Забур 100 CARS - स्तोत्र 100 HCV

Священное Писание

Забур 100:1-8

Песнь 100

Песнь Давуда.

1О милости и правосудии воспою;

Тебе, Вечный, я буду петь.

2Пойду непорочным путём.

Когда придёшь Ты ко мне?

В доме своём буду ходить

с чистой душой.

3Не положу ничего порочного

пред глазами своими.

Ненавижу дела неверных,

не пристанут они ко мне.

4Развращённое сердце будет удалено от меня;

зла не хочу знать.

5Кто тайно клевещет на своего ближнего,

того истреблю;

высокомерного взгляда и гордого сердца

не потерплю.

6Глаза мои обращены на верных людей в стране,

чтобы они были при мне;

ходящий по праведному пути

будет служить мне.

7Лжец не будет жить в моём доме,

не позволю обманщику быть рядом со мной.

8Каждое утро буду истреблять всех нечестивых земли,

искореню всех беззаконных в Иерусалиме100:8 Букв.: «в городе Вечного»..

Hindi Contemporary Version

स्तोत्र 100:1-5

स्तोत्र 100

एक स्तोत्र. धन्यवाद के लिए गीत

1हर्षोल्लास में याहवेह के स्तवन में समस्त पृथ्वी उच्च स्वर में घोष करे.

2याहवेह की सेवा-आराधना आनंदपूर्वक की जाए;

हर्ष गीत गाते हुए उनकी उपस्थिति में प्रवेश किया जाए.

3यह समझ लो कि स्वयं याहवेह ही परमेश्वर हैं.

हमारी रचना उन्हीं ने की है, स्वयं हमने नहीं; हम पर उन्हीं का स्वामित्व है.

हम उनकी प्रजा, उनकी चराई की भेड़ें हैं.

4धन्यवाद के भाव में उनके द्वारों में

और स्तवन भाव में उनके आंगनों में प्रवेश करो;

उनकी महिमा को धन्य कहो.

5याहवेह भले हैं;

उनकी करुणा सदा की है;

उनकी सच्चाई का प्रसरण समस्त पीढ़ियों में होता जाता है.