Забур 109 CARS - स्तोत्र 109 HCV

Священное Писание

Забур 109:1-7

Песнь 109Песнь 109 Эта песнь является пророчеством об Исе Масихе (см. Мат. 22:41-46; Деян. 2:34-36; Евр. 5:5-10). Многие толкователи считают, что эта песнь изначально использовалась во время коронации исраильских царей.

Песнь Давуда.

1Вечный сказал моему Повелителю:

«Сядь по правую руку от Меня,

пока Я не повергну всех врагов Твоих

к ногам Твоим».

2Вечный распространит Твою власть за пределы Сиона.

Правь над врагами Твоими!

3В тот день Твой народ добровольно

пойдёт за Тобой на битву,

облачённый в святые одеяния.

Твоя сила будет обновляться

каждый день, как утренняя роса.

4Поклялся Вечный

и не откажется:

«Ты – священнослужитель навеки,

подобный Малик-Цедеку»109:4 См. Нач. 14:17-20..

5Владыка по правую руку от Тебя;

Он сразит царей в день Своего гнева.

6Будет судить народы, покроет поле боя их трупами,

сокрушит головы по всей земле.

7Он будет на пути пить из водного потока

и победоносно поднимет голову.

Hindi Contemporary Version

स्तोत्र 109:1-31

स्तोत्र 109

संगीत निर्देशक के लिये. दावीद की रचना. एक स्तोत्र.

1परमेश्वर, मेरे स्तुति पात्र,

निष्क्रिय और चुप न रहिए.

2दुष्ट और झूठे पुरुषों ने मेरी निंदा

करना प्रारंभ कर दिया है;

वे जो कुछ कहकर मेरी निंदा कर रहे हैं, वह सभी झूठ है.

3उन्होंने मुझ पर घिनौने शब्दों की बौछार कर दी;

अकारण ही उन्होंने मुझ पर आक्रमण कर दिया है.

4उन्होंने मेरी मैत्री के बदले मुझ पर आरोप लगाये,

किंतु प्रार्थना में मेरा अटूट विश्वास है.

5उन्होंने मेरे हित का प्रतिफल बुराई में दिया है,

तथा मेरी मैत्री का प्रतिफल घृणा में.

6आप उसका प्रतिरोध करने के लिए किसी दुष्ट पुरुष को ही बसा लीजिए;

उसके दायें पक्ष पर कोई विरोधी खड़ा हो जाए.

7जब उस पर न्याय चलाया जाए तब वह दोषी पाया जाए,

उसी की प्रार्थनाएं उसके लिए दंड-आज्ञा हो जाए.

8उसकी आयु कम हो जाए;

उसके पद को कोई अन्य हड़प ले.

9उसकी संतान पितृहीन हो जाए

तथा उसकी पत्नी विधवा.

10उसकी संतान भटकें और भीख मांगे;

वे अपने उजड़े घर से दूर जाकर भोजन के लिए तरस जाएं.

11महाजन उसका सर्वस्व हड़प लें;

उसके परिश्रम की संपूर्ण निधि परदेशी लोग लूट लें.

12उसे किसी की भी कृपा प्राप्त न हो

और न कोई उसकी पितृहीन संतान पर करुणा प्रदर्शित करे.

13उसका वंश ही मिट जाए,

आगामी पीढ़ी की सूची से उनका नाम मिट जाए.

14याहवेह के सामने उसके पूर्वजों का अपराध स्मरण दिलाया जाए;

उसकी माता का पाप कभी क्षमा न किया जाए.

15याहवेह के सामने उन सभी के पाप बने रहें,

कि वह उन सबका नाम पृथ्वी पर से ही मिटा दें.

16करुणाभाव उसके मन में कभी आया ही नहीं,

वह खोज-खोज कर निर्धनों,

दीनों तथा खेदितमनवालों की हत्या करता है.

17शाप देना उसे अत्यंत प्रिय है,

वही शाप उस पर आ पड़े.

किसी की हितकामना करने में उसे कोई आनंद प्राप्त नहीं होता—

उत्तम यही होगा कि हित उससे ही दूर-दूर बना रहे.

18वस्तुतः उसके लिए शाप देना ऐसा ही हो गया था, जैसे वस्त्र धारण करना;

शाप उसके जीवन का अंश वैसा ही हो गया था, जैसा जल शरीर का अंश होता है,

जैसे तेल हड्डियों का अंश हो जाता है.

19शाप ही उसके शरीर का आवरण बन जाए,

कटिबंध समान, जो वस्त्र को सदैव समेटे रहता है.

20याहवेह की ओर से मेरे विरोधियों के लिए यही प्रतिफल हो,

उनके लिए, जो मेरी निंदा करते रहते हैं.

21किंतु आप, सर्वसत्ताधारी याहवेह,

अपनी महिमा के अनुरूप मुझ पर कृपा कीजिए;

अपने करुणा-प्रेम के कारण मेरा उद्धार कीजिए.

22मैं दीन और दरिद्र हूं,

और मेरा हृदय घायल है.

23संध्याकालीन छाया-समान मेरा अस्तित्व समाप्ति पर है;

मुझे ऐसे झाड़ दिया जाता है मानो मैं अरबेह टिड्डी हूं.

24उपवास के कारण मेरे घुटने दुर्बल हो चुके हैं;

मेरा शरीर क्षीण और कमजोर हो गया है.

25मेरे विरोधियों के लिए मैं घृणास्पद हो चुका हूं;

मुझे देखते ही वे सिर हिलाने लगते हैं.

26याहवेह मेरे परमेश्वर, मेरी सहायता कीजिए;

अपने करुणा-प्रेम के कारण मेरा उद्धार कीजिए.

27उनको यह स्पष्ट हो जाए कि जो कुछ हो रहा है, वह आपके बाहुबल के कारण ही हो रहा है,

यह कि याहवेह, यह सब आपने ही किया है.

28वे शाप देते रहे, किंतु आप आशीर्वचन ही कहें;

तब जब वे, आक्रमण करेंगे, उन्हें लज्जित होना पड़ेगा,

यह आपके सेवक के लिए आनंद का विषय होगा.

29मेरे विरोधियों को अनादर के वस्त्रों के समान धारण करनी होगी,

वे अपनी ही लज्जा को कंबल जैसे लपेट लेंगे.

30मेरे मुख की वाणी याहवेह के सम्मान में उच्चतम धन्यवाद होगी;

विशाल जनसमूह के सामने मैं उनका स्तवन करूंगा,

31क्योंकि याहवेह दुःखितों की सहायता के लिए उसके निकट दायें पक्ष पर आ खड़े रहते हैं,

कि वह उनके जीवन को उन सबसे सुरक्षा प्रदान करें, जिन्होंने उसके लिए मृत्यु दंड निर्धारित किया था.