुमुदिनी” धुन पर आधारित. कोराह के पुत्रों की रचना. एक मसकील.45:0 शीर्षक: शायद साहित्यिक या संगीत संबंधित एक शब्द एक विवाह गीत.

1राजा के सम्मान में कविता पाठ करते हुए

मेरे हृदय में मधुर भाव उमड़ रहा हैं;

मेरी जीभ कुशल लेखक की लेखनी बन गई है.

2आप ही पुरुषों में सर्वश्रेष्ठ हैं,

आपके ओंठों में अनुग्रह भरा होता है,

क्योंकि स्वयं परमेश्वर द्वारा आपको सदैव के लिए आशीषित किया गया है.

3परमवीर योद्धा, तलवार से सुसज्जित हो जाइए;

ऐश्वर्य और तेज धारण कर लीजिए.

4जयन्त की सफलता में ऐश्वर्य के साथ अपने अश्व पर सवार हो जाइए

सत्य, विनम्रता तथा धर्मी में;

आपका दायां हाथ अद्भुत कार्य कर दिखाए.

5आपके तीक्ष्ण बाण राजा के शत्रुओं के हृदय बेध दें;

राष्ट्र आप से नाश हो आपके चरणों में गिर पड़ें.

6परमेश्वर, आपका सिंहासन अमर है;

आपके राज्य का राजदंड वही होगा, जो सच्चाई का राजदंड है.

7धार्मिकता आपको प्रिय है तथा दुष्टता घृणास्पद;

यही कारण है कि परमेश्वर,

आपके परमेश्वर ने हर्ष के तेल से आपको अभिषिक्त करके आपके समस्त साथियों से ऊंचे स्थान पर बसा दिया है.

8आपके सभी वस्त्र गन्धरस, अगरू तथा तेजपात से सुगंधित किए गए हैं;

हाथी-दांत से जड़ित राजमहल

से मधुर तन्तु वाद्यों का संगीत आपको मगन करता रहता है.

9आपके राज्य में आदरणीय स्त्रियों के पद पर राजकुमारियां हैं;

आपके दायें पक्ष में ओफीर राज्य के कुन्दन से सजी राज-वधू विराजमान हैं.

10राजकन्या, सुनिए, ध्यान दीजिए और विचार कीजिए:

अब आपका राज्य और आपके पिता का परिवार प्राचीन काल का विषय हो गया.

11तब महाराज आपके सौंदर्य की कामना करेंगे;

क्योंकि वह आपके स्वामी हैं, अब आप उनके सामने नतमस्तक हों.

12सोर देश की राजकन्या उपहार लेकर आएंगी,

धनी पुरुष आपकी कृपादृष्टि की कामना करेंगे.

13अन्तःपुर में राजकन्या ने भव्य शृंगार किया है;

उनके वस्त्र पर सोने के धागों से कढ़ाई की गई है.

14कढ़ाई किए गए वस्त्र धारण किए हुए उन्हें राजा के निकट ले जाया जा रहा है;

उनके पीछे कुंवारी वधू सहेलियों की पंक्तियां चल रही हैं.

यह समूह अब आपके निकट पहुंच रहा है.

15ये सभी आनंद एवं उल्लास के भाव में यहां आ पहुंचे हैं,

अब उन्होंने राजमहल में प्रवेश किया है.

16आपके पुत्र पूर्वजों के स्थान पर होंगे;

आप उन्हें समस्त देश के शासक बना देंगे.

17सभी पीढ़ियों के लिए मैं आपकी महिमा सजीव रखूंगा;

तब समस्त राष्ट्र सदा-सर्वदा आपका धन्यवाद करेंगे.