Забур 125 CARS - स्तोत्र 125 HCV

Священное Писание

Забур 125:1-6

Песнь 125

Песнь восхождения.

1Когда Вечный вернул благополучие Сиону,

мы были как бы во сне.

2Тогда мы смеялись

и пели радостные песни.

Тогда говорили народы:

«Великие дела сотворил для них Вечный».

3Великие дела сотворил для нас Вечный,

и мы полны радости.

4Верни нам благополучие, Вечный,

как высохшие русла рек в пустыне Негев

вновь наполняются водой.

5Сеявшие со слезами

будут пожинать с радостью.

6С плачем несущий суму с семенами

с радостью возвратится,

неся свои снопы.

Hindi Contemporary Version

स्तोत्र 125:1-5

स्तोत्र 125

आराधना के लिए यात्रियों के गीत.

1जिन्होंने याहवेह पर भरोसा किया है, वे ज़ियोन पर्वत-समान हैं,

जिसे हिलाया नहीं जा सकता, जो सदा-सर्वदा स्थायी है.

2जिस प्रकार पर्वतों ने येरूशलेम को घेरा हुआ है,

उसी प्रकार याहवेह भी अपनी प्रजा को घेरे हुए हैं

आज भी और सदा-सर्वदा.

3धर्मियों को आवंटित भूमि पर

दुष्टों का राजदंड स्थायी न रहेगा,

कहीं ऐसा न हो कि धर्मियों के हाथ

बुराई की ओर बढ़ जाएं.

4याहवेह, धर्मियों का कल्याण कीजिए,

उनका, जिनके हृदय निष्ठ हैं.

5उन्हें, जो दुष्टता के मार्ग की ओर मुड़ जाते हैं

याहवेह उन्हें दुष्टों के साथ काट देंगे.

इस्राएल राष्ट्र में शांति व्याप्त हो.