Забур 141 CARS - स्तोत्र 141 HCV

Священное Писание

Забур 141:1-7

Песнь 141

Наставление Давуда. Молитва Давуда, когда он находился в пещереПеснь 141 См. 1 Цар. 22:1-2; 24:1-23..

1Громко взываю я к Вечному,

громко Вечного умоляю.

2Перед Ним я излил свою жалобу

и открыл Ему свою скорбь.

3Когда изнемогал во мне дух,

Ты знал мой путь.

На дороге, по которой я шёл,

тайно поставили для меня сеть.

4Я смотрю вокруг, ища своего защитника,

но вижу, что никому нет до меня дела.

Нет у меня убежища;

никто не заботится о моей жизни.

5Взываю я к Тебе, Вечный,

и говорю: «Ты – моё убежище

и мой удел в земле живых».

6Прислушайся к моему молению,

потому что я сильно изнемог;

избавь меня от преследователей,

потому что они сильнее меня.

7Освободи меня из темницы,

чтобы я вознёс хвалу имени Твоему.

Меня обступят праведники,

когда Ты воздашь мне добром.

Hindi Contemporary Version

स्तोत्र 141:1-10

स्तोत्र 141

दावीद का एक स्तोत्र.

1याहवेह, मैं आपको पुकार रहा हूं, मेरी सहायता के लिए शीघ्रतापूर्वक आइए;

जब मैं आपको पुकारूं, मेरी पुकार पर ध्यान दीजिए.

2आपके सामने मेरी प्रार्थना सुगंध-धूप;

तथा मेरे हाथ उठाना, सान्ध्य बलि समर्पण जैसा हो जाए.

3याहवेह, मेरे मुख पर पहरा बैठा दीजिए;

मेरे ओंठों के द्वार की चौकसी कीजिए.

4मेरे हृदय को किसी भी अनाचार की ओर जाने न दीजिए

मुझे कुकृत्यों में शामिल होने से रोक लीजिए,

मुझे दुष्टों की संगति से बचाइए;

मुझे उनके उत्कृष्ट भोजन को चखने से बचाइए.

5कोई धर्मी पुरुष मुझे ताड़ना करे, मैं इसे कृपा के रूप में स्वीकार करूंगा;

वह मुझे डांट लगाए, यह मेरे सिर के अभ्यंजन तुल्य है.

इसे अस्वीकार करना मेरे लिए उपयुक्त नहीं,

फिर भी मैं निरंतर दुष्टों के बुराई के कार्यों के विरुद्ध प्रार्थना करता रहूंगा.

6जब उनके प्रधानों को ऊंची चट्टान से नीचे फेंक दिया जाएगा तब उन्हें मेरे इस वक्तव्य पर स्मरण आएगा,

कि यह कितना सान्त्वनापूर्ण एवं सुखदाई वक्तव्य है:

7“जैसे हल चलाने के बाद भूमि टूटकर बिखर जाती है,

वैसे ही हमारी हड्डियों को टूटे अधोलोक के मुख पर बिखरा दिया जाएगा.”

8मेरे प्रभु, मेरे याहवेह, मेरी दृष्टि आप ही पर लगी हुई है;

आप ही मेरा आश्रय हैं, मुझे असुरक्षित न छोड़िएगा.

9मुझे उन फन्दों से सुरक्षा प्रदान कीजिए, जो उन्होंने मेरे लिए बिछाए हैं,

उन फन्दों से, जो दुष्टों द्वारा मेरे लिए तैयार किए गए हैं.

10दुर्जन अपने ही जाल में फंस जाएं,

और मैं सुरक्षित पार निकल जाऊं.